मक्का मस्जिद ब्लास्ट केस: असीमानंद समेत सभी आरोपी बरी,

NIA की विशेष अदालत ने साल 2007 के मक्का मस्जिद विस्फोट से जुड़े मामले में फैसला सुना दिया है। इस मामले में कोर्ट ने असीमानंद समेत सभी आरोपियों को बरी कर दिया है। NIA कोर्ट में इन आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं रख पाया। फैसले के मद्देनजर हैदराबाद में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। हैदराबाद की प्रसिद्ध मक्का मस्जिद में 11 साल पहले शक्तिशाली पाइप बम से धमाका किया गया था।

हैदराबाद में, 18 मई 2007 को दोपहर 1 बजे के आसपास नमाज के दौरान ऐतिहासिक मक्का मस्जिद में धामाका हुआ था, जिसमें 5 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी और 4 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे, और 58 लोग घायल हुए थे, बाद में इन चारों की भी मौत हो गई थी। स्थानीय पुलिस की शुरुआती छानबीन के बाद मामला सीबीआई को स्थानांतरित कर दिया गया था। इसके बाद 2011 में सीबीआई से यह मामला राष्ट्रीय जांच एजेंसी ( NIA) के पास गया।

हालांकि स्वामी असीमानंद ने 2011 में मजिस्ट्रेट को दिए बयान में स्वीकार किया था, कि अजमेर दरगाह, हैदराबाद की मक्का मस्जिद और कई अन्य जगहों पर हुए बम ब्लास्ट में उनका और कई अन्य हिंदू  संगठनों का हाथ है, लेकिन बाद में असीमानंद अपने बयान से पलट गए और कहा, कि उन्होंने पिछला बयान NIA के दबाव में दिया था। इस धमाके में स्वामी असीमानंद समेत कुल 10 लोगों पर आरोप लगा था, उनमें से केवल पांच लोगों को गिरफ्तार कर उन पर मुकदमा चलाया गया और एक आरोपी की मौत हो चुकी है।

ये थे केस में 10 आरोपी

1. स्वामी असीमानंद

2. भारत मोहनलाल रातेश्वर

3. लक्ष्मण दास महाराज

4. लोकेश शर्मा (अजय तिवारी)

5. मोहनलाल रातेश्वर

6. राजेंदर चौधरी

7. देवेंदर गुप्ता

8. संदीप डांगे (फरार)

9. रामचंद्र कलसांगरा (फरार)

10. सुनील जोशी (मृत)

इस मामले में अब तक कुल 226 चश्मदीदों के बयान दर्ज किए गए थे, मगर 64 गवाह कोर्ट के सामने मुकर गए और कोर्ट के सामने 411 दस्तावेज पेश किए गए,  मुकर गए लोगों में लेफ्टिनेंट कर्नल श्रीकांत पुरोहित और झारखंड के मंत्री रणधीर कुमार सिंह भी शामिल हैं।

 

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