ब्लैक मनी पर सरकार का दावा फुस्स , स्विस बैंको में भारतीयों की जमा रकम बढ़ी

स्विट्ज़रलैंड के बैंकों में रखे पैसे के मामले में भारत हमेशा आगे रहा है। अगर बात करें स्विस नेशनल बैंक (एसएनबी), स्विट्जरलैंड का केंद्रीय बैंक तो यह काले धन कोजमा करने के लिए भारतीयों की पहली पसंद है। स्विस बैंक ने एक चौंकाने वाला आंकड़ा प्रस्तुत किया है। आंकड़ों के अनुसार, 2017 में स्विस बैंकों में भारतीयों द्वारा जमा की गई राशि में 50 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। एसएनबी ने आधिकारिक तौर पर इन आंकड़ों को पेश किया है। अब स्विस बैंकों में भारतीयों द्वारा जमा की गई कुल राशि 7,000 करोड़ रुपये हो गई है।

भारत स्विस बैंकों में भारतीयों द्वारा काले धन जमा करने पर कठोर कदम उठा रहा है, लेकिन इसके बावजूद काला धन रुकने की बजाये बढ़ता ही जा रहा है। हालांकि एक बात और गौर करने वाली है के एसएनबी द्वारा जारी आंकड़ों से यह स्पष्ट नहीं है कि 50 प्रतिशत की वृद्धि काले धन में है या फिर यह कमाई में कमी है।

यह महत्वपूर्ण है कि काले धन की समस्या को हल करने के लिए स्विस और भारत के बीच जानकारी के आदान-प्रदान की प्रक्रिया प्रगति पर है। माना जा रहा था कि स्विट्जरलैंड में बैंकिंग गोपनीयता के खिलाफ वैश्विक अभियान के बाद ऐसी धारणा थी कि जिन भारतीयों ने अपना अवैध धन पूर्व में स्विस बैंकों में रखा था, वे उन्हें दूसरी जगहों पर स्थानांतरित कर सकते हैं।

अब इस आंकड़े के दुनिया के सामने आने के बाद सरकार के काला धन विरोधी छवि को बहुत बुरा झटका तो लगा ही है और साथ उसके दावें भी फुस्स साबित हुए है जिसको लेकर जुमला भी आज तक मशहूर है कि सब के बैंक खाते में 15 लाख रुपये आएंगे | अब काला धन तो बढ़ा या घटा है तो वह स्विट्ज़रलैंड के बैंको में सुरक्षित न कि यहाँ कि भारत के आम आदमी की जेब में जिसको जीवन यापन करना ही मुश्किल साबित हो रहा है|

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