समर कैम्प में बच्चों ने बेकार पड़े सामानों से क्राफ्ट बनाना एवं डांडिया सीखा

जून माह समाप्ति की ओर है, सिर्फ जून माह ही नहीं बल्कि ग्रीष्मावकाश होने को है। छात्रों में इन छुटियों को लेकर काफी उत्साह होता है, और क्यों न हो, इन छुट्टियों का उपयोग वो अपने शौक, अपनी पाठ्यक्रम से इतर अपने स्किल्स को बेहतर बनाने में करते है। ग्रीष्मावकाश में अक्सर ‘समर कैम्प’ का आयोजन किया जाता है, ऐसा ही एक 15 दिवसीय ‘समर कैम्प’ का आयोजन मुजफ्फरपुर जिले के मुसहरी ब्लॉक के ‘रोहुआ गाँव’ के राजकीय मध्य विद्यालय में किया गया था। 5 जून से शुरू इस समर कैम्प का कल समापन कार्यक्रम का आयोजन विद्यालय प्रांगण में ही किया गया था। इस समर कैम्प के माध्यम से छात्रों को पाठ्यक्रम के अलावे अन्य गतिविधियों पर ध्यान केंद्रित किया गया। 7 दिनों की डांडिया नृत्य एवं 7 दिनों की हस्त-शिल्प पर कार्यशाला का आयोजन किया गया था।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में विद्यालय की पूर्व शिक्षिका श्रीमती संगीता चैनपुरी थी। बच्चों को खेल-खेल में हमारे शरिर के अंगो की जानकारी दी साथ ही बेटियों को पढ़ने पर विशेष जोर दिया तथा छात्राएं को समझाया की शिक्षा आभूषण के समान हैं। इस अवसर पर ग्राम सभा मुहल्ला सभा अभियान समिति के प्रदेश अध्यक्ष व सामाजिक कार्यकर्ता श्री आनंद पटेल ने कहा की इस तरह के कार्यक्रम में भाग लेने से नेतृत्त्व क्षमता का विकास होता हैं, साथ ही समर कैम्प मे बेकार पड़े सामान से सुंदर कलाकृति बनाने का प्रशिक्षण दिलवाने के लिए किलकारी बाल केंद्र के समन्वयक आरती कुमारी के साथ -साथ प्रशिक्षक सुनील कुमार, सचीन कुमार, रश्मि कुमारी के साथ- साथ सभी बच्चों को अथक परिश्रम को सराहा और बताये की इस तरह के प्रयोग से हम पर्यावरण को बेहतर बनाने एव विधालय का नाम रौशन करने के लिए शुभकामना दी। इस अवसर पर बी० एड० काॅलेज दशरथ सिंह शिक्षक प्रशिक्षण महाविधालय मुशहरी के प्रशिक्षु शिक्षक रोमा ने पर्यावारण संरक्षण के लिए प्लास्टीक का कम प्रयोग एवं गीला कचड़े एवं सूखा कचड़े के संबध मे जानकारी दी वहीं रश्मि कुमारी ने बच्चों द्वारा लगाये गये प्रदर्शनी की सराहना की।

समर कैम्प के उद्घाटन के अवसर पर सांस्कृतिक सत्र के शुरुआत में विधालय के छात्र-छात्राएं द्वारा स्वागत गीत “स्वागत करते हैं आज तुम्हारा गीत से हुई.तत्पश्चात हम खेल -खेल के मस्ताने बाल जागरूकता गीत गाते हुए छात्रों ने पढ़ाई-लिखाई के लिए विशेष दवाब डालने से मना किया। ‘तू जिंदा हैं तू जिंदगी के जीत में यकीन कर’ समूह गीत गाया। साथ ही बधईया गीत “कंगन लेबो हे बबुआ के बधईया” खिलौना गीत रूनू झूनू हो रूनू झूनू पापा दिहले अशिषवा रूनू झूनू लोकगीत गाया वहीं डांडिया, देश मेरा रंगीला जैसे गीत पर भावनृत्य कर दर्शको को भावविभोर किया। इस अवसर पर ग्राम सभा मुहल्ला सभा सांस्कृतिक मंच की कलाकार कंचन-चंचल बहनों ने देशभक्ती गीत स्वर्ग से सुंदर देश हमारा भारत जिसका नाम गीत सुनाई। वहीं कठपुतली के माध्यम से बाल श्रम उन्मुलन से लेकर स्वच्छता संबंधी बात सुन बच्चों को बहुत मजा आया।

किलकारी बाल केन्द्र के समन्वयक आरती कुमारी ने सभी बच्चों के कार्य को सराहा तथा बेकार पड़े सामानों का प्रयोग कर ढ़ेर सारा सुंदर सामान बनाने के लिए बधाई दी।
रा० म० वि० रोहुआ की शिक्षिका अंजू कुमारी, संजू कुमारी तथा शिक्षक अजय कुमार ने बच्चों द्वारा लगाये गये प्रदर्शनी को विशेष सराहा। वहीं प्रशिक्षु शिक्षक रोमा, प्रीती, सपना, काजल इत्यादि शिक्षकों को विधालय के बच्चों द्वारा बानाये सामानों एवं सांस्कृतिक प्रस्तुती को सराहा।

इस अवसर पर आस-पास के अन्य विधालय के छात्र -छात्राओं ने भी भाग लिया। बाल कलाकारों द्वारा मूर्ति एवं बेकार पड़े सामानों द्वारा निर्मीत पुष्प गुच्छ (गुलदस्ता) प्रदान किया गया.कार्यक्रम का संचालन संस्कृतिकर्मी/प्रशिक्षक सुनील कुमार एवं धन्यवाद ज्ञापान किलकारी बाल केंद्र की प्रशिक्षिका रश्मि कुमारी ने किया।

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