सुपर-30 द्वारा इंजीनियरिंग कॉलेज में एडमिशन कराने के नाम पर भी पैसों का लेनदेन?

Anand kumar super 30
Anand kumar super 30

सुपर-30 से अपना नगाड़ा पीटने वाले आनंद कुमार का दोमुंहा चेहरा अब धीरे-धीरे दुनिया के सामने आना शुरू हो रहा है। कहा जाता है कि झूठ ज्यादा दिनों तक छिपा नहीं रह सकता और अब यह कहावत आनंद कुमार के ऊपर चरितार्थ होती हुई नजर आ रही है। जी हां कुछ दिनों पहले आनंद कुमार ने एक शख्स को छुड़ाने के लिए पुलिस थाने में जा कर जमकर हंगामा किया था और सुसाइड करने की धमकी तक दे डाली थी। वहीं अब पुलिस जांच में इस बात का खुलासा हुआ है कि आनंद कुमार का कहीं न कहीं कोई कनेक्शन जितेंद्र कुमार के साथ अवश्य रहा है।

मनी लॉन्ड्रिंग का मामला आ सकता है सामने – 

बिहार पुलिस ने पूर्व डीजीपी को बदनाम करने के लिए सोशल मीडिया पर एक फर्जी मैसेज फैलाने के आरोप में जितेंद्र कुमार नाम के शख्स को कुछ दिनों पहले ही गिरफ्तार किया था। जांच में आगे बढ़ रही पुलिस को जितेंद्र कुमार के पास से कुछ ऐसे कागजात भी मिले हैं जिसमें कई सारे हिसाब का लेखा जोखा है। अगर इन हिसाब की बात की जाए तो इनकी कीमत लाखों में पहुंच रही है। जी हां पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि पुलिस को जो कागजात मिले हैं उस पर लगभग 36 लाख 23 हजार रुपए तक का लेखा जोखा किया गया है। ऐसे ही कई अन्य कागजात मौजूद हैं जिन पर रुपयों का हिसाब-किताब किया गया है। अब पुलिस को इस बात की शंका है कि जितेंद्र कुमार शायद ब्लैक मनी को व्हाइट करने का काम कर रहा था। वहीं पुलिस ने इस बात का भी इशारा दिया है कि इस जांच में इंजीनियरिंग में एडमिशन कराने के नाम पर भी पैसे ऐंठने का धंधा सामने आ सकता है। पुलिस को मिले दस्तावेजों से एक बात तो साफ हो गई है कि जितेंद्र कुमार के सुपर-30 के संचालक आनंद कुमार से गहरे संबंध थे। क्योंकि पुलिस को आनंद कुमार के नाम से भी एक बिल की रसीद प्राप्त हुई है जिसमें आनंद कुमार के नाम से स्ट्रक्चर टेबल का बिल बना है जो 18 हजार 400 रू का है।

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दूसरी ओर अब पुलिस को इस बात पर भी शक करने का एक मौका मिल गया है कि आखिर क्या वजह थी जब आनंद कुमार जितेंद्र कुमार को छुड़ाने के लिए थाने में इतना बड़ा हंगामा खड़ा कर दिया था ? वहीं दूसरी सबसे बड़ी परेशान कर देने वाली बात यह है कि जितेंद्र कुमार के पास जो इतने पैसे आते जाते थे उन्हें देने वाला कौन था ? पुलिस को एक अन्य कागजात में 52 लाख ₹18 हजार का लेखा-जोखा मिला है जो कि टेक्नोक्रेट्स टी आई टी ग्रुप ऑफ़ इंस्टिट्यूशंस के पेपर पर मिला है। पुलिस को इस बात का भी शक है कि इंजीनियरिंग कॉलेज में एडमिशन कराने के नाम पर भी पैसों का लेनदेन बड़े पैमाने पर किया जा रहा था ? पुलिस जिस तरीके से इस मामले की जांच, तह तक जाकर कर रही है उससे कुछ दिनों में आनंद कुमार और जितेंद्र कुमार के रिश्तों का खुलासा बड़ी आसानी से हो जाएगा। जिसके बाद आनंद कुमार का असली चेहरा दुनिया के सामने होगा। आनंद कुमार ने जितेंद्र कुमार को छुड़ाने के लिए थाने में हाई वोल्टेज ड्रामा किया था लेकिन हाई प्रोफाइल मामला होने के कारण पुलिस ने आनंद कुमार की एक भी बात नहीं सुनी बल्कि उन्हें वहां से मुंह लटका कर ही लौटना पड़ा। अब आनंद कुमार नेेेे किस बात के डर से जितेंद्र कुमार को छुड़वाने के लिए नाटक किया था ? इस बात का खुलासा होने में अब ज्यादा देर नहीं लगेगी।

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