अपने कठिन श्रम से अर्जित धन का कैसे करे सुरक्षित निवेश, पाए वितीय सुरक्षा

‘आय’ और ‘व्यय’, मानवीय जीवन-चक्र में अनवरत रूप से चलने वाले दो अहम पहलू है। इन दो चक्रो के मध्य ‘बचत’ एक अभिन्न प्रक्रिया है जिससे मानवीय ध्येय पूर्ण होते है। किन्तु इन सारे पहलुओं में संतुलन बनाना एक सिद्धि की तरह है, जो वर्तमान समय में भी एक चुनौती ही है। इंसान अपनी विवेक, बुद्धि, कौशल, शिक्षा और शारीरिक बल के बदले आय के मौके तो ढूंढ भी लेता है, जो कि मुश्किल कार्य है, किन्तु अपनी उस कठिन श्रम से अर्जित धन की सुरक्षा और उसके उपयुक्त निवेश को लेकर आज भी उसके पास दुविधा और असमंजस ही होती है। आम लोगों के लिए सबसे बड़ी परेशानी, वितीय सुरक्षा और सुरक्षित निवेश को लेकर होती है।

आज भी आम लोग अपनी बचत को बैंको की सावधि जमा (फिक्स्ड डिपाजिट) में निवेश करते है जो उन्हें हमेशा ही आम बनाये रखने में महत्वपूर्ण योगदान का कारण होता है, जितना उनका निवेश बढ़ता है उस से कही ज्यादा महंगाई बढ़ जाती है। फलस्वरूप, निवेश पर मिला ब्याज या फिर बढ़त के बाबजूद भी निवेश का मूल्य-ह्रास या अवमूल्यन हो जाता है। बैंको की सावधि जमा के बाद दूसरा सबसे लोकप्रिय साधन जीवन बीमा का है। आम लोग आज भी बड़ी मात्रा में जीवन बीमा में निवेश करते है, जो पूर्णतः अतार्किक है। जीवन बीमा निवेश का विकल्प या विषय वस्तु ही नही है। जीवन बीमा के माध्यम से हम वितीय सुरक्षा को सुनिश्चित कर सकते है, और हमे ऐसा ही करना चाहिए। हमे अपनी वार्षिक आय का कम से कम 10% की राशि वितीय सुरक्षा में निवेश करना चाहिए। इसके लिए हमे अवधि बीमा (टर्म पालिसी) के विकल्प का चयन करना चाहिए, इस बीमा में न्यूनतम प्रीमियम (बीमा किश्त) में अधिकतम सुनिश्चित बीमा मिलता है, जिस से की आवश्यक वितीय सुरक्षा मिल सके।

इसके बाद निवेश के लिए म्यूच्यूअल फण्ड का विकल्प चुनना चाहिए। इस में अपनी आवश्यकतानुसार और वितीय जोखिम लेने की क्षमता के अनुरूप फण्ड का चयन करना चाहिए। बाजार में भिन्न प्रकार के वितीय जोखिम वाले फण्ड उपलब्ध है। मार्केट में एक प्रचलित नियम है ,”High Risk, High Gain – Low risk, Low Gain” इस नियम को फॉलो करना चाहिए। अपनी आवश्यकतानुसार आप निवेश एकमुश्त (इकठ्ठे) या मासिक मोड पर भी कर सकते है। म्यूच्यूअल फण्ड में बैंको से कही अधिक तरलता की सुविधा उपलब्ध है, आप अपनी सुविधानुसार तरलता के भिन्न-भिन्न विकल्पों के उपयोग कर सकते है।

म्यूच्यूअल फण्ड में निवेश बैंको में किये निवेश से बेहतर है। यदि हम दोनों ही विकल्पों के प्रतिफल (रिटर्न) को समान भी माने, तो भी म्यूच्यूअल फण्ड का रिटर्न बैंक के रिटर्न से ज्यादा होगा क्योंकि बैंक से मिलनेवाला रिटर्न हर तरह से टैक्सेबल है जबकि म्यूच्यूअल फण्ड के द्वारा मिलने वाला रिटर्न विभिन्न रूपों में या तो टैक्स फ्री है या नाम मात्र का टैक्स लगता है।
सरकार किसी की भी हो वितीय निर्णय हमेशा ही पूंजीपतियों के हित में होती है अतः हमे वितीय निवेश के मामले में पूंजीपतियों का ही अनुसरण करना चाहिए। बैंक ऋण और वितीय लेन-देन के लिए है ना कि वितीय निवेश के लिए। बेहतर तो यही होगा की आप बैंक को, बैंक के रूप में ही उपयोग करे ना कि बैंक और पूंजीपति आपके पैसों का।
स्वास्थ्य सेवाओं की बढ़ती कीमतों को देखते हुए हमें स्वास्थ्य बीमा अवश्य ही करा लेना चाहिए। स्वास्थ्य संबंधी खर्चे के कारण बहुत से परिवार प्रति वर्ष गरीबी रेखा के नीचे जीवन गुजर-बसर करने को बेबस हो जाते है।
जिनकी आय और आय का स्त्रोत सीमित है उन्हें निश्चित रूप से टर्म इन्शुरन्स एवं मेडिकल इन्शुरन्स कराना चाहिए ताकि बुरे वक्त में गैरजरूरी वितीय बोझ से बचा जा सके।

आम लोगो में एक धारणा होती है कि बैंक में हमारे पैसे सुरक्षित होते है या पैसों की सुरक्षा की गारंटी है जबकि ऐसा नही है। भारत सरकार भी बैंको में जमा पैसों की केवल 1,00,000 रुपये प्रतिव्यक्ति की ही गारंटी देती है।
बेहतर होगा कि आप सजग रहे, स्व-विवेक से अपनी जोखिम लेने की क्षमता को परखे और तभी निवेश का निर्णय ले। किसी के बहकावे या प्रलोभन में नही आये बल्कि आपको दिए गए पेशकशों को जांचे-परखे। इस से आपकी कठिन श्रम से अर्जित धन को सुरक्षित रखने में सहुलयित होगी। निवेश के लिए सरकार की समय-समय पर वितीय निर्णयों,निर्देशों को समझे, लोगो की गलतियों से सीखे।

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sarsijsingh
सरसिज कुमार सिंह वर्तमान में एसबीआई लाइफ में बीडीएम के पद पे अपनी सेवाएं दे रहे है। अपने 10 साल के पेशेवर करियर में उन्होंने रेलिगेयर सिक्योरिटीज, रेलिगेयर कमोडिटीज, मास्टरट्रस्ट सिक्योरिटीज, एगॉन लाइफ, फ्यूचर जेनेरली आदि विभिन्न वितीय संस्थानों में भिन्न-भिन्न पदों पे अपनी सेवाएं दी है। उन्होंने वित्त से एमबीए के साथ-साथ ही एनआईएसएम, एनसीएफएम, आईआरडीए आदि के विभिन्न प्रमाण-पत्र अर्जित किये है। अपने इस पेशेवर अनुभव और उपलब्धियों के साथ ही वो अपने विद्यार्थी जीवन से ही सक्रिय ओर सजग निवेशक है। वो पिछले 19 वर्षो से बचत को विभिन्न योजनाओ में निवेश करते आ रहे है। अपनी निवेशों से उन्होंने काफी कुछ सीखा है, आज का रिपोर्टर के टीम की यही कोशिश है कि वो उनके लंबे अनुभवों को अपने पाठकों से साझा करें, ताकि पाठकगण भी लाभान्वित हो सके।