अयोध्या राम मंदिर के बनने में हो रही देरी पर टूट रहा साधु-संतों का धैर्य, संतों ने सीएम योगी आदित्यनाथ को मंच से सुनाई खरी-खोटी

” बोलो राम मंदिर कब बनेगा ?

पूछे राम भक्तों से, अयोध्या”

इस लाइन से तो आप सभी वाकिफ होंगे और इस गाने की गूंज भी आपके कानों में जरूर पड़ी होगी जी हां इस से मिलती-जुलती एक धुन को साधु संतों ने उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ के लिए पिरोते हुए उन्हें खरी खोटी सुनाई है। अयोध्या राम मंदिर का मामला भारत देश में लगभग हर कोई जानता है और सभी साधु-संतों को इंतजार है कि अयोध्या में राम मंदिर जल्द से जल्द बनकर तैयार हो जाए क्योंकि इस मंदिर को लेकर काफी समय से विवाद भी चल रहा है। अब इसी सिलसिले में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर साधु संतों ने ही निशाना साधते हुए आक्रोश जताया है कि अयोध्या में राम मंदिर बनने में इतनी देरी क्यों हो रही है?

महंत नृत्य गोपालदास के जन्मदिवस पर सीएम  योगी को मंच से सुनाई खरी-खोटी – 

उत्तर प्रदेश में आज महंत नृत्य गोपाल दास जी के जन्म दिवस के मौके पर सीएम योगी आदित्यनाथ अपनों के बीच थे। लेकिन सत्ता की कुर्सी पर बैठे योगी आदित्यनाथ इस खुशी के मौके पर अपने लोगों के गुस्से का शिकार हो गए। क्योंकि मामला था अयोध्या में राम मंदिर बनने में हो रही देरी का! जिसको लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को साधु संतों ने जमकर लताड़ा और कहा कि अगर माहौल ऐसा ही रहा तो वह खुद ही आगे आएंगे और मंदिर निर्माण के लिए अपना शत प्रतिशत योगदान देंगे। उत्तर प्रदेश के मौजूदा मुख्यमंत्री सीएम योगी आदित्यनाथ पहले एक साधु ही थे और वह साधु संतों और महंत लोगों के बीच से निकलकर ही आज मुख्यमंत्री की कुर्सी पर विराजमान हैं।

संतों ने एक के बाद एक करके सी.एम. योगी पर साधा निशाना-

मंच पर माहौल इतना गर्म हो गया कि संतों ने योगी आदित्यनाथ पर एक के बाद एक लगातार निशाना साधा। राम जन्मभूमि न्यास के सदस्य राम विलास वेदांती ने सीएम योगी आदित्यनाथ को उनका एक पुराना बयान याद दिलाते हुए कहा, उन्होंने कहा था कि “जब वह कभी मुख्यमंत्री बनेंगे तो राम मंदिर का निर्माण करवा कर ही दम लेंगे। वहीं अब मीडिया हमसे सवाल कर रहा है और राम मंदिर निर्माण की तारीख पूछ रहा है। अगर सरकार कोई कदम नहीं उठाती है तो 2019 से पहले संत समाज खुद ही मंदिर निर्माण के लिए आगे बढ़ेगा” इसी कड़ी में आगे बढ़ते हुए कन्हैया दास ने कहा कि “संतों का मुंह बिल्ली जैसा होता है जो अपने मुंह से बच्चों को बचाकर भी ले जाती है और वक्त पड़ने पर उसी मुंह से शिकार भी करती है।” कन्हैया दास ने आगे कहा कि ‘भले ही योगी और मोदी की अंतरात्मा ना जग रही हो लेकिन करोड़ों हिंदुओं की अंतरात्मा अब जाग चुकी है ऐसा लग रहा है कि मंदिर निर्माण की जिम्मेदारी हम लोगों को ही उठानी पड़ेगी।’

सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा, धैर्य रखने की है आवश्यकता 

अपने ऊपर हो रहे तीखे हमलों के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ ने मंच संभाला और उन्होंने संबोधन देते हुए कहा कि राम मंदिर निर्माण के लिए साधु संतों को थोड़ा धैर्य से काम लेना चाहिए क्योंकि राम मंदिर निर्माण का मामला न्यायपालिका व्यवस्थापिका कार्यपालिका के बिना संभव नहीं है सीएम योगी आदित्यनाथ ने अपना बचाव करते हुए कहा कि वह अभी भी एक साधु संत ही है और उनकी विचारधारा साधु-संतों की विचारधारा से अलग नहीं हो सकती है। अपनी बातों को रखते हुए योगी आदित्यनाथ ने संतों को यहां तक भी कह डाला कि साधु संत अपनी शब्द की मर्यादा का भी ख्याल रखें।

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गौरतलब है कि करीब 2 हफ्ते पहले सीएम योगी आदित्यनाथ से साधु संतों ने एक बड़े स्तर की बैठक की थी जिसके बाद योगी आदित्यनाथ ने साधु-संतों को भरोसा दिलाया था कि राम मंदिर निर्माण जल्द ही शुरू  करवाया जाएगा  और कयास लगाए जा रहे थे कि राम मंदिर निर्माण को लेकर कोई नया मामला सामने आ सकता है लेकिन उसके बाद ऐसा कुछ भी नहीं हुआ नहीं मंदिर निर्माण को लेकर कोई और चर्चा हुई जिसके बाद साधु-संतों ने सीएम योगी आदित्यनाथ को जमकर तंज सुनाए।

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