फेसबुक डाटा लीक मामले की होगी सीबीआई जांच, केंद्र सरकार ने लिया फैसला

कुछ दिनों पहले खबर आई थी कि कैंब्रिज एनालिटिका Facebook डाटा लीक में करीब 9 करोड़ Facebook यूजर्स का डाटा गलत तरीके से इस्तेमाल किया गया था और उसे क्लाइंट के साथ शेयर किया था। राज्यसभा में कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद नया घोषणा करते हुए कहा है कि सरकार अपने देश की सुरक्षा व्यवस्था को और भी पुख्ता करने के लिए कड़े कदम उठाने जा रही है और इसके लिए सरकार ने यह फैसला लिया है कि Facebook डाटा लीक मामले की सीबीआई जांच कराई जाए। कैंब्रिज एनालिटिका कंपनी पर आरोप लगाया था कि वह करीब 9 करोड़ Facebook यूजर्स का डाटा चुरा कर उसका गलत तरीके से इस्तेमाल करके क्लाइंट के साथ शेयर किया और साथ ही साथ इस डाटा का चुनाव में भी गलत तरीके से इस्तेमाल किया गया था और इस मामले को लेकर फेसबुक के संस्थापक मार्क जुकरबर्ग की अमेरिकी संसद में पैसे भी हो चुकी है।

केंद्र सरकार ने लिया अहम फैसला

केंद्र सरकार ने Facebook के प्रति सख्ती दिखाते हुए और चुनावों में Facebook यूजर्स के डाटा का गलत तरीके से इस्तेमाल ना हो और देश की जनता भ्रमित होने से बचे इसके लिए सरकार ने सीबीआई जांच कराने की मांग की है और जल्द ही कैंब्रिज एनालिटिका Facebook डेटा लीक मामले की जांच भी शुरू हो जाएगी। जब यह बात  लोगों के सामने खुलकर आई तो लोगों ने Facebook का बहिष्कार तक शुरू कर दिया और नौबत यहां तक आ गई कि फेसबुक डाटा लीक के बाद एक समय सोशल मीडिया पर लोग डिलीट फेसबुक कैंपेन चला रहे थे जिसमें खुद फेसबुक के संस्थापकों में शामिल रहे ब्रायन एक्टन भी शामिल थे। गलत तरीके से डाटा का इस्तेमाल कर के चुनावों में लोगों को भ्रमित होने से बचाया जा सके इसके लिए सीबीआई जांच कराने का फैसला लिया गया है।

ब्रिटिश कंपनी कैंब्रिज एनालिटिका पर आरोप है कि उसने करीब 5 करोड़ यूजर्स का डाटा थर्ड पार्टी ऐप के जरिए चुरा कर राष्ट्रपति चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप के लिए किया गया तो वहीं दूसरी ओर यूरोपीय यूनियन से ब्रिटेन के बाहर निकलने में भी इस डाटा का गलत तरीके से इस्तेमाल किया गया। कंपनी पर भारत में भी राजनीतिक दलों के लिए काम करने और चुनाव पर असर डालने का आरोप लगा है जिसमें बिहार में 2010 के चुनाव में जेडीयू के नीतीश कुमार के लिए काम करने का दावा है। मार्क जुकरबर्ग ने अमेरिकी सीनेट के सामने प्रस्तुत होने के बाद यह भी कहा था कि भारत में होने वाले 2019 के चुनाव में वह डाटा का गलत तरीके से इस्तेमाल रोकने के लिए अपनी गोपनीयता सेटिंग को और भी बेहतर करेंगे। हालांकि केंद्र सरकार ने अभी से इसके लिए तैयारी शुरू कर दी है। उम्मीद जताई जा रही है कि जांच शुरू होने के बाद जल्द ही सारे तथ्य खुलकर सामने आ जाएंगे।

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