एडवांस 2018 के रिजल्ट के बाद गहमा-गहमी का माहौल, गुवहाटी जोन के रिजल्ट में आयी भारी कमी

आईआईटी सिर्फ देश ही नहीं बल्कि विश्व की शीर्ष इंजीनियरिंग संस्थानों में से एक है। आईआईटी में विभिन्न स्नातक कार्यक्रमों में प्रवेश के लिए संयुक्त प्रवेश परीक्षा (जेईई) एडवांस आयोजित की जाती है। आईआईटी में एंट्री दिलाने वाली चुनौतीपूर्ण परीक्षा जेईई एडवांस का रिजल्‍ट जारी कर दिया गया है। इस साल जेईई एडवांस्ड पेपर 1 और पेपर 2 परीक्षा 20 मई को आयोजित की गई थी जिसमे 1.6 लाख छात्र उपस्थित हुए थे। मई के अंत में ‘आंसर की’ भी अपलोड किया जा चुका है।

आईईटी जेईई एडवांस के टॉपर्स:
रुड़की जोन से प्रणव गोयल ने जेईई एडवांस्ड परीक्षा 2018 में ऑल इंडिया रैंक 1 को सुरक्षित कर लिया है, जबकि दिल्ली के मीनल परख ने 6 वां रैंक हासिल किया है, जो लड़कियों की टॉपर है।

बिहार का प्रदर्शन:
गुवहाटी जोन में आने वाले इस राज्य से इस वर्ष मात्र 839 अभ्यर्थी सफल हुए है जबकि पिछले वर्ष यह संख्या 3118 थी। एडवांस के परिणाम में इस कमी में ‘कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट(CBT)’ की महत्वपूर्ण भूमिका है। इस क्षेत्र के अधिकांश अभ्यर्थी जो गांव से आते है उन्हें कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट के कारण कठिनाई हुई और जिसका प्रत्यक्ष प्रभाव परिणाम पर पड़ा।

‘अभयानंद सुपर 30’ से इस बार 9 अभ्यर्थियों का चयन हो पाया है। संवाददाता सम्मेलन में संस्था के मेंटर व पूर्व डीजीपी अभयानंद व ट्रस्टी ए.डी. सिंह उपस्थित थे, सफल छात्रो का मुंह मीठा कराकर खुशी मनाई गई। संस्था के मुख्य फैकल्टी पंकज कुमार ने कहा कि”गुवहाटी जोन और दिल्ली जोन का रेशियो जो कि 1:2 था आज CBT के कारण 1:6 है। दिल्ली जोन का रिजल्ट मुम्बई जोन जिसमे गांव भी आते है, से भी ज्यादा है। शहरी अभियर्थियों को CBT का लाभ मिला है।”

‘मेंटर्स एदुसर्व’ द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में संस्थान के उत्कृष्ट रिजल्ट की बात कही गयी है। संस्थान का दिवयोजित बागची व चैतन्य श्रीवास्तव गुवहाटी जोन में क्रमशः रैंक 4 एवं 5 है। संस्थान के ही द्विवर्षीय क्लासरूम प्रोग्राम के छात्र बिजेंद्र कुमार का ओबीसी पी.डब्ल्यू.डी आल इंडिया रैंक 1 है। निदेशक आनंद जायसवाल ने छात्रो कि सफ़लता पर खुशी व्यक्त करते हुए इसे मेहनत का फल बताया।

‘आईआईटीयंस तपस्या’ के निदेशक पंकज कपाडिया ने कहा कि अभी तक 21 से अधिक छात्रो के सफल होने की सूचना है, कुछ छात्रो के परिणाम आने बाकी है। वही प्रशांत चौबे, आकाश गोयल, रितेश सिंह ने परिणाम पर संतोष जताया व छात्रो की सफलता पर खुशी जाहिर की।

एडवांस 2018 में एलिट से कुल 28 छात्र सफल हुए है, सामान्य वर्ग से 9, ओबीसी से 14 और एससी/एसटी वर्ग से 5 छात्र है। निदेशक अमरदीप झा गौतम ने छात्रो की सफलता पर खुशी जाहिर की।

वही सुपर-30 फेम आनंद कुमार ने परिणाम पर संतोष जताया। फ़ोन पर जानकारी दी कि इस वर्ष 26 छात्रो को सफलता मिली है। साथ ही उन्होंने इस बार छात्रों की रैंक बेहतर नहीं होने की भी बात कही।

वहीं रहमानी के पटना सेंटर से 8 छात्र सफल रहे और तीन सेंटर से कुल 25 छात्र सफल हुए है। अंशुमान ने कहा कि रिजल्ट और बेहतर होता यदि एडवांस की परीक्षा कंप्यूटर बेस्ड नहीं होता तो।

अभयानंद के मार्गदर्शन में चल रहे ‘मगध 30′ से 5 बच्चो को सफलता मिली है। संस्था के सचिव पंकज कुमार ने छात्रो की सफलता पर खुशी जाहिर की। संस्था से 12 छात्रो का एनआईटी और 3 छात्रो का मरीन में चयन हुआ है।

अब आगे क्या और कैसे?

15 जून से देश के सभी इंजीनियरिंग कॉलेजों में सीट चुनने की प्रक्रिया शुरू होगी। आर्किटेक्चर एप्टीट्यूट टेस्ट देने वाले परीक्षार्थियो को अपना कॉलेज चुनने के लिए 18 जून तक इंतजार करना होगा। पूरे देश भर में छात्रों को सीट अलॉट करने वाली ज्वाइंट सीट एलोकेशन अथॉरिटी (JoSAA) पहले अलॉटमेंट की घोषणा 27 जून को करेगी, शेड्यूल के लिए वेबसाइट विजिट करे।

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