आसाराम पर फैसला आज, राजस्थान, गुजरात और हरियाणा में गृह मंत्रालय ने एडवायजरी जारी की

राजस्थान की जोधपुर अदालत बुधवार को आसाराम के खिलाफ चल रहे बलात्कार मामले में अपना फैसला सुनाएगी। इस बात को लेकर गृह मंत्रालय ने तीन राज्यों को एडवायजरी जारी की है। इन राज्यों में राजस्थान, गुजरात और हरियाणा शामिल हैं। इन राज्यों के सभी जिलों के S.P. और D.M. से सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखने को कहा गया है, साथ ही आसाराम के सारे आश्रम खाली कराए जा रहे हैं और जोधपुर के होटलों, धर्मशालाओं में भी जांच पड़ताल की जा रही है। देशभर में आसाराम के 427 से ज़्यादा आश्रम और 70 लाख से ज़्यादा समर्थक हैं। शहर में आने-जाने वाले हर वाहन की जांच की जा रही है। गृह मंत्रालय ने हाल ही में हुए राम रहीम के समर्थकों ने विरोध में मचाए गए उत्पात को ध्यान में रखते हुए यह अलर्ट जारी किया है। फैसले के दिन या उसके बाद किसी भी तरह की अनहोनी रोकने के लिए जोधपुर में धारा 144 लगा दी गई है। 10 दिन तक यानी 21 अप्रैल से 30 अप्रैल तक धारा 144 लागू रहेगी। इस दौरान बिना अनुमति धरना, प्रदर्शन, जूलूस या रैली निकालने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।

डीजीआई (जेल) विक्रम सिंह ने बताया, की जेल परिसर में अदालत कक्ष में अदालत के कर्मचारियों सहित मजिस्ट्रेट, आसाराम और सह आरोपी, बचाव एवं अभियोजन पक्ष के वकील मौजूद रहेंगे। ये फैसला आसाराम की बैरक के पास ही स्थापित टाडा कोर्ट में सुनाया जाएगा। फैसला सुनाने के दौरान कोर्ट के चुनिंदा कर्मचारियों और दोनों पक्षों के वकील के अलावा किसी अन्य को प्रवेश निषिद्ध किया गया है। सभी भीड़भाड़ वाले इलाकों में भी सादी वर्दी में पुलिस के जवान तैनात किए गए हैं।

पुलिस अधीक्षक के. बी.सिंह ने बताया कि 25 अप्रैल को आसाराम के खिलाफ मामले में फैसला आ रहा है, जिसके चलते यहां कथित पीड़िता के घर पर 2 पुलिसर्किमयों की अलग से ड्यूटी बढ़ा दी गई है। साथ ही घर के बाहर सीसीटीवी कैमरों से भी निगरानी की जा रही है। बाहर से आने वाले संदिग्ध लोगों की तलाशी लेकर पूछताछ की जा रही है। सिंह ने बताया कि शहर में स्थित होटलों को भी निर्देश दिए गए हैं, कि कोई संदिग्ध मिलने पर पुलिस को सूचित करें।

गृह मंत्रालय तीनों राज्यों के संपर्क में है। केंद्रीय गृह सचिव राजीव गौबा ने इस मुद्दे पर वरिष्ठ प्रशासनिक अफसरों और पुलिस अधिकारियों से बातचीत की है।

आसाराम पर आरोप है, कि उन्होंने पीड़िता को जोधपुर के पास मनाई स्थित आश्रम में बुलाया और 15 अगस्त, 2013 की रात को उससे दुष्कर्म किया। पीड़ित किशोरी उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले की रहने वाली है। दिल्ली के कमला मार्केट थाने में यह मामला दर्ज कराया गया था, जिसे बाद में जोधपुर स्थानांतरित कर दिया गया। आसाराम पर पॉक्सो और एससी/एसटी एक्ट के तहत कानून की धाराएं लगाई गई हैं। आसाराम को जोधपुर पुलिस ने 31 अगस्त, 2013 को गिरफ्तार किया था और तब से वह जोधपुर सेंट्रल जेल में बंद हैं।

खबरों के मुताबिक, आसाराम अगर दोषी पाए जाते हैं, तो उन्हें अधिकतम 10 साल कारावास की सजा भुगतनी पड़ सकती है। अगर आसाराम इस मामले में अदालत से बरी भी हो जाते हैं, तो भी वह जेल से रिहा नहीं हो पाएंगे, क्योंकि उनके खिलाफ गुजरात में भी एक बलात्कार का मामला चल रहा है।

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