‘माँ’ भाव एक, शब्द बहुतेरे

'मातृ दिवस की मंगलकामनाएं' पहला ठौर और पहला कौर भी। मेरे अमावस का चाँद भी और संताप सी दोपहरी का चन्दन भी। तुझसे हो कर आये,...

भारत की अनगिनत सफल महिलाओं में से पांच, जो पूरे देश के लिए बन...

भारतीय महिलाओं ने वैश्विक स्तर पर अपनी सफलता से अमिट छाप छोड़ी है और विश्व में देश का नाम ऊंचा किया है। कुछ भारतीय...

जर्दे वाली आँख (भाग-II)

‘जर्दे वाली आँख ’- अगली कड़ी पिछली कड़ी के लिए -> क्लिक करे; जर्दे वाली आँख (भाग-I)अब आगे:- नशीली आंखों में बंद क्या हुई सुनैना एक एक...

सुनीता को मिला आशीर्वाद

  "कबीरा जब हम पैदा हुए जग हँसे हम रोये, ऐसी करनी कर चलो हम हँसे जग रोये" रचयिता जब किसी को बड़ा या छोटा बनाने...

जर्दे वाली आँख (भाग- 1)

नाम उसका सुनैना और आँखे उसके, उसकी जर्दे वाली।  वो हर बार कहती जाने कितनी कत्थई ,भूरी, गुलाबी ,नीली और पनीली आँखें हमें तकी...

हैप्पी मई डे!

अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस (1 मई) कुछ व्हाइट कॉलर कामगार हैं कुछ ब्लू कॉलर कामगार हैं कुछ पिंक कॉलर कामगार हैं कुछ और हैं जो न तो सिर्फ़ व्हाइट हैं, न...

वैशाख की पूरनमासी का चाँद !

रात का छौना, परियों के देश में बैठा, आरे आव पारे आव की धुन पर दूध के कटोरे में झट से उतरकर आया माँ...

मन मृग तन कस्तूरी!

गिल्ली-डंडा, पिट्टो, कंचा, और आईस-पाईस संग-संग खेले थे दोनों बचपने में। पर इस आईस-पाईस का ''धप्पा’’ न उसे बड़ा नाग़वार गुजरता, कहती मुझे न...

सुविधवंचित छात्रों के लिए प्रेरणास्रोत बने IITian शशि

"न संघर्ष न तकलीफें फिर क्या मजा है जीने में...   तूफान भी रूक जाएगा जब लक्ष्य रहेगा सीने में..." लक्ष्य के प्रति दृढ़प्रतिज्ञ हो तो...

इस कागद की स्याही कभी सूखे नहीं!- कड़ी-II

'इस कागद की स्याही कभी सूखे नहीं!'- अंतिम कड़ी;पिछली कड़ी के लिए -> क्लिक करे;  इस कागद की स्याही कभी सूखे नहीं!अब आगे:-हाँ तो मैं...

नयी पीढ़ी के साथ समाज को लौटाने की मुहिम शुरू

अपने लिए तो सभी जीते है, समाज के लिए कुछ करना व दूसरों को भी ऐसा करने के लिए प्रोत्साहित करना और बदले में...
जय श्रीराम

इस कागद की स्याही कभी सूखे नहीं!

जय श्रीराम का नाम ले कहानी प्रारंभ की तो नायिका के नाम का चयन आसान हो गया। मर्यादित पुरुष 'राम’ की नायिका ‘रमा’, सुदंर...