2019 से सभी कारो में होंगे एयरबैग, स्पीड अलर्ट, सीट बेल्ट रिमाइंडर, पार्किंग सेंसर

जेनेवा स्थित ‘इंटरनेशनल रोड फेडरेशन (आईआरएफ)’ के मुताबिक भारत मे सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौते, दुनिया में सबसे ज्यादा है। बढ़ती जनसंख्या के प्रभाव से वाहनों की बढ़ती संख्या, उसी अनुपात में सड़कों का विकास या चौड़ीकरण नही होना, शहरीकरण, नागरिकों द्वारा अपने निनी वाहनों का ज्यादा से ज्यादा उपयोग, आदि कारणों से भी सड़क दुर्घटनाओं में वृद्धि हुई है। भारत में सड़क दुर्घटनाओं के कारण हर चौथे मिनट एक मौत होती है। हमारे देश में हर मिनट एक गंभीर सड़क दुर्घटना होती है और हर घंटे 16 लोगो की मौत होती है। आकड़ो के अनुसार, भारत मे हर दिन 1214 सड़क दुर्घटनाएं होती है, जिसमें 377 व्यक्तियों की मौत होती है। 2016 में सड़क दुर्घटनाओं के कारण 1,51,000 लोगो की मौत हुई है। इतनी मौते तो ना ही किसी महामारी, युद्ध और ना ही किसी आतकंवादी हमले में हुई है। सोचने वाली बात ये है कि इन मौतों का जिम्मेदार कौन है?

इसके क्या समाधान हो सकते है?

कैसे सड़क दुर्घटनाओं में कमी लायी जा सकती है?

क्या तकनीक अपनायी जाय कि जिस से मौतों में कमी आये?

इन दुर्घटनाओं के मुख्य कारणों में शराब पीकर गाड़ी चलाना और तेज़ गति से वाहन चलाना। पिछले साल हुई सड़क दुर्घटनाओं में कुल मौतों में, 74,000 मौते सिर्फ तेज़ गति के कारण हुई थी। किन्तु, एक और प्रमुख कारण है, हमारे वाहनों में पर्याप्त सुरक्षा प्रणली का नही होना। हमारी मध्यमवर्गीय परिवारें वाहनों का जो प्रकार और संस्करण खरीदने के लिए सामर्थ्य रखते है उनमें सुरक्षा प्रणाली,अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मानकों  के अनुरूप नही होती है।

वर्तमान में, केवल लक्जरी कारों में ऐसी विशेषताएं हैं, जो कि उसमे यात्रा करने वालो की सुरक्षा के लिए आवश्यक हैं। किन्तु निकट भविष्य में, केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय एक अधिसूचना जारी करने वाली है जिसमे अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मानकों का पूर्णतः पालन करती हुई गाड़िया का ही निर्माण होगा।

1 जुलाई, 2019 के बाद निर्मित सभी कारों में एयरबैग, सीट बेल्ट रिमाइंडर्स, 80 किलोमीटर/घंटे से ऊपर की गति के लिए चेतावनी सिस्टम, पार्किंग अलर्ट, साथ ही आपातकाल के लिए केंद्रीय लॉकिंग सिस्टम पर मैन्युअल ओवरराइड आदि सुविधाएं देनी होंगी।

केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय ने इन प्रणालियों के कार्यान्वयन के लिए समयरेखा को मंजूरी दे दी है, और इसे कुछ दिनों में अधिसूचित किया जाएगा। मंत्रालय द्वारा यह कदम भारतीय सड़को पर यात्रा करने वालो और पैदल यात्री सुरक्षा के लिए उठाया गया है। इस कदम से सड़कों पे तेज़ गति पे लगाम लगेगी, और इससे सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी।

परिवहन मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि नई कारो में एक सुरक्षा प्रणाली लगाई जाएगी जो एक ध्वनि के जरिये चेतावनी देगी जब वाहन की गति 80 किलोमीटर/घंटे से ज्यादा होगी, यह ध्वनि और तीव्र या तीखी हो जाएगी जब वाहन की गति 100 किलोमीटर/घंटे से ज्यादा होगी और यही ध्वनि बिना रुके हुए और तीव्र हो जाएगी जब वाहन की गति 120 किलोमीटर/घंटे से ज्यादा होगी। वहां को पार्क करने के दौरान में भी होने वाली दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए, पार्किंग के दौरान अलर्ट का भी प्रावधान किया जाएगा।

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