माता बनी कुमाता, बेटी को ही सुलाया मौत की नींद

कहते हैं कि मां की ममता एक ऐसी ममता होती है जो अपने बच्चों की खुशी और उनकी परवरिश करने के लिए कोई भी त्याग और बलिदान दे सकती है, लेकिन इन दिनों जुर्म की वारदातें कुछ इस स्तर तक बढ़ चली हैं, जिन पर यकीन कर पाना एक समय के लिए थोड़ा असमंजस में डाल देता है लेकिन एक ऐसा हादसा हुआ है दिल्ली के निजामुद्दीन इलाके में जहां पर एक महिला ने अपनी बच्ची को ही मौत के घाट उतार दिया।

गला घोंटकर की हत्या – 

निजामुद्दीन इलाके में रहने वाले इसरार खान पेशे से एक दर्जी हैं और उनकी करीब डेढ़ साल पहले अदीबा खान से शादी हुई थी। शादी के बाद उन्हें एक बच्चे हुई । बच्ची के पैदा होने के बाद अदीबा खान अक्सर बीमार रहने लगी और इसका गुनाह एक मासूम बच्ची को इस बात के लिए दिया गया कि वह मनहूस है। जी हां अंधविश्वास आज एक ऐसे जड़ तक जटिल हो गया है कि वह अपनों को ही बेदर्द मौत देने के लिए उकसा देता है, और कुछ ऐसा ही हुआ अदीबा खान के साथ जिसे ऐसा लगने लगा कि उसकी बेटी मनहूस है और उसने उस की गला घोंटकर हत्या कर दी। अदीबा खान ने हत्या करने के बाद खुद को बचाने के लिए एक तरकीब सोची और उसने अपनी बच्ची को पानी से भरे टब में डाल दिया ताकि घर वालों को यह घटना लगे। लेकिन जब पुलिस ने जांच की तो उसे बच्ची के गले पर निशान मिले। पुलिस ने शक के आधार पर महिला को गिरफ्तार करके थाने में पूछताछ जारी की तब जाकर मामला सामने आया, जिसे सुनकर घरवालों के होश उड़ गए।

अदीबा खान के ऊपर अंधविश्वास इतना हावी था कि उसने अपनी कोख से जन्म देने वाली एक मासूम और निर्दोष बच्ची को ही बड़ी बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया। गौरतलब है कि पुलिस ने जब सख्ती से कार्यवाही शुरु की तो महिला ने पूछताछ में कुबूल लिया कि उसने ही बच्ची को मौत के घाट उतारा है और उसने अपने आप को बचाने के लिए बच्ची को टब में डाल दिया था।

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