जानिए मानव तस्करी क्या होती है, और इसको करने के क्या कारण है?

आज मानव तस्करी इस समाज में दीमक की तरह फैल चुकी है और भारत मे भी यह हर छेत्र में दिखाई पड़ रही है परंतु हमे भारत मे यह किसी भी तरह से रोकनी होगी। हथियारों की कारोबारी और नशीली दवाओं के बाद मानव तस्करी विश्व मे तीसरा सबसे बड़ा संगठित अपराध है।

“किसी  भी व्यक्ति को डराकर, बलप्रयोग कर या दोषपूर्ण तरीके से भर्ती, परिवहन या शरण में रखने की गतिविधि तस्करी की श्रेणी में आती है”। दुनिया भर में करीबन  80 प्रतिशत से भी ज्यादा मानव तस्करी यौन शोषण के लिए की जाती है, और बाकी बची हुई बंधुआ मजदूरी के लिए।  आप को बता दे कि भारत को एशिया में मानव तस्करी का गढ़ माना जाता है।  आपको बतादे की हमारे देश में हर 8 मिनट में एक बच्चा लापता हो जाता है। भारत मे सन 2011 में करीबन 35,000 बच्चे लापता हुए जिसमे से 11,000 से ज्यादा बच्चे पश्चिम बंगाल से थे।
मानव तस्करी आज दुनिया  की प्रमुख समस्याओं में से एक बन चुकी है जिसको जल्द से जल्द सुलझाना होगा। भारत मे खासकर झारखंड में मानव तस्करी की समस्या बढ़ती ही जा रही है जिसका वर्णन टाइम्स ऑफ इंडिया में भी हो चुका है जिसमे कहा गया है कि  छोटी उम्र की लड़कियों को नेपाल से तस्करी कर भारत लाया जाता है। रिसर्च के अनुसार पता चला हैं कि भारत मानव तस्करी के मामले में  विश्व मे तीसरे नंबर पर आता है।  भारत मे छोटी लड़कियां और युवा महिलाएं जो कि ज्यादातर उत्तरपूर्वी राज्य से होती हैं, उन्हें बिधुआ मजदूरी और यौन शोषण के लिए बेच दिया जाता है।  ऐजेंट इनके माता-पिता को पैसे खिला कर या झूटे वादे देकर अपने साथ लेजाते है और फिर पैसे कमाते हैं। हाल ही में ऐसे कई मामले सामने आए हैं जिसमे  बच्चे मणिपुर के तामेंगलांग जिले में कुकी जनजाति से थे। इसका कारण आदिवासियों का संघर्ष था जिससे मानव तस्करी को फलने फूलने का मौका मिला। उत्तरपूर्वी क्षेत्र में कुकी और नागा जनजाति के बीच हुए संघर्ष से कई बच्चे बेघर हो गए थे यह घटना 1992 से 1997 के बीच की है और फिर इन बच्चों को ऐजेंट उठाकर देश के अन्य हिस्सों में ले गए।

मानव तस्करी के बढ़ने के कारण

1. सामाजिक असमानता- हमारे देश मे स्त्रियों को मर्दो जितनी इज़्ज़त आज भी शायद बहुत छेत्रो में नही मिलती है। मर्द औरत को अपने पैर की धूल समझते हैं और उनसे बदसलूकी करते हैं जोकि मानव तस्करी को बढ़ावा देती है।

2. जबरन शादी- लड़कियों और महिलाओं को ना सिर्फ देहव्यापार के लिए तस्कर किया जाता है बल्कि कुछ लोग तो उन्हें एक सामान की तरह बेच भी देते हैं और उनकी जबरन शादी कर देते हैं। लड़कियो को उन क्षेत्रों में बेचा
जाता है जहां लिंग अनुपात लड़कों के मुकाबले बहुत कम है।

3. बंधुआ मजदूर- बंधुआ मजदूरी के बारे में यहा लोगो को ज्यादा जानकारी नहीं है परन्तु भारत में यह गैरकानूनी है और समाज में प्रचलित भी है। अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन के अनुसार एशिया-पेसिफिक क्षेत्र में करीबन 11.7 मिलियन से भी ज्यादा लोग बंधुआ मजदूरी के कर रहे हैं।  पैसों की तंगी झेल रहे यह लोग, पैसों के बदले में अक्सर अपने बच्चों को बेच देते हैं। इन मामलों में लड़के और लड़कियां दोनों को बेच दिया जाता है और उन्हें सालों तक भुगतान नहीं किया जाता है।

सरकार को मानव तस्करी के खिलाफ सख्त से सख्त नियम बनाने चाहिए और इससे भारत  से दूर करदेना चाहिए क्योंकि लाखों मासूमो की जान हर पल जाती है। वे मासूम लोग रोज जीते जी मरते हैं।

Connect with Us! अपनी राय कमेंट्स में दें. ताजा ख़बरों के लिए हमें फॉलो करें. अगर आपको ये पोस्ट पसंद आई, तो इसे लाइक और शेयर करना न भूलें. Subscribe our Youtube Channel: AajKaReporter Follow us on: Facebook, Twitter, Instagram