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आज का रिपोर्टर

रिपोर्टर कौन ?

आज का रिपोर्टर जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है, वर्तमान परिदृश्य में समाचारों को संचार-माध्यम से लोगों तक पहुँचाने के लिए इसकी स्थापना की गई है l वैसे समाचार के आदान-प्रदान के लिए तो सभी लोग आतुर और सक्रीय रहते हैं l किसी का जन्म हुआ तो फोन या सोशल मीडिया से इस खबर को दुसरे तक पहुंचा दिया, ये भी रिपोर्टिंग का ही एक अंग है l रिपोर्टर बनने के लिए ना तो किसी डिग्री और ना ही किसी अनुभव की जरुरत होती है l समाज में घटने वाली किसी भी घटना का विश्लेषण करते हुए संक्षिप्त शब्दों में लोगों के समक्ष रचनात्मक तरीके से प्रस्तुत करने कि प्रक्रिया को रिपोर्टिंग और प्रस्तुतकर्ता को रिपोर्टर कहते हैं l

मिशन बनाम व्यवसाय

पत्रकारिता की शुरुआत एक मिशन के तौर पर शुरू हुई l स्वतंत्र संग्राम के दौरान अधिकतर पत्र-पत्रकार का उद्देश्य जन-चेतना में देश के आज़ादी की भावना को प्रसारित करना था l वहीँ कुछ का उद्देश्य ख़राब शिक्षा व्यवस्था, छुआछूत, अन्धविश्वास, धार्मिक कुरीति के खिलाफ वैचारिक संघर्ष को तेज करने में सहयोग करना था l भारत में पत्रकारिता की शुरुआत 1764 ई. में ईस्ट इंडिया कंपनी एवं सरकार के कार्यों की सुचनाए लोगों के बीच प्रसारित करने के लिए हुआ था l तदुपरांत 1780 में जेम्स ऑगस्टक हिकी नामक रिपोर्टर ने बंगाल गजट नामक अख़बार निकलना शुरू किया, तब के रिपोर्टर हिकी को गवर्नर की आलोचना के कारण 500 रुपये का जुरमाना और 4 महीने की जेल कि सजा सुने गई l पुनः गवर्नर और न्यायाधीश की आलोचना के कारण उन्हें 5000 रुपये का जुर्माना एवं 1 साल कैद की सजा हुई, फलतः अख़बार बंद हो गया l उसके बाद तो हर क्रन्तिकारी एवं सामाजिक बदलाव वाले व्यक्ति या संगठन अपने स्तर पर मिशन के रूप में रिपोर्टिंग कि शुरुआत की l

कुछ उदाहरण

ऐसे गौरवान्वित इतिहास को देखकर ही आज के रिपोर्टर को ईमानदारी और अपने कर्तब्य के प्रति निष्ठा की सीख मिलती है l आज भी जब हम दुनिया के तमाम व्यवस्थाओं पर गौर करेंगे तो पाएंगे की पहले की तुलना में आज का रिपोर्टर भी अपने समाज को सुधारने की दिशा में ज्यादा सफल होता प्रतीत हो रहा है l इन्हें अपनी जान एवं इष्टों से बिछड़ने का भय नहीं होता और ना ही तंगहाली कि कोई शिकायत l प्रायः समाज के अंतिम वर्ग के लिए लिखने पढने और आवाज़ उठाने वाले रिपोर्टरों के पैर में ढंग का हवाई चप्पल भी नहीं होता l विभिन्न उदाहरणों से स्पष्ट होता है की आज के रिपोर्टर भी इस कड़ी को आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं l आपने बंगारू लक्ष्मण, मधु कोड़ा और राम-रहीम जैसे सैकड़ो लोगों का असली चेहरा समाज के बेनकाब करने का काम आज के रिपोर्टर ने ही किया है, भले ही इसके लिए उन्हें अपनी जान गँवानी पड़ी है l

स्थापना के कारण

जैसे हर सिक्के का दो पहलु होता है, उसी प्रकार आज के रिपोर्टर का भी एक दूसरा नकारात्मक पहलु हैं l जैसे ZEE News के संपादक सुधीर चौधरी को 200 करोड़ कि रिश्वत मांगने का हुए विडियो हम सबके समक्ष आया था l इसके साथ ही नोट में चिप होने जैसे स्तरहीन पत्रकारिता को जनता के समक्ष रखकर सभी को दिग्भ्रमित करने का कार्य किया l वहीँ कुछ चैनल ऐसे भी हैं जो दिन रात सरकार की हर गलत सहित अच्छी नीतियों की भी आलोचना में लगे रहते हैं l

इन्ही परिस्थितयों को देखते हुए आज का रिपोर्टर आप सब के बीच आया है जो हर खबर की जिम्मेदारी के साथ सरकार के सही और गलत फैसले का विश्लेषण कर जनता को अवगत कराने एवं जनता के समस्याओं से सरकार को अवगत कराने का सशक्त माध्यम होगा l इसके साथ ही विद्यार्थियों के लिए शिक्षा एवं रोजगार के लिए उचित मंच बनने का कार्य करेगा l अंधी TRP कि दौड़ और विज्ञापनदाताओं के दबाव से मुक्त होकर बेबाकी से अपनी आवाज को बुलंद करने के प्रति आज के रिपोर्टर कि अपनी प्रतिबद्धता है l