आईसीएसई बोर्ड के बच्चों के लिए खुशखबरी

शिक्षा में पाठ्यक्रम का एक अहम रोल होता है। एक ओर जहाँ प्रतियोगिता का स्तर काफी बढ़ा है, वही भारतीय शिक्षा में पाठ्यक्रम आज भी परंपरागत ही है। मौजूद पाठ्यक्रमों में आईसीएसई को अपेक्षाकृत बेहतर माना जाता है।

आईसीएसई बोर्ड ने एक अधिसूचना के माध्यम से अपने दसवीं और बारहवीं कक्षाओं की परीक्षा में उतीर्णता हेतु प्राप्तांको में बदलाव किया है। हालांकि यह बदलाव 2019 के बोर्ड परीक्षा से लागू होगी। दसवीं कक्षा के छात्रों को 35 की जगह 33 प्रतिशत लाने होंगे जबकि बारहवीं के छात्रों को 40 की बजाय 35 प्रतिशत लाने होंगे।

यह बदलाव अन्य बोर्डों के साथ समरूपरता/एकरूपता लाने के लिए किया गया है। यह निर्णय आईसीएसई, मानव संसाधन एवं विकास मंत्रालय और अन्य बोर्ड्स के साथ हुए बैठकों के सिलसिलो के बाद यह सिफारिश किया गया कि सभी बोर्ड्स में परीक्षा के लिए उतीर्णता प्राप्तांक समान होने चाहिए। इसे देखते हुए बोर्ड ने अपने उतीर्णता प्राप्तांकों में कमी की है।

इस बदलाव के साथ ही बोर्ड ने नवमी एवं ग्यारहवीं कक्षा की परीक्षाओं में उतीर्णता प्राप्तांक में भी कमी की है।

ज्ञात हो कि, भारतीय स्कूल सर्टिफिकेट परीक्षा (सीआईएससीई) के लिए परिषद द्वारा संचालित, भारत में स्कूल शिक्षा के लिए एक गैर-सरकारी, निजी बोर्ड, आईसीएसई (माध्यमिक शिक्षा का भारतीय प्रमाण पत्र) कक्षा 10 और कक्षा 12 (आईएससी) के लिए एक परीक्षा बोर्ड है। यह परिषद भारत सरकार, राज्य सरकारों / संघ शासित प्रदेशों में खुद से संबंधित विद्यालयों का पाठ्यक्रम एवं परीक्षा संचालित करती है।

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