‘ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस वे’ का आज होगा उद्घाटन, सरकार के 4 साल में बना देश का पहला स्मार्ट और हरित राजमार्ग

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के पहले स्मार्ट और हरित राजमार्ग ‘ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस वे’ का रविवार को उद्घाटन करेंगे। इस मौके पर प्रधानमंत्री एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार सुबह करीब 11:25 बजे हरियाणा के सेवली स्थित टोल प्लाजा पर एक्सप्रेस वे का उद्घाटन करेंगे। उद्घाटन समारोह में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, राज्यपाल रामनाईक, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, हरियाणा के सीएम मनोहरलाल खट्टर मौजूद रहेंगे। इसके बाद वे खुली जीप में 6 किलोमीटर लंबा एक रोड़ शो करेंगे और एक्सप्रेस वे का मुआयना करेंगे। खुली जीप में 6 किलोमीटर चलने के बाद मोदी एक प्रदर्शनी और एक्सप्रेसवे के 3डी मॉडल का उद्घाटन करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी का यह रोड शो दिल्ली के निजामुद्दीन ब्रिज से शुरू होगा। इसके बाद मोदी हेलिकॉप्टर से बागपत रवाना होंगे।

ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस वे की आधारशिला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नवंबर 2015 में रखी थी। इसका काम फरवरी 2016 में आरंभ हुआ। इस तरह यह 27 महीने में तैयार हुआ है। इस पर 11 हजार करोड़ आई लागत में 6000 करोड़ किसानों को जमीन के मुआवजा के तौर पर दिए गए हैं।

ये है इस स्मार्ट और हरित राजमार्ग ‘ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस वे’ की खास बातें:-

-यह देश का पहला एक्सेस कंट्रोल हाईवे होगा।

-एक्सप्रेस वे के रास्ते में आर्ट गैलरी बनाई गई है, जिसमें 35 प्रोजेक्टर लगाए गए हैं। इन प्रोजेक्टरों के जरिए दिल्ली के बेतरीन दृश्यों को दिखाया जाएगा।

-‎रास्ते में यात्रियों के लिए कैंटीन, रेस्ट रूम, पेट्रोल पंप और वॉशरूम की सुविधा भी दी गई है।

-‎सिर्फ 70 मिनट में तय हो सकेगा कुंडली से पलवल तक का सफर।

-‎135 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेस वे पलवल गाजियाबाद और कुंडली को जोड़ेगा।

-‎52 छोटे और बड़े पुल बनाए गए हैं मार्ग पर।

-‎07 इंटरचेंज प्वाइंट हैं रास्ते में।

-‎08 रेल ओवर ब्रिज और तीन फ्लाईओवर भी होंगे।

-‎151 पैदल अंडरपास और 70 वाहन अंडरपास बनाए गए हैं।

-‎500 मीटर पर दोनों तरफ वर्षा जल संचयन की व्यवस्था होगी।

-‎36 राष्ट्रीय स्मारकों को प्रदर्शित किया जाएगा।

-‎40 झरने भी होंगे इस एक्सप्रेस वे पर।

-‎8 सौर संयंत्र बनाए गए हैं रोशनी के लिए जिनकी क्षमता 4 मेगावाट है। यह देश का पहला हाईवे है, जहां सौर बिजली से सड़कें रोशन हो रही हैं।

-‎40 फीसदी भारी वाहनों का बोझ घटेगा दिल्ली से।

-‎इलेक्ट्रॉनिक तरीके से वसूला जाएगा टोल।

-‎इसमें 14 लेन हैं।

-‎इसके अलावा प्रत्येक 500 मीटर पर दोनों तरफ रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम की व्यवस्था की गई है।

-‎यह देश का सबसे हाईटेक हाईवे हैं।

-‎यह एक्सप्रेस वे देश की राजधानी दिल्ली को जाम और प्रदूषण से राहत दिलाएगा।

शुक्रवार को नितिन गडकरी ने बताया था कि, ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस वे रिकार्ड 500 दिनों में बनकर तैयार हुआ है। गडकरी ने कहा कि, 52,000 वाहन अब शहर में प्रवेश नहीं करेंगे। बल्कि उन्हें डायवर्ट कर दिया जाएगा। इस वजह से प्रदूषण और यातायात समस्या का सामाधान होगा। यह हाईवे कुंडली, मवीकलां (एनएच-57), दुहाई (एनएच-58), डासना (एनएच-24), बील अकबलपुर (एनएच-91) को जोड़ते हुए कासना-सिकंदरा, फैजपुर खादर से होते हुए हरियाणा के पलवल से जुड़ेगा। इस हाईवे के शुरू होने से राजस्थान, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश तथा जम्मू-कश्मीर से आने वाले वाहनों को अब दिल्ली के अंदर प्रवेश नहीं करना पड़ेगा। रविवार शाम से लोगों के लिए खुल जाएगा 135 किलोमीटर लंबा ईस्टर्न पेरीपेरल एक्सप्रेस-वे। इसके पूरी तरह 2019 से 2020 तक बनने की संभावना है।

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