बच्चे को कुएं में फेंका पर अदालत ने किया बरी

आपको यह सुनने में अजीब लगेगा लेकिन अपने बच्चे को मौत की नींद सुलाने वाली एक मां को न्याय देने वाली देश की अदालत ने ही बाइज्जत बरी कर दिया। जी हां अदालत ने यह फैसला सुनाते हुए कहा कि इस हत्या में महिला का कोई भी दोष नहीं बल्कि उस समय उसकी स्थिति का है जिसकी वजह से उसने ऐसा कदम उठाया।

पीएमएस की समस्या से जूझ रही थी औरत – 

कुछ दिनों पहले राजस्थान में एक घटना सामने आई थी कि एक महिला ने अपने तीन बच्चों को कुएं में धकेल दिया हालांकि दो बच्चों को कुवे से सकुशल वापस निकाल लिया गया लेकिन एक बच्चे की डूबने के कारण मौत हो गई और जब पुलिस ने इसके खिलाफ आईपीसी की धारा के तहत मर्डर का मुकदमा दर्ज किया, और यह मामला अदालत पहुंचा तो आरोपी के वकील की तरफ से कोर्ट में दलील दी गई थी महिला उस समय पीएमएस यानी की माहवारी की समस्या से जूझ रही थी इस वजह से चिड़चिड़ेपन के स्वभाव के कारण उसने अपने बच्चों को कुएं में धकेल दिया अदालत ने भी इस परिस्थिति को सही ठहराते हुए औरत को बरी कर दिया।

अदालत ने इस पर बयान देते हुए कहा है कि अन्य देशों में भी इस तरीके की घटनाएं होती हैं हालांकि भारतीय कानून में इसकी स्थिति अभी तक नवीन नहीं हुई है। अत: इस स्थिति में किए गए ऐसे कार्यों को अपराध की श्रेणी में नहीं रखा जा सकता है क्योंकि महिलाएं खुद के लिए भी आत्मघाती हो जाते हैं और वह चिड़चिड़ेपन के स्वभाव से गुजर रही होती हैं। आरोपी के वकील ने कहा कि कभी-कभी ऐसी भी स्थिति उत्पन्न हो जाती है कि महिलाएं आत्महत्या भी करने को तैयार हो जाती हैं।

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