सीबीएसई पेपर लीक: दोबारा परीक्षा कराने के बारे में सीबीएसई शिक्षा बोर्ड के फैसले में दखल देने से कर दिया इन्कार।

सीबीएसई बोर्ड के कक्षा १०वीं के गणित और १२वीं कक्षा के अर्थशास्त्र के पेपर लीक मामले में एक नई बात सामने आई है। जांच में लगी पुलिस का मानना है,कि पेपर बोर्ड अधिकारियों के पास होने के दौरान लीक हुए हैं, या फिर उस समय लीक हुए हैं, जब वे बैंकों में रखे हुए थे। सीबीएसई पेपर लीक को लेकर दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने १२वीं कक्षा के अर्थशास्त्र के पेपर लीक में एक निजी स्कूल के दो शिक्षकों सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। उन्होंने बताया,कि पुलिस सीबीएसई अधिकारियों की भूमिका को लेकर भी जांच कर रही है।

दिल्ली पुलिस ने सीबीएसई के क्षेत्रीय निदेशक की पेपर के लीक होने के शिकायत पर दो मामले दर्ज किये हैं। सीबीएसई को लेकर पहला मामला २७मार्च को १२वीं का अर्थशास्त्र का पेपर लीक होने के संबंध में दर्ज किया गया,जबकि दूसरा मामला २८मार्च को १०वीं का गणित का पेपर लीक होने के संबंध में दर्ज किया गया। १०वीं की गणित और १२वीं की अर्थशास्त्र की परीक्षा क्रमश: २८मार्च और २६मार्च को हुई थी। मंत्रालय ने हालांकि कहा था,कि यदि जरूरत पड़ी तो १०वीं की गणित की परीक्षा दिल्ली-एनसीआर और हरियाणा में जुलाई में कराई जाएगी। हालांकि मंगलवार को उन्होंने १०वीं की पुन: परीक्षा नहीं कराने की बात कही।

‎दूसरी तरफ सुप्रीम कोर्ट ने सीबीएसई पेपर लीक मामले से जुड़ी सभी याचिकाओं को खारिज कर दिया है। तीनों याचिकाकर्ताओं ने कोर्ट के समक्ष अलग-अलग तरह की मांग रखी थी। पहली याचिका में याचिकाकर्ता ने दोबारा परीक्षा कराये जाने की बजाय पुरानी परीक्षा के आधार पर ही रिजल्ट की घोषणा की जाए और लीक की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से करायी जाये ये मांगे की थी। दूसरी याचिका में भी पहले हो चुकी परीक्षा के आधार पर ही परीक्षाफल घोषित करने का निर्देश सीबीएसई को देने की मांग की थी। जबकि तीसरी याचिका में पेपर लीक कांड की सीबीआई जांच कराये जाने की मांग की गयी थी। फिलहाल कोर्ट ने सभी याचिकाओं को खारिज कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा,कि फिर से परीक्षा कराने का निर्णय सीबीएसई बोर्ड पर है,कोर्ट इस मामले में याचिका पर फैसला नहीं कर सकता है। बता दें कि पेपर लीक मामले को लेकर देश भर में विरोध प्रदर्शन जारी है। नाराज छात्रों का कहना है कि वो दोबारा परीक्षा नहीं देना चाहते हैं।

क्या हैं मामला:

१२वीं का अर्थशास्त्र पेपर २७मार्च और १०वीं का गणित पेपर २८मार्च को हुआ था। जिसके बाद व्हाट्सऐप पर पेपर लीक होने की खबर आई थी। पेपर लीक होने के बाद सीबीएसई ने तुरंत फैसला लिया और १०वीं-१२वीं के एक-एक पेपर को दोबारा करवाने की घोषणा की थी। इस बार बोर्ड की अधिकतर परीक्षाओं को लेकर दावा किया गया है,कि पेपर पहले ही वॉट्सएप और सोशल मीडिया पर शेयर किया जा रहा था। सबसे पहले अकाउंट्स के पेपर को लेकर खबर आई थीं,कि यह पेपर लीक हो गई है,लेकिन सीबीएसई ने इससे इंकार किया। उसके बाद कई पेपर्स को लेकर बोर्ड ने नोटिफिकेशन जारी कर बताया है,कि पेपर लीक नहीं हुआ है। इकोनॉमिक्स के पेपर के लिए भी सीबीएसई ने पेपर लीक होने से मना कर दिया था। जानकारी के मुताबिक सभी परीक्षा केंद्रों पर पेपर तीन वर्जन्स में नहीं बल्कि केवल एक प्रश्नपत्र ही भेजे गए थे,जिसकी वहज से पेपर लीक करना आसान हो गया।

सरकार की तरफ से इस बरे में फिलहाल तो मानव संसाधन मंत्रालय (एचआरडी) ने अर्थशास्त्र (१२वीं) और गणित (१०वीं) का पेपर लीक होने के बाद सीबीएसई परीक्षा प्रक्रिया की जांच के लिए एक ‘उच्च स्तरीय समिति’ का गठन किया है। एचआरडी के पूर्व सचिव वी.एस.ओबरॉय की अध्यक्षता वाला पैनल प्रक्रिया को ‘तकनीक के जरिए सुरक्षित एवं आसान’ बनाने के उपायों पर भी सुझाव देगा और ३१मई तक अपनी रिपोर्ट मंत्रालय को पेश करेगा।

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