नवाज शरीफ ने मुम्बई हमलों में पाकिस्तानी आतंकवादीयों की संलिप्तता स्वीकारी

मुंबई हमले के पीछे पाकिस्तानी आतंकियों का हाथ होने के भारत के दावे पर अब पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने अपना मुंह खोला हैं। शरीफ ने शुक्रवार को मुल्तान में रैली से पहले डॉन अखबार को दिए इंटरव्यू में ये बयान किया है कि, 10 पाकिस्तानी आतंकियों ने ही 26 नवंबर 2008 में मुंबई के ताज होटल में आतंकवादी हमला किया था, जिसमें 166 भारतीय और विदेशी नागरिक मारे गए थे और 300 लोग घायल हो गए थे और कहा कि, अब भी यहाँ आतंकवादी संगठन सक्रिय हैं। शरीफ ने पूछा कि, आखिरकार हम क्यों नहीं इस मामले की सुनवाई पूरी कर सके? हमले में शामिल लोगों को सजा क्यों नहीं दी जा सकी? ‘उन्होंने कहा कि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान पर आरोप लगाया था कि, पाकिस्तान सिर्फ झूठ बोल सकता है और फसा सकता है, इसके सिवाय पाकिस्तान को कुछ नही आता। वह आतंकवादियों का घर हैं, उन्हें सुरक्षा प्रदान कर रहा हैं और हमारी आँखों में धूल फेंक रहा हैं ये कहकर कि, हम भी आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई कर रहे हैं। विश्व कि पटल पर इस वक़्त पाकिस्तान पूरी तरह से अकेला पड चुका हैं। इसकी वजह सिर्फ और सिर्फ आतंकवाद है और आतंकवाद को पाल पोसकर बडा करने वाला, बढ़ावा देने वाला पाकिस्तानी सरकार और पाकिस्तानी आर्मी। शरीफ ने कहा कि, आप ऐसे देश को नहीं चला सकते, जहां दो-तीन समानांतर सरकारें चल रही हों। सिर्फ एक ही सरकार हो सकती है, जो संवैधानिक प्रक्रिया से चुनी गई हो।’ मुंबई हमलों को नौ साल से अधिक समय हो चुका है, लेकिन पाकिस्तान में अब तक किसी भी संदिग्ध को सज़ा नहीं दी सकी है। इससे यह भी साबित होता है कि, पाकिस्तान सरकार ISI और पाकिस्तान लष्कर के हाथ में एक कठपुतली है। इस बयान से शरीफ़ ने पाकिस्तान की सेना पर सवाल उठाये हैं। इसके पीछे की वजह सेना से उनकी दुश्मनी को माना जा रहा है। नवाज़ शरीफ़ के बयान से साफ़ है कि देश में चुनी हुई सरकार की नहीं बल्कि सेना की चलती है, हालांकि जब शरीफ देश के प्रधानमंत्री थे, तो उन्होंने भी इस हमले को कभी स्वीकार नहीं किया, क्योंकि वह भी ISI और पाकिस्तानी लष्कर से डरते थे।2008 में हुए मुंबई में आंतकी हमले पर पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के इस बयान के बाद भारत ने शरीफ के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि, भारत को शरीफ के कबूलनामे की जरूरत नहीं है, क्योंकि हम शुरू से ही कहते आ रहे हैं कि, भारत में आतंकी हमलों के पीछे पाकिस्तान की ही हाथ होता है। भारत के मुताबिक, पाकिस्तानी आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा ने इस आतंकी हमले की साजिश रची थी। पाकिस्तानी आतंकी कसाब को जिंदा पकड़ लिया गया था और अदालत के फैसले के बाद उसे फांसी दे दी गई थी। पाकिस्तान में रह रहा हाफिज सईद इस हमले का मास्टरमाइंड था।हालांकि ये पहला मौक़ा नहीं है जब मुंबई हमले में पाकिस्तानी आतंकियों का हाथ हैं, इस बात को क़बूल किया गया हो। 2009 में PPP सरकार के गृहमंत्री रहमान मलिक ने भी डेढ़ घंटे की प्रेस कॉंफ़्रेंस का आयोजन कर ये बताया था कि, मुंबई हमले को किस तरह से पाकिस्तान की ज़मीन से अंजाम दिया गया, लेकिन न तो PPP और न ही नवाज़ की सरकार ने दोषियों को सजा हुई।

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