जम्मू कश्मीर में बनेगी एशिया की सबसे बड़ी सुरंग, होगा जम्मू-कश्मीर-लेह-लदाख का तेजी से विकास

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जम्मू कश्मीर में करीब 6,800 करोड़ रुपये की लागत से एशिया में बनने वाली सबसे बड़ी सुरंग का शिलान्यास किया। यह सुरंग एशिया की सबसे लंबी दो तरफा यातायात सुविधा वाली सुरंग होगी। इस सुरंग के बनने से श्रीनगर-कारगिल-लेह के बीच सालभर सड़क संपर्क बनाए रखने में मदद मिलेगी। अभी दोनों जगहों के बीच का रास्ता करीब 6 महीने बंर्फ से ढके रहने के कारण बंद रहता है। अभी जोजिला दर्रे को पार करने में लगने वाला समय साढ़े तीन घंटे है, ये इस सुरंग के कारण घटकर सिर्फ 15 मिनट रह जाएगा। प्रधानमंत्री मोदी इस दौरे में श्रीनगर और जम्मू में रिंगरोड परियोजनाओं की आधारशिला भी रखेंगे।

प्रधानमंत्री लेह में 19वें लद्दाखी आध्यात्मिक गुरु कुशक बाकुला की 100वीं जयंती समारोह में शामिल हुए थे। पीएम मोदी ने यहां 19वें लद्दाखी आध्यात्मिक गुरु कुशक बाकुला को श्रद्धांजलि भी दी। लेह में पीएम ने कहा, ‘जम्मू-कश्मीर को विकास परियोजनाओं के लिए 25,000 करोड़ रुपये मिले हैं। इन परियोजनाओं का दूसरे राज्य के लोगों पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

सरकार ने जानकारी दी है कि, जोजिला सुरंग में सभी अत्याधुनिक सुरक्षा मानकों और सुविधाओं का ख्याल रखा जाएगा। इसमें ट्रांसवर्स वेंटिलेशन प्रणाली के साथ, 24×7 बिजली, आपातस्थिति में प्रकाश की सुविधा, CCTV से रिकॉर्डिंग, ट्रैफिक जाम से जुड़े उपकरण लगाये जाएंगे। इसमें हर 250 मीटर पर पैदल पारपथ, हर 750 मीटर पर वाहन पारपथ और किनारे खड़े होने की सुविधा भी होगी। साथ ही हर 125 मीटर पर इसमें आपात टेलीफोन और अग्निशमन उपकरणों की भी सुविधा होगी। यह सुरंग समुद्र तल से 11,578 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। दूसरी ओर श्रीनगर रिंगरोड 42.1 किलोमीटर लंबी होगी। साथ ही श्रीनगर से कारगिल और लेह के लिए एक नया मार्ग भी उपलब्ध कराएगी जो यात्रा के समय को कम करेगा। इसकी लागत 1,860 करोड़ रुपये होगी। जम्मू की रिंगरोड 58.25 किलोमीटर लंबी होगी। इसकी लागत 2,023 करोड़ रुपये होगी। इसके रास्ते में 8 बड़े पुल, 6 फ्लाईओवर, 2 सुरंग और 4 डक्ट होंगे। प्रधानमंत्री माता वैष्णो देवी मंदिर के नए रूट ताराकोटे मार्ग का उद्घाटन भी करेंगे तथा मंदिर में सामान ले जाने के लिए रोप वे की भी शुरूआत करेंगे।– मोदी ने कहा, “केंद्र की योजनाओं से इस क्षेत्र की इकोनॉमी को नई ताकत मिलेगी।”

– “लेह-लद्दाख की महिलाओं में जो सामर्थ्य है वो देखने लायक है। देश की यूनिवर्सिटी को अध्ययन करना चाहिए कि ऐसे दुर्गम इलाके जो 6-7 महीने के लिए दुनिया से कट जाते हैं।

-उन परिस्थितियों में यहां की माताएं और बहनें जीवन भी चलाती हैं, अर्थव्यवस्था भी चलाती हैं, ये देश के लिए गौरव की बात है, मैं इन्हें नमन करता हूं।”

यह सुरंग सेना के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण बताई जा रही है। सुरंग बन जाने के बाद 12 महीने आवागमन सुचारू रहेगा। प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह ने बताया कि, इस सुरंग से प्रति वर्ष करीब 99 करोड़ रुपये के ईंधन की बचत होगी। उनके मुताबिक इससे प्रतिदिन करीब 27 लाख रुपये के ईंधन की बचत की अनुमान लगाया गया है।