देश के कम से कम 13 राज्यों और दो केन्द्र शासित प्रदेशों में आंधी-तूफान और भारी बारिश की आशंका, आंधी-तूफान के दौरान बरतें ये सावधानियां

देश के कम से कम 13 राज्यों और दो केन्द्र शासित प्रदेशों में आंधी-तूफान और भारी बारिश की आशंका है। गृह मंत्रालय के अनुसार जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश के कुछ स्थानों पर आंधी-तूफान और बारिश हो सकती है जबकि उत्तराखंड और पंजाब के कुछ स्थानों पर गरज के साथ बारिश आ सकती है और तेज हवाएं चल सकती हैं।

गृह मंत्रालय से मिली सूचना के अनुसार, जम्मू कश्मीर , उत्तराखंड , हिमाचल प्रदेश,पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ , दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ स्थानों पर जोर की बारिश हो सकती है और तेज हवाएं चल सकती हैं। मौसम विभाग के अनुसार इस दौरान गरज के साथ बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं और  50 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से हवा चल सकती है। पश्चिमी राजस्थान में धूल भरी आंधी चल सकती है। हालांकि, मौसम विभाग ने बताया कि इस तूफान के 4 मई को आए विनाशकारी तूफान जैसा शक्तिशाली होने की उम्मीद नहीं है। वहीं हरियाणा के दूर दराज इलाकों में सात और आठ मई को आंधी-तूफान आने की मौसम विभाग की चेतावनी के बाद राज्य सरकार ने सभी निजी और सरकारी स्कूल बंद रखने का फैसला किया है। इन दोनों दिनों के लिए प्रदेश के सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूलों की छुट्टियां घोषित कर दी हैं। राज्य के शिक्षा मंत्री प्रफेसर रामविलास शर्मा ने इसकी पुष्टि की है। हरियाणा के करीब 350 प्राइवेट औ 575 सरकारी स्कूलों को 2 दिनों तक बंद रखने का आदेश दिया गया है। जिसके बाद प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने मौसम विभाग से इस बारे में जानकारी मांगी। PMO ने पूछा, कि आखिर किस तरह से हरियाणा सरकार को एडवाइजरी दी गई है, कि स्कूल बंद करने पड़ रहे हैं। PMO के सवाल पर मौसम विभाग ने हैरान करने वाला जवाब दिया है। मौसम विभाग का कहना है, कि उनकी तरफ से हरियाणा सरकार को ऐसी कोई एडवाइजरी जारी नहीं की गई है, कि स्कूल बंद कर दिए जाए।

पिछले हफ्ते धूल भरी आंधी, तेज बारिश और बिजली गिरने के कारण पांच राज्यों में 124 लोगों की मौत हो गयी थी और 300 से अधिक लोग घायल हो गये थे। उत्तर भारत में बुधवार देर रात आए आंधी-तूफान ने भारी तबाही मचाई थी। उत्तर प्रदेश और राजस्थान में इस तूफान से 150 से ज्यादा जानें गईं। वहीं 400 से ज्यादा पशु भी मारे गए। 132 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ़्तार से आए तूफान से सबसे ज्यादा मौतें यूपी के आगरा में हुई हैं, जहां से 50 से ज्यादा लोगों के मरने की खबर है। ऐसे में एक बार फिर तूफान की आशंका से लोगों में दहशत फैली हुई हैं।

     
आंधी-तूफान के दौरान बरतें ये सावधानियां


-घरों में ही रहें, जरूरत पड़ने पर ही बाहर निकलें।
-गाड़ियों को पेड़ों के नीचे न खड़ी करें।
-आंधी-तूफान आने के दौरान पेड़ों का सहारा न लें।
-चक्रवात और तूफान के अलर्ट को लेकर अपडेट रहें।
-मकान के मजबूत हिस्से की ओर घर के अंदर रहें।
-गैस, बिजली और पानी का कनेक्शन बंद कर दें।
-बिजली के पोल से दूर रहें।

विभाग ने मौजूदा पश्चिमी विक्षोभ के कारण उत्तर और पूर्वोत्तर भारत के तमाम इलाकों में आंधी और तेज हवाओं का दौर जारी रहने के बावजूद राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश, भीतरी महाराष्ट्र के सभी इलाकों और तेलंगाना, रायलसीमा तथा भीतरी उड़ीसा के कुछ इलाकों में अगले तीन दिनों तक अधिकतम तापमान 40 से 44 डिग्री सेल्सियस तक रहने का अनुमान व्यक्त किया है। तो वहीं इसके चलते दिल्‍ली का तापमान 36 डिग्री तक लुढ़क सकता है। उत्तराखंड के ऊपरी इलाकों में तो बर्फबारी और बारिश ने दस्तक भी दे दी है। कड़ाके की ठंड से बचने के लिए लोगों ने गर्म कपड़ों का सहारा तो लिया है, लेकिन भारी बारिश से हालात अब ज्यादा बिगड़ सकते हैं। अचानक बदले मौसम के रुख से लोग घबराए और सहमे हुए हैं। पेड़ गिरे, बिजली व्यवस्था चरमरा गई।

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