शैलजा से शादी करना चाहता था मेजर निखिल हांडा, नागालैंड से दिल्ली आकर की हत्या

दिल्ली के कैंट इलाके में हुए मेजर अमित द्विवेदी की पत्नी शैलजा के हत्याकांड में दिल्ली पुलिस ने रविवार को नया खुलासा किया है। उन्होंने शैलजा के हत्या के आरोप में मेजर निखिल हांडा को मेरठ से अरेस्ट कर लिया है। शैलजा के मेजर पति द्वारा मेजर हांडा पर शक जताने के बाद से ही पुलिस उसे तलाश कर रही थी। पुलिस के मुताबिक मेजर ने कबूल किया है कि, शैलजा उसकी नहीं हुई इस वजह से उसने उसे मार डाला। पुलिस के मुताबिक, हत्या एक ही शख्स ने की थी लेकिन 2 और लोग भी संदेह के घेरे में हैं।

दिल्ली पुलिस के डीसीपी विजय कुमार ने बताया है की, आरोपी और शैलजा द्विवेदी के बीच साल 2015 से संबंध थे। यह संबंध और भी गहरे होते गये क्योंकि, मेजर निखिल हांडा और शैलजा के पति मेजर अमित द्विवेदी एक-दूसरे को करीब से जानते हैं। दोनों में अच्छी दोस्ती हुई। दोनों की अक्सर फोन पर बातचीत होती थी, पर आरोपी मेजर निखिल ने कुछ दिन पहले शैलजा से शादी करने के लिए कहा, लेकिन शैलजा ने शादी करने से मना कर दिया। शादी से मना करने के बाद वो शैलजा पर इसके लिए दबाव बनाने लगा। और आखिर में मेजर निखिल ने शैलजा को 23 जून को मौत के घाट उतार दिया। हालांकी इस घटना की जानकारी पुलिस को स्थानीय लोगों की सूचना पर मिली। जिसके बाद पुलिस ने कैंट मैट्रो स्टेशन से करीब 100 मीटर दूर बरार स्क्वायर के एक महिला की लाश बरामद की।पश्चिमी जिला पुलिस उपायुक्त विजय कुमार ने पूरा घटनाक्रम मीडिया के साथ साझा करते हुए बताया की, जून की शुरुआत में शैलजा के पैर में चोट लग गई, जिसके बाद उन्हें दिल्ली आर्मी केंट के बेस अस्पताल में भर्ती करवाया गया। इसकी खबर मिलते ही निखिल 2 जून को दीमापुर से छुट्टी लेकर शैलजा के लिए दिल्ली आया और माइग्रेन की बीमारी के इलाज के लिए दिल्ली आर्मी बेस हॉस्पिटल में भर्ती हो गया। दिल्ली आने के बाद भी निखिल शैलजा को कॉल करता रहा। वहां पर उसने अपने बेटे को भी भर्ती करवाया और शैलजा के ट्रीटमेंट के दिन तक वो बेटे के सहारे हॉस्पिटल में ही रुका रहा।

23 जून शनिवार की सुबह करीब 8:30 बजे निखिल ने शैलजा के मोबाइल पर कॉल किया। सुबह करीब 11:15 बजे मिलने की बात हुई। शनिवार सुबह 10 बजे शैलजा फीजियोथैरेपी की ट्रीटमेंट लेने के लिए आर्मी की गाड़ी से दिल्ली कैंट के बेस हॉस्पिटल गई, निखिल होंडा सिटी कार लेकर 10:30 बजे अस्पताल पहुंचा। निखिल शैलजा से पहले ही अस्पताल में मौजूद था। हॉस्पिटल जाने के बाद शैलजा ने आर्मी की गाड़ी को वापस भेज दिया और अपने ड्राइवर से कहा कि, वह उसे कॉल कर आने के लिए कहेंगी। ट्रीटमेंट लेकर शैलजा डिस्चार्ज हुई, शैलजा के डिस्चार्ज होने के बाद निखिल भी अस्पताल से निकला। आरोपी ने ठान लिया था कि, अगर शैलजा उसकी नहीं हुई तो वह उसकी हत्या कर देगा। वह शैलजा से शादी करना चाहता था।

अस्पताल से शैलजा निखिल की होंडा सिटी कार में बैठी, रास्ते में निखिल ने फिर से शैलजा से शादी की बात कही और शैलजा ने एक बार फिर शादी करने से इनकार कर दिया। इस पर निखिल भड़क गया, दोनों के बीच बहस हुई। यह बहस इतनी बढ़ गई कि, गाड़ी में पहले से ही रखे हुए चाकू से निखिल ने शैलजा के गर्दन पर वार किये, चाकू लगने से शैलजा घायल हो गईं। इसके बाद हांडा ने उन्हें सड़क पर फेंक दिया और कार से 2 बार कुचल दिया। इससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद वह कार को यू-टर्न कर मौके से फरार हो गया। हत्या के बाद निखिल दिल्ली के साकेत में अपने घर पहुंचा।थोड़ी देर बाद वापस बेस हॉस्पिटल की तरफ गया। इसके बाद वो दिल्ली में ही इधर-उधर घूमता रहा। इस बीच उसने कई बार अपना मोबाइल स्विच ऑफ और ऑन भी किया था। रात को वो मेरठ निकल गया और पकड़े जाने के डर से वह बार-बार जगह बदल रहा था। इसलिए उसे पकड़ना मुश्किल हो रहा था। लेकिन खून करने वाला शख्स निखिल ही है, इस बात का सबसे पहला सुराग बेस अस्पताल के सीसीटीवी ने दिया, जहां शैलजा से मेजर निखिल मिलने आया था। निखिल हांडा के साथ शैलजा अस्पताल से बाहर जाती हुई दिखाई दे रही थीं। जिस गाड़ी में शैलजा थीं, वह एक प्राइवेट सफेद रंग की कार थी। पुलिस के मुताबिक यह शख्स मेजर निखिल हांडा ही थे। साथ ही दिल्ली-मेरठ हाईवे के टोल पर लगे सीसीटीवी में निखिल की कार पुलिस ने स्पॉट की।

पश्चिमी जिला पुलिस उपायुक्त विजय कुमार का कहना है कि, छानबीन कर रही पुलिस टीम ने जब शैलजा के फोन कॉल के विवरण को जांचा तो पता चला कि, सुबह 10 बजे अस्पताल पहुंचते ही शैलजा ने निखिल को फोन किया था और दोपहर एक बजे तक लगातार उससे बातचीत कर रही थी। मेजर निखिल के बारे में जानकारी मिलते ही 6, पुलिस कर्मियों की एक विशेष टीम बनाकर उसके मोबाइल लोकेशन के आधार पर तलाश शुरू कर दी। पर वह लगातार अपना जगह बदल रहा था। इसके बाद पुलिस ने तमाम कड़ियों को आपस में जोड़ा। शनिवार की पूरी रात और रविवार की सुबह तक दिल्ली एनसीआर के अलावा आस पास के इलाक़ों में लगभग 550 किलोमीटर के दायरे में पुलिस की टीम ने कई जगह रेड की और मेजर को ट्रेस करने की कोशिश की। आखिरी बार उसका लोकेशन मेरठ में मिला जिसके बाद पुलिस की एक टीम निखिल के पीछे लग गई। 24 जून की दोपहर करीब 1 बजे पुलिस ने निखिल को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद पुलिस उसे दिल्ली लेकर आई और पंजाबी बाग थाने में उससे पूछताछ की गई जहां उसने पूरे मामले का खुलासा किया।

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