2 दिन, 13 पेंटिंग और कीमत 1,210 करोड़ रुपये, खरीदने वाली कंपनी एक

Marie Therese Walter

क्या किसी पेंटिंग की कीमत 1,010/- करोड़ रुपये हो सकती है? बेशक हो सकती है यदि वो पेंटिंग महान पेंटर ‘पिकासो’ की हो तो। ऐसा कहते है कि कला की कोई कीमत नहीं होती, कला बेशकीमती होती है। इस प्रकार के नायाब सौदों से ही यह कथन सत्य प्रतीत होता है अन्यथा हम भारतीय इतनी बड़ी रकम या इस प्रकार के मौद्रिक आंकड़े/लेन-देन अक्सर सिर्फ घोटालों में ही सुनते है। किसी भी कलाकृति की कीमत उसकी रचनाकार की प्रसिद्धि से जूड़ी होती है।

इस प्रकार की दुर्लभ पेंटिंग के खरीदार भी विशिष्ट व्यक्ति या कंपनी होती है। अंतरराष्ट्रीय कला सलाहकार फर्म ‘गुर जोंस’ ने मात्र दो दिनों में ही 13 पिकासो कलाकृतिलयो को खरीदा, जिसकी कुल कीमत 155 मिलियन डॉलर यानी कि भारीय मुद्रा के अनुसार 1,210 करोड़ रुपये।

यह अंतरराष्ट्रीय फर्म इन पेंटिंगों को विभिन्न ग्राहकों के लिए या फिर एकल ग्राहक के लिए खरीदारी कर रही है, यह स्पष्ट नहीं है। फर्म द्वारा खरीदे गए इस संग्रह में 69 मिलियन डॉलर की एक चित्र जो कि पिकासो की प्रेमिका ‘मैरी थ्रेसे वाल्टर’ की है।

स्पेन का यह महान चित्रकार बीसवीं सदी के सबसे चर्चित, विवादास्पद और समृद्ध कलाकार थे। ‘पाब्लो पिकासो’ जन्मजात कलाकार थे, उन्होंने तीक्ष्ण रेखाओं के उपयोग कर एक नया ट्रेंड ही स्थाओइट किया, हालांकि शुरुआती समय मे इसकी बहुत आलोचना हुई। उनकी पेंटिंग्स मानव वेदनाओं की जीवंत रूप होती थी।