अरविंद केजरीवाल के धरने के बारे में हाईकोर्ट ने कहा, यह धरना है या हड़ताल

आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के अनिल बैजल के दफ्तर पर धरना देने के मामले में अब एक नया मोड़ आ गया है। जी हां अब इस मामले में हाईकोर्ट ने विपक्ष के द्वारा दायर की गई एक याचिका की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कहा है कि “यह धरना है या हड़ताल समझ नहीं आ रहा।” अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, गोपाल राय और सत्येंद्र जैन पिछले 7 दिनों से अनिल बैजल के दफ्तर पर धरना दे रहे हैं। आज उनके द्वारा किए जा रहे धरने का आठवां दिन है।

क्या कहा कोर्ट ने – 

इस याचिका की सुनवाई के दौरान दिल्ली सरकार के वकील और विजेंद्र गुप्ता के वकील मौजूद थे। विजेंद्र गुप्ता के वकील ने कहा कि “IAS हड़ताल पर नहीं है और आईएएस एसोसिएशन ने भी कहा है कि IAS हड़ताल पर नहीं हैं। जबकि CM अरविंद केजरीवाल का कहना है कि IAS हड़ताल पर हैं।” वकील ने कहा कि हाईकोर्ट तुरंत CM को और उनके मंत्रियों को निर्देश दें कि वह वापस काम पर लौटें क्योंकि दिल्ली की जनता पानी,बिजली, और स्वास्थ्य की समस्या से जूझ रही है, जबकि CM तो धरने पर पर बैठ कर ट्वीट कर रहे हैं। हाईकोर्ट ने आम आदमी पार्टी के प्रमुख, अरविंद केजरीवाल के द्वारा किए जा रहे धरने के बारे में सवाल किया कि यह धरने पर हैं या हड़ताल पर हैं ? इस पर आम आदमी पार्टी की तरफ से गए वकील ने कहा कि “यह पूरी तरीके से धरना नहीं है, लेकिन कानून में धरने की कोई डिफिनिशन नहीं है। किसी मुद्दे को मास मूवमेंट बनाना ही धरना है। इसी दौरान जब कोर्ट में गहमागहमी ज्यादा हो गई तो कोर्ट ने दिल्ली सरकार के वकील को कहा आप चुप रहिए और हमें सुनने दीजिए।

BJP की तरफ से भी जारी है अरविंद केजरीवाल के खिलाफ धरना – 

अरविंद केजरीवाल जब से एलजी अनिल बैजल के दफ्तर में धरने पर बैठे हैं, तब से बीजेपी के विधायक भी अरविंद केजरीवाल के खिलाफ धरने पर बैठ गए थे। इस धरने में बीजेपी के विधायक विजेंद्र गुप्ता, विधायक मनिंदर सिरसा, आम आदमी पार्टी के विधायक कपिल मिश्रा, और बीजेपी सांसद प्रवेश साहिब सिंह भी शामिल हैं। वहीं दूसरी ओर अनिल बैजल ने केजरीवाल सरकार के साथ मीटिंग करने से इंकार कर दिया है।

गौरतलब है कि इस मामले में एक के बाद एक नया रोमांच देखने को रहा है। 8 दिन के इस धरने प्रदर्शन में आईएएस एसोसिएशन की तरफ से दो बार बयान आ चुका है कि वह धरने पर नहीं है। जबकि CM अरविंद केजरीवाल का अभी तक यही कहना है कि   IAS धरने पर गए हैं वहीं CM अरविंद केजरीवाल का इस मामले में समर्थन देने पहुंची पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के अलावा तीन  और मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू, पिनराई विजयन, एच डी कुमारस्वामी, केजरीवाल से मिलना चाहते थे जिन्हें मिलने की इजाजत नहीं दी गई। उसके बाद CM अरविंद केजरीवाल ने पीएमओ कार्यालय पर मिलने की इजाजत न देने के लिए आरोप लगाया था। अब देखना यह है कि मामले में क्या फैसला आता है।

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