नरेन्द्र मोदी की तर्ज पर, सीएम योगी ने भी ‘टोपी’ पहनने से किया इनकार

टोपी की राजनीति तो भारत में वैसे ही बहुत अच्छे तरीके से की जाती है, और जब बात आ जाती है ‘सफेद टोपी’ की ; तो मामला और भी राजनीतिक हो जाता है। कुछ ऐसी ही तस्वीर उत्तर प्रदेश के मौजूदा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पेश की है। योगी आदित्यनाथ ने कबीरदास की मजार पर भ्रमण के दौरान टोपी पहनने से इनकार कर दिया। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी एक कार्यक्रम के दौरान टोपी पहनने से साफ मना कर दिया था जिसके बाद उन्हें मंच पर शॉल दी गई थी। वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के द्वारा टोपी पहनने से मना करने पर राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हो गई है।

क्या है पूरा मामला – 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कबीर दास की जयंती के पूर्व, जायजा लेने के लिए मगहर गए हुए थे। वहां पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी व्यवस्थाओं की जानकारी हासिल की। लेकिन मजार के अंदर पहुंचते ही उन्हें मजार के खादिम ने टोपी पहनाने की कोशिश की तो योगी आदित्यनाथ ने टोपी को पकड़ते हुए टोपी पहनने से साफ इनकार कर दिया। दरअसल कबीरदास की 620वीं जयंती पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मगहर जाने वाले हैं। वहां पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वागत को लेकर और उनकी उपस्थिति के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था ना उत्पन्न हो इस बाबत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वयं मगहर जाकर तैयारियों का जायजा लेने की जरूरत समझी।

राजनीतिक गलियारे में मची हलचल – 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के टोपी पहनने से मना करने पर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। एक ओर जहां विपक्ष उन्हें घेर रहा है तो दूसरी ओर उन पर धार्मिक भेदभाव का इल्जाम भी लगाया जा रहा है। समाजवादी पार्टी के नेता सुनील साजन ने तंज़ भरे अल्फाजों में योगी आदित्यनाथ को आड़े हाथों लिया सुनील साजन ने कहा कि योगी को सभी टोपियां एक ही जैसी लगती हैं। उन्होंने आगे कहा कि योगी आदित्यनाथ पाखंड में फंसे हुए हैं ऐसे लोगों को कबीरधाम नहीं जाना चाहिए तो वहीं दूसरी ओर कांग्रेसी नेता प्रमोद तिवारी ने कहा कि किसी को जबर्दस्ती टोपी नहीं पहनाई जानी चाहिए। प्रमोद तिवारी ने आगे कहा कि इससे पहले नरेंद्र मोदी ने टोपी पहनने से इनकार किया था अब योगी आदित्यनाथ ने कर दिया टोपी पहनना मान सम्मान का प्रतीक है। इसे पहनने से या ना पहनने से कोई छोटा बड़ा नहीं हो जाता है।

गौरतलब है कि कबीर दास की जयंती पर प्रधानमंत्री मगहर जाने वाले हैं और योगी आदित्यनाथ की टोपी पहनने से मना करने को लेकर अभी और भी राजनीतिक बयानबाजी होना लाजमी है इससे पहले नरेंद्र मोदी ने गुजरात के पीराणा गांव में टोपी पहनने से मना कर दिया था जिसको लेकर जमकर सियासी माहौल गरम हुआ था और अब बारी है मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मगहर प्रकरण की जिस पर जमकर ताने-बाने बुने जाने हैं। हालांकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने टोपी पहनने से मना तो किया था लेकिन जब उनसे कहा गया कि वह टोपी अपने हाथ में पकड़ लें तो योगी आदित्यनाथ ने इस बात को स्वीकारते हुए टोपी अपने हाथ में पकड़ ली। हालांकि इस पर जो प्रतिक्रियाएं हैं वह जल्द ही आना शुरू होंगी और उनसे आज का रिपोर्टर है आपको रूबरू करवाएगा

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