देश का नाम बदनाम करने वाले देश के 10 बड़े रेप केसेस

1.निर्भया बलात्कार केस

अब तक सबसे ज्यादा भयानक और क्रूरतम रेप केस दिल्ली रेप केस को माना जा रहा है। 16 दिसंबर 2012 को दिल्ली में 23 साल की फिजियोथैरेपी कि स्टूडेंट ज्योति सिंह पांडे का चलती बस में गैंगरेप हुआ। वो अपने दोस्त अविंद्र पांडे के साथ फिल्म देखकर रात 9 बजे, बस से वापस अपने घर लौट रही थी। बस में उनके अलावा 6 लोग और मौजूद थे। वे ज्योति पर भद्दे कमेंट्स करने लगे। इस बात को लेकर उन लोगों कि बस कंडक्टर और क्लीनर से बहसबाजी भी हुई और बात मारपीट तक आ गई। झगड़े के दौरान घटना के एकमात्र चश्मदीद गवाह अविंद्र के सिर पर पीछे से किसी ने रॉड से हमला किया था। जब ज्योति ने उनकी हेल्प करने की कोशिश की, तो छीना-झपटी में ज्योति ने एक आदमी को धक्का दे दिया, जिसके बाद गुस्साए आदमियों ने उन्हें लहुलुहान कर दिया। फिर सभी 6 आदमियों ने रेप किया और सभी उस पर टूट पड़े थे। आरोपियों ने रेप के बाद जख्मी लड़की पर लोहे की रॉड से वार किया, जिससे उसकी दोनों आंतें फट गईं। बस में सवार राम सिंह, मुकेश सिंह, विनय शर्मा, पवन गुप्ता, अक्षय ठाकुर और एक नाबालिग दोषी ने निर्भया और उसके दोस्त के कपड़े उतारकर दोनों को रोड पर फेंका था। इलाज के दौरान 29 दिसंबर 2012 को ज्योति का निधन हो गया था। सभी 6 आरोपियों को अरेस्ट किया गया और सजा सुनाई गई, इन मे से एकमात्र नाबालिग आरोपी को 3 साल की सजा मिली थी, मुख्य आरोपी रामसिंह ने पुलिस कस्टडी में सुसाइड कर लिया था, बाकी चार आरोपियों को फांसी की सजा सुनाई गई।

2.स्कार्लेट किलिंग रेप और हत्या केस

18 फरवरी 2008 में अपने माता पिता के साथ ब्रिटिश मूल की स्कैरलेट कीलिंग ब्रिटेन से पर्यटन के लिए भारत आई 15 साल की स्कारलेट गोवा के टूरिस्ट गाइड जूलियो लोबो को डेट कर रहीं थीं। वो अपने भारतीय बॉयफ्रेंड के साथ गोवा के बीच इलाके में गई जहां पहले उसको ड्रग्स से लैस कॉकटेल पिलाया गया था। उसके बाद बीच पर उसका बलात्कार किया गया और रेप के बाद आरोपियों ने समंदर में डुबाकर उसकी हत्या कर दी और लाश अंजुना बीच पर फेंक दी। रिपोर्ट्स के मुताबिक स्कारलेट की बॉडी पर लगभग 50 जख्म के निशान थे। गोवा अथॉरिटीज की ढिलाई की वजह से स्कारलेट की लाश 4 साल तक मॉर्चुरी में पड़ी रही। हत्या के 4 साल बाद 2012 में उसे दफनाया जा सका। इस केस में 2 आरोपियों को अरेस्ट किया गय, लेकिन ये केस अभी तक पेंडिंग हैं।

