अप्रैल- सिंतबर 2017 के दौरान खादी एवं इसके उत्पादों की बिक्री में 89% की वृद्धि

देश में स्वदेशी चीज़ों को अपनाने के संदर्भ में नागरिकों में चेतना जाग रही है। यही कारण है कि खादी जिसे की कल तक वर्तमान फैशन के लिए उपयुक्त नही माना जाता था, आज ट्रेंड फैशन में है। युवा, वयस्क, प्रौढ़ एवं वृद्ध सभी खादी अपना रहे है। अब खादी एक नए रूप और नजरिये के साथ अपनाया जा रहा है। कल तक खादी मुख्यतः वृद्ध, नेताओं एवं गांवो में उपयोग की जाती है, वहीं आज महानगरों, सभी आयु वर्गों यहाँ तक कि फ़ैशन उधोग में हाथों-हाथ लिया जा रहा है। खादी में ग्लैमर का तड़का लगने से इसकी मांग में अप्रत्याशित उछाल आया है। लोगो का विश्वास वापस खादी पे आने लगा है।

लोगो के इसी नजरिये से, खादी उत्पादों की बिक्री अप्रैल-सितंबर, 2017 के दौरान 89% की वृद्धि हुई है। इस दौरान खादी एवं उसके उत्पादों की बिक्री, बढ़कर 814 करोड़ रुपये हो गई। ऐसे कयास लगाए जा रहे है कि खादी की बिक्री में आये इस उछाल में माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का योगदान है जो कि खुद ही खादी का उपयोग करते है एवं इसका प्रचार भी करते है। नरेंद्र मोदी के नाम से खादी उधोग के पुनरुत्थान में मदद मिली है।

हालांकि अभी खादी उधोग को काफी बदलाव देखने है, नई रणनीति से इसकी बिक्री में और वृद्धि होगी। कुछ नई पहलों की शुरुआत जैसे उपहार कूपन योजना, बड़े रिटेल चेन और संस्थागत संस्थानों के साथ बिक्री अनुबंध से चालू वितीय वर्ष में ग्रामीण उधोग एवं खादी की संयुक्त बिक्री 50,000 करोड़ रुपये होगी।

आने वाले वक्त में खड़ी के बढ़ते व्यवसाय से स्वरोजगार और रोजगार के नए अवसर भी बढ़ेंगे।

हम तो यही चाहेंगे कि हमारी स्वदेशी खादी एक बार फिर से अपनी चमक-दमक और वही पुराना रुतबा हासिल करें, इसके लिए सभी नागरिकों को खादी को अपनाना होगा, तो आइए मिलकर ‘स्वदेशी खादी अपनाए – देश बढ़ाये’।

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