‎वृंदावन और बरसाना, पवित्र तीर्थ स्थल घोषित, शराब और मांस पे प्रतिबंध

 

भाजपा शासित राज्य उत्तरप्रदेश सरकार ने कल शुक्रवार को मथुरा जिले स्थित बरसाना और वृंदावन को ‘पवित्र तीर्थ स्थान’ घोषित किया है और साथ ही तत्काल प्रभाव से मांस और शराब की दुकानों पर प्रतिबंध लगा दिया।

‎मथुरा का वृंदावन एक विश्व प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है जहां लाखों पर्यटक और धार्मिक श्रद्धालु हर साल भ्रमण करने आते है। भगवान श्रीकृष्ण और उनके अग्रज भ्राता श्री बलराम का जन्मस्थान ‘वृंदावन’ माना जाता है। मथुरा जिले के ही बरसाना राधा का जन्मस्थान है। यही कारण है कि इन दोनों स्थानों को ‘पवित्र तीर्थ स्थान’ के रूप में घोषित किया गया है। 

‎सरकार का यह कदम यहां आने वाले लाखो पर्यटकों के धार्मिक मनोभावों को देखते हुए किया गया है। हालांकि उत्तर प्रदेश में ऐसा पहले भी हरिद्वार के लिए किया जा चुका है किन्तु राज्य विभाजन के पश्चात हरिद्वार, उत्तराखंड राज्य के हिस्से आया। बरसाना और वृंदावन, तीर्थ स्थल के रूप में दर्ज होने वाले उत्तर प्रदेश राज्य के पहले दो स्थान है।

राज्य सरकार ने एक संगठित दिशा की ओर कदम बढ़ाते हुए, मथुरा नगर निगम के निर्माण के लिए मथुरा नगरपालिका बोर्ड के साथ वृंदावन नगर पंचायत का विलय कर दिया है।

‎‎हालांकि कयास ये भी लगाया जा रहा है कि अगले महीने होने वाली नगरपालिका के चुनाव के लिए  मतदाताओं को लुभाने के लिए सरकार ने ये कदम उठाया है।

‎वही कुछ लोगो का ये भी कहना है कि मुख्यमंत्री योगी जी अपने हिंदुत्व समर्थक की छवि को कायम रखने के लिए और 2019 के लोकसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए ऐसी घोषणा की है।

‎खैर,ये कदम जिस कारण भी उठाया गया हो, एक अच्छा प्रयास है क्योंकि वृंदावन और बरसाना एक ऐतिहासिक के साथ-साथ धार्मिक स्थल है जहां इस प्रकार की चीज़ें कभी भी किसी की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुच सकती है। उक्त स्थानों को लेकर श्रद्धालुओं में एक विश्वास है जो आने वाले वक्त में भी इसी प्रकार कायम रखा जा सकता है। और राज्य सरकार ने इन दोनों ही स्थानों को ‘पवित्र तीर्थ स्थल’ घोषित कर के अपने मंसूबे साफ कर दिए है की वो अपने धरोहरों को सहेजने में किसी भी प्रकार का समझौता नही करनेवाली।