3.अरुणा शानबाग रेप केस

अरुणा शानबाग रेप केस मामला 1973 में हुआ देश का पहला और सबसे चर्चित रेप केस हैं। क्रूरतम बलात्कार का शिकार हुई अरुणा मुंबई के किंग एडवर्ड मेमोरियल हॉस्पिटल में नर्स का काम करती थीं। उसी हॉस्पिटल के एक डॉक्टर से उनकी शादी होने वाली थी। 27 नवंबर 1973 को हॉस्पिटल के सोहनलाल वाल्मिकी नाम के स्वीपर ने बेसमेंट में उन पर तब अटैक किया जब वो शिफ्ट खत्म होने के बाद ड्रेस चेंज के लिए गईं थीं। सोहनलाल ने अरुणा को कुत्ते की चेन से बांधकर जबरदस्ती से और अप्राकृतिक सेक्स करने की कोशिश की थी। चेन बंधने के कारण उनके ब्रेन को ऑक्सीजन की सप्लाई कट गई थी, जिससे वे कोमा में चली गईं। 42 साल तक कोमा में रहने के बाद 18 मई 2015 को उसी हॉस्पिटल में उनका निधन हुआ और आरोपी सोहनलाल को 7 साल कैद की सजा हुई। उस वक्त सोडोमी कानून में अपराध की श्रेणी में नहीं रखा गया था जिससे सोहनलाल पर रेप का केस नहीं दर्ज हो सका था। हालांकि अरुणा रेप के आरोपी सोहनलाल के खिलाफ लूट और हत्या का प्रयास करने का मामला दर्ज कियास गया था जिसके तहत उसे मात्र सात साल की जेल हुई। सात साल जेल में गुजारने के बाद सोहनलाल बेखौफ अपनी जिदगी जी रहा है।

4.कंधमाल नन गैंगरेप केस

Image courtesy Dainik Bhaskar

2008 में हुई ओडिशा एंटी-कैथोलिक हिंसा के बीच 28 वर्षीय नन मीना ललिता बारवा के साथ गैंगरेप किया गया। नन मीना के मुताबिक 24 अगस्त 2008 को वह चर्च में प्रार्थना कर रही थी। प्रार्थना के बीच में लगभग 50 आदमी हाथों में लाठी, कुल्हाड़ी और लोहे की रॉड लिए चर्च के अंदर घुस आए। इस वजह से चर्च में हुई दंगाई भीड़ से डर कर नन मीना और उसके पादरी पिता वहां से भाग गए। मीना अपने पिता फादर थॉमस के साथ एक दिन तक स्थानीय हिंदू फैमिली प्रहलाद प्रधान के घर में छुपे थे, लेकिन अगले दिन 25 अगस्त 2008 को दंगाइयों ने नन को ढूंढ निकाला और उसे घसीटते हुए खंडहर बन चुके जन-विकास एनजीओ की बिल्डिंग में ले गई। एक प्रतिष्ठित अखबार को दिए इंटरव्यू में प्रधान के मुताबिक दंगाइयों ने नन और उसके पिता पर केरोसीन डालकर जलाने का प्रयास भी किया। फिर अचानक उनका मन बदल गया और वे दोनों को जन-विकास ले गए। नन मीना ने एक बयान में यह तक कहा था, कि उसके साथ लगभग 40 आदमियों ने रेप किया। उस खंडहर बने जगह दंगाइयों ने मिलकर उसके साथ रेप किया और फिर उसे घसीटते हुए बाहर ले गए और पादरी के साथ पब्लिक के बीच घुमाया। नन मीना ने दिए बयान के मुताबिक, उस वक्त वहां पुलिस बल भी मौजूद था। वह मदद की भीख मांगती रही, लेकिन किसी ने भी उसकी मदद नहीं की। ओडिशा में हुई उस हिंसा में 60 क्रिश्चियन मारे गए थे, वहीं 50 हजार से अधिक बेघर हो गए थे।दर्दनाक घटना होने के बावजूद भी ये केस सुप्रीम कोर्ट में पेंडिंग है।

