आम लोगों को मिली राहत, पिछले पांच दिनों में पेट्रोल, डीजल पर की गई कटौती

अंतरराष्ट्रीय बाजार में पिछले चार दिनों से कच्चे तेल के दाम कम होते जा रहे हैं। जिसकी वजह से पेट्रोल-डीजल के दाम में मामूली कमी आई है। हालांकि, पेट्रोल-डीजल की कीमतें 14 मई 2018 से 29 मई 2018 तक लगातार बढ़ी हैं। इन 16 दिनों में पेट्रोल पर करीब 4 और डीजल पर 3.62 रुपये की बढ़ोतरी हुई थी। बीच में ही बीते बुधवार को तकनीकी खामी के कारण इंडियन ऑयल के पोर्टल पर रेट कार्ड में एक लीटर पेट्रोल 60 पैसे तक सस्ता दिखने लगा था। हालांकि,‌‌ कुछ ही देर बाद IOC ने इसे तकनीकी खामी बता दुरुस्त करा लिया। शनिवार को महाराष्ट्र के परभणी में पेट्रोल सबसे महंगा बिका। यहां पेट्रोल 87.69 रुपये और डीजल 74.09 रुपये प्रति लीटर रहा। वहीं, अंडमान-निकोबार के पोर्टब्लयेर में पेट्रोल सबसे सस्ता 67.36 रुपये और डीजल 64.75 रुपये प्रति लीटर बिका।

‎सरकार यह लगातार कह रही है कि, वो पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों से आम आदमी को राहत देने के लिए एक दीर्घकालिक समाधान तलाश रही है, लेकिन इससे पहले ही पिछले कुछ दिनों से पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कमी आनी शुरू हुई है। हालांकि, पिछले कुछ दिनों में सिर्फ केरल राज्य ने ही पेट्रोल-डीजल पर टैक्स घटाने का ऐलान किया। केरल की राज्य सरकार ने पेट्रोल और डीजल की कीमतें 1 रुपए कम करने का फैसला लिया है, जो 1 जून से लागू हो गई हैं। ऐसा करने वाला केरल देश का पहला राज्य बन गया था।

पेट्रोलियम मंत्री धर्मेद्र प्रधान ने पिछले दिनों कहा कि, तेल की कीमतों का निर्धारण तेल कंपनियां करती हैं और उसमें सरकार की कोई भूमिका नहीं होती है। पेट्रोलियम मंत्री ने पेट्रोल और डीजल के दाम में एक पैसे की कमी को लेकर विपक्ष के ताने पर सफाई देते हुए यह स्पष्टीकरण दिया। उन्होंने कहा, “पिछले कुछ साल से पेट्रोल की कीमत बाजार द्वारा तय होती है और दैनिक कीमतों का निर्धारण पिछले साल से हो रहा है। सरकार कीमतों का निर्धारण नहीं करती है।” आपकों बता दें की, मोदी सरकार को ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉरपोरेशन (ONGC) ने एक प्‍लान सुझाया है, जिसके चलते आनेंवाले दिनों में तेल की कीमतें स्थिर रहेंगी। हालांकि, योजना पर मोदी सरकार कब से अमल करेगी, इस पर फैसला नहीं हो पाया है। तेल की कीमतें कम करने को लेकर सरकार पहले ही कह चुकी है कि, वह इसमें कोई हस्‍तक्षेप नहीं करेगी। उसने तेल पर एक्‍साइज व अन्‍य तरह के कर घटाने से भी इनकार कर दिया है। ऐसे में अब ओएनजीसी का प्‍लान ही एकमात्र रास्‍ता है, जिससे कीमतें घटेंगी नहीं लेकिन स्थिर रहेंगी।

पेट्रोल और डीज़ल के दामों में पिछले चार दिनों पर नज़र डालें तो पता चलता है कि, बुधवार से लेकर शनिवार तक पेट्रोल जहां 4 दिनों में 23 पैसे सस्ता हुआ, तो वहीं डीज़ल 4 दिनों में 21 पैसे घटा है। शनिवार को पेट्रोल और डीज़ल के दाम में शुक्रवार के मुकाबले 9 पैसे प्रति लीटर कमी आई। रविवार सुबह पेट्रोल के दाम शनिवार के मुकाबले 78.20 रुपये से घटकर 78.11 रुपये हो गए हैं। हालांकि बीते दिन के मुकाबले डीजल की कीमतें अपरिवर्तित ही रही हैं। यानी डीज़ल के दाम अभी भी 69.11 रुपये प्रति लीटर ही हैं‌ और‌‌ इसमें‌ लगातार पांचवें दिन गिरावट देखने को मिल रही है। पिछले पांच दिनों में पेट्रोल पर कुल 32 पैसे की कटौती की जा चुकी है वहीं, डीजल पर पिछले पांच दिनों में 20 पैसे की कटौती की गई है। रविवार को तेल कंपनियों ने पेट्रोल पर 9 पैसे की कटौती की है। डीजल के दाम में कोई कटौती नहीं की गई है।

एक्सपर्ट्स बताते हैं के अंतर्राष्ट्रीय बाजार में क्रूड 5 % लुढ़क गया है। ब्रेंट क्रूड के भाव 80 डॉलर से गिरकर 76 डॉलर प्रति बैरल पर आ गए है। इसीलिए घरेलू बाजार में पेट्रोल की कीमतें घटी है।

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