Google पर ठोका गया 34 हजार करोड़ रुपए का जुर्माना, अपने फायदे के लिए Android इस्तेमाल करने का आरोप

Google penalty
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गूगल सर्च इंजन के बारे में तो आप सभी लोग जानते हैं और उससे चिर परिचित होंगे आज हमें कोई भी जानकारी चाहिए होती है तो वह हमें Google पर आसानी से मिल जाती है। बस  देरी रहती है तो इस बात की कि हम सर्च इंजन पर जाकर कुछ भी टाइप कर देने की। लेकिन क्या आपने सोचा है कि जो Google हमें इतनी सुविधाएं प्रदान करता है वह अपने फायदे के लिए गलत तरीकों का सहारा भी लेता है। जी हां एक ऐसा ही मामला आया है कि Google खुद के फायदे के लिए Android का इस्तेमाल करता था जिसके चलते यूरोपीय यूनियन ने Google पर भारी भरकम जुर्माना ठोका है। 

4.4 बिलियन यूरो का ठोका जुर्माना – 

यूरोपीय यूनियन ने Google पर आरोप लगाते हुए कहा है कि Google अपने फायदे के लिए Android का इस्तेमाल करता है। और इस पर कड़ा रुख अख्तियार करते हुए यूरोपीय यूनियन ने Google पर 4.34 बिलियन यूरो यानी कि भारतीय रुपयों में इसकी गणना करें तो यह एक बड़े पैमाने की मुद्रा निकलेगी। जी हां भारतीय रुपयों में यह जुर्माना 34 हजार 308 करोड़ रू है, जो कि एक एंटी ट्रस्ट जुर्माना के रूप में गूगल पर लगाई गई है। यूरोपीय यूनियन का मानना है कि Google ने गैरकानूनी तरीके से Android का इस्तेमाल अपने सर्च इंजन के फायदे के लिए किया है। यूरोपीय यूनियन कमिश्नर मारग्रेथ वेस्टेजर ने बताया कि Google अपने सर्च इंजन को, Android का सहारा लेकर गलत तरीके से, मजबूत करने की कोशिश में लगा था।

गौरतलब है कि गूगल सर्च इंजन की वैल्यू तो वैसे ही दुनिया भर में चरम पर है, लेकिन गैरकानूनी तरीके से Android का इस्तेमाल करना अनुचित है। कमिश्नर मारग्रेथ वेस्टेजर ने यह भी बताया कि 90 दिनों के अंदर गूगल इसे बंद करे अन्यथा गूगल को अल्फाबेट से होने वाली इनकम का 5 फीसदी हिस्सा बतौर जुर्माना देना होगा। हालांकि इस प्रकरण के सामने आने के बाद Google की तरफ से भी बयान जारी किया गया है। गूगल प्रवक्ता अल वर्नी ने कहा कि यूरोपीय यूनियन के जुर्माने के खिलाफ अपील की जाएगी। हालांकि वेस्टेजर ने इस मामले में कदम उठाने के पहले गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई से फोन पर बात भी की और इस मामले की जानकारी भी दी। इससे पहले भी गूगल पर जुर्माना लगाया जा चुका है और यह दूसरा मौका है जब Google को इतने भारी भरकम जुर्माने से जूझना पड़ेगा। मारग्रेथ वेस्टेजर के इस कदम को यूरोपीय यूनियन के सभी देशो में खूब सराहना मिल रही है।

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