5.सौम्या मर्डर केस

1 फरवरी 2011 को सौम्या केरल के एर्नाकुलम से शोर्नूर एक पैसेंजर ट्रेन के लेडीज कंपार्टमेंट में बैठ कर जा रही थीं। कंपार्टमेंट में अन्य कोई व्यक्ति भी नहीं था। ट्रेन चलने के आधा घंटे बाद 33 साल का गोविंदाचामी लूट के इरादे से अंदर घुसा और उसने सौम्या पर हमला बोल दिया। सौम्या के बचाव करने पर गोविंद को गुस्सा आ गया और उसने उसका सिर दीवार पर दे मारा। उसके बाद उसने सौम्या को धक्का दे दिया और फिर खुद भी ट्रेन से कूद गया। सौम्या के सिर से खून बह रहा था। उसी हालत में आरोपी उसे उठाकर जंगल की तरफ ले गया, जहां उसने उसका बेरहमी से रेप किया। रेप के बाद वह उसे वहीं छोड़कर भाग गया। 6 फरवरी 2011 को सौम्या की इलाज के दौरान मौत हो गई। आरोपी गोविंदाचामी को अदालत से फांसी की सजा सुनाई गई।

6.मुंबई गैंग रेप केस (शक्ति मिल)

22 अगस्त2013 को एक महिला पत्रकार जब अपने एक दोस्त के साथ एक पिछड़े इलाके (शक्ति मिल) में अपने असाइमेंट के लिए फोटोग्राफी के लिए गई। तभी इस महिला के साथ पांच युवकों ने दरिंदगी दिखाई थी। पांच युवकों में कासिम बंगाली, सलीम अंसारी, चांद शेख, सिराज रहमान और विजय जाधव ने बारी- बारी से महिला से रेप किया। वे रेप पीड़िता की गर्दन पर टूटी बियर की बोतल रखकर रेप करते रहे। इन दरिंदों ने महिला के साथी को भी बलात्कार में शामिल होने के लिए दबाव डाला लेकिन जब उसने इसके लिए मना कर दिया तो एक पेड़ से बांधकर उसकी पिटाई की। रेप के बाद दोषियों ने पीड़िता और उसके दोस्त से क्राइम सीन की सफाई करवाई। साथ ही पीड़िता की 2 न्यूड फोटो भी क्लिक कीं। रेप के बाद दोषियों ने पीड़िता और उसके दोस्त को रेलवे ट्रैक पर छोड़ा था। 4 अप्रैल 2014 को 3 अपराधियों को फांसी और 2 को उम्र कैद सजा सुनाई गई।

7.आशियाना रेप केस

2 मई 2005 को लखनऊ की आशियाना कॉलोनी में, नौकरानी का काम करने वाली 13 साल की लड़की, अपना काम खत्म करके घर लौट रही थी, इसी समय पीड़िता को 6 लोगों ने खींचकर एक कार में बैठा लिया। पीड़िता के मुताबिक घटना के समय वो अपना काम खत्म कर घर लौट रही थी, तभी रास्ते में 6 लोगों ने उसे खींचकर एक कार में बैठा लिया और 6 लोगों ने चलती कार में उसके साथ गैंगरेप रेप किया, साथ ही उसे सिगरेट से जलाया भी गया। टॉर्चर से बेहोश हुई पीड़िता को मरा हुआ समझकर आरोपियों ने उसे रोड पर फेंक दिया। कोर्ट ने इस केस में 5 आरोपियों को कन्विक्ट किया था, जिसमें से दो की रोड एक्सिडेंट में मौत हो चुकी है। 2016 में लखनऊ हाई कोर्ट ने मुख्य आरोपी गौरव शुक्ला को 10 साल कैद की सजा सुनाई।

