आईपीएल में खेल चुके रणजी क्रिकेट के इस “दस हज़ारी” क्रिकेटर ने दिए संन्यास के संकेत

भारतीय घरेलु क्रिकेट के सूरमा रह चुके तमिलनाडु के दिग्गज मध्यक्रम बल्लेबाज़ सुब्रमणियम बद्रीनाथ ने आखिरकार उन सभी अटकलों पर आज मुहर लगा दी जो उनके क्रिकेट से संपूर्ण संन्यास को लेकर आशंकित थी | वह अपने रिटायरमेंट की सुचना जल्द ही सभी को देंगे | वह रणजी क्रिकेट के  “दस हज़ारी” रन क्लब में शुमार चुनिंदा क्रिकेटरो में से एक है|

आपको बता दें कि मीडिया सूत्रों से बात सामने आयी है कि वह इसी महीने अपने संन्यास की घोषणा कर देंगे | फिलहाल बदरीनाथ आईपीएल 11  में कमेंटेटर की भूमिका निभा रहे है |

रोचक बात है कि उन्होंने पिछले साल भी रणजी सीजन में भाग नहीं लिया था हालांकि संन्यास को लेकर वे मौन ही रहे | बदरीनाथ के अंतराष्ट्रीय करियर की बात करें तो उन्होंने 2008 में श्रीलंका के खिलाफ वनडे और 2010 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ अपना टेस्ट डेब्यू किया था | इंटरनेशनल क्रिकेट में बद्रीनाथ अपने डोमेस्टिक सर्किट के रूतबे के मुताबिक छाप नहीं छोड़ पाए जबकि वह तकनीकी तौर से एक धनी बल्लेबाज़ माने जाते है |

डोमेस्टिक क्रिकेट में  उन्होंने हमेशा तमिलनाडु टीम के लिए रन मशीन का काम किया और बतौर कप्तान व बल्लेबाज़ 2011 एवं 2014 सीजन में उसे फाइनल्स तक पहुंचवाने में शीर्ष भूमिका निभाई | 2008 में अपने प्रदर्शन के दम पर ही उन्हें चेन्नई सुपर किंग्स में जगह मिली जहाँ उन्होंने खुद के “स्लो” बल्लेबाज़ के टैग को धो डाला और आईपीएल के साथ -साथ चैंपियंस ट्रॉफी के खिताबों को जीतने में अहम रोल निभाया | 2013 तक चेन्नई सुपर किंग्स का हिस्सा रहे बद्रीनाथ को 2014 में टीम ने रीटेन नहीं किया था जिससे आहत होकर बद्रीनाथ ने इसे “शॉकर” बतलाया था और उस सीजन न खेलने का फैसला किया था तो वहीँ अगले सीजन बैंगलोर ने सिर्फ बैक-उप खिलाड़ी रखा था जबकि 2015 में ही बद्रीनाथ ने कम मौके मिलने के कारण अपनी घरेलु टीम तमिलनाडु का साथ छोड़कर विधर्भ के साथ बतौर कप्तान अनुबंध कर डाला और 2016 में हैदराबाद टीम के लिए अपना अंतिम सीजन खेला |

आईपीएल में बद्रीनाथ का रिकॉर्ड –मैच -59   रन -1317  सर्वश्रेष्ठ -71*   औसत -32.92  स्ट्राइक रेट -120.71 

बद्रीनाथ ने अंतराष्ट्रीय क्रिकेट में 2 टेस्ट ,7 वनडे ,1 टी-20 खेला था जिसमे उन्हें उनका एक मात्र मैन ऑफ़ दा मैच मिला था वह भी वेस्ट इंडीज के खिलाफ जिसमे उन्होने 43 रनो की धीरजपूर्ण पारी खेली थी | उनका पिछला शतक हैदराबाद के लिए खेलते हुए (134 रन ) छत्तीसगढ़ के विरुद्ध आया |

कुल मिलाकर सुब्रमण्यम बद्रीनाथ एक ओजस्वी , संघर्षशील और धीरजवान क्रिकेटर के रूप में याद किये जायेंगे जो तगड़ी तकनीक और सुनहरे टैलेंट के बावजूद भेदभावी सिस्टम से हर मोर्चे पर लड़ते रहे और हर युद्द समर में जीत दर्ज़ की लेकिन अफ़सोस भारत क्रिकेट टीम कभी भी ऐसे क्रिकेटर का भरपूर योगदान न ले पाया | सुब्रमण्यम बद्रीनाथ को हमारा सलाम और भविष्य के लिए ढेरो शुभकामनायें |

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