8.अंजना मिश्रा रेप केस

1999 में हुआ अंजना मिश्रा रेप केस पहला हाई प्रोफाइल रेप केस है। यह केस उड़ीसा में हुआ था। 1999 में अंजना भूवनेश्‍वर जा रही थी, तभी तीन लोगों ने अंजना की पत्रकार दोस्त के सामने ही उनका सामूहिक बलात्कार किया था। इस मामले की सीबीआई जांच होने के बाद महान्यायाधिवक्ता इंद्रजीत राय को रेप के प्रयास में तीन साल की जेल हुई। जबकि रेप करने वाले तीन आरोपियों में से दो को आजीवन कारावास की सजा हुई और एक आरोपी का अभी तक पता नहीं चल पाया है। अंजना मिश्रा एक आईएफएस अधिकारी की पत्नी थीं जिन्होंने उड़ीसा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक से राज्य के महान्यायाधिवक्ता इंद्रजीत राय के खिलाफ 1972 में रेप का प्रयास करने की शिकायत दी थी, लेकिन मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने इंद्रजीत पर कोई कार्रवाई नहीं कि, बल्कि उसका बचाव किया था।

9.कठुआ रेप कांड

कठुआ में जनवरी में आठ साल की बच्ची के साथ सामूहिक दुष्कर्म और उसकी हत्या की वारदात सामने आयी। दरअसल बच्ची घोड़े चराने के लिए जंगल गई थी। आरोपियों ने घोड़े ढूंढने में उसकी मदद के बहाने उसे अगवा कर लिया। अगले दिन माता-पिता ने उसे पूरे गाँव में ढूंढा और सांझीराम से पूछताछ करने मंदिर भी गए। उसने कहा, कि बच्ची किसी रिश्तेदार के घर गई होगी, लेकिन उसने बच्ची को एक हफ्ते तक देवीस्थान में प्रताड़ित किया। पुलिस ने कठुआ स्थित रासना गांव में देवीस्थान के सेवादार सांझी राम को अपहरण, दुष्कर्म और हत्या का मुख्य साजिशकर्ता बताया है। उसके साथ कुल आठ लोग गिरफ्तार किए गए हैं। जम्मू-कश्मीर पुलिस की क्राइम ब्रांच ने सीजेएम कोर्ट में आठ आरोपियों के खिलाफ दो अलग-अलग चार्जशीट दायर की हैं। इसमें कहा गया कि बच्ची को मंदिर में भूखा-प्यासा रखा गया। बच्ची को खाली पेट नशीली दवाएं दी गईं और यहीं पर उसके साथ 6 लोगों ने सामूहिक दुष्कर्म किया। चार्जशीट में हेड कॉन्स्टेबल तिलक राज और एसआई आनंद दत्त भी नामजद हैं। इन पर सांझीराम से 4 लाख रुपए लेकर सबूत मिटाने का आरोप है। एक पुलिसकर्मी खजूरिया ने किशोर को बच्ची के अपहरण के लिए लालच दिया था। उसे बोर्ड परीक्षा में नकल में मदद का भरोसा भी दिलाया था। मन्नू, जंगोत्रा और किशोर बच्ची को जंगल ले गए। हत्या से पहले पुलिसकर्मी खजूरिया ने बच्ची से रेप किया और फिर इसके बाद किशोर ने बच्ची की हत्या कर दी।

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10.उन्नाव रेप केस

ये मामला पिछले साल जून का है। महिला का आरोप है, कि विधायक कुलदीप सिंह ने पिछले साल कई बार उन पर बलात्कार किया और अगर शिकायत की तो जान से मारने कि धमकी दी। जिसके बाद महिला का आरोप है कि पुलिस ने रेप मामले में शिकायती आवेदन तो ले लिया था, लेकिन विधायक के दबाव में एक साल से एफआईआर दर्ज नहीं की। विधायक ने शिकायत वापस लेने के लिए दबाव डाला। इसके बाद  3 अप्रैल को विधायक के भाई ने उसके पिता को पीटा और उलटा पीड़ित पर ही केस दर्ज करा दिया था। जिसके बाद पुलिस ने उसके पिता को गिरफ्तार कर लिया था और जेल से हॉस्पिटल लाए गए पीड़िता के पिता की संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी। बाद में पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ, कि पीड़िता के पिता कि मौत बड़ी आंत फटने से हुई थी।

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