भारत-पाक के बीच शांति स्थापित करने के लिए वक़ालत नहीं करते मोदी : मुशर्रफ

पाकिस्तान के पूर्व सैन्य प्रमुख और राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ ने नरेंद्र मोदी पर टिप्पणी करते हुए कहा है कि भारत और पाकिस्तान के बीच शांति स्थापना के लिए नरेंद्र मोदी बातचीत करने की वकालत नहीं करते। जबकि अटल बिहारी वाजपेई और मनमोहन सिंह की सरकार में भारत और पाकिस्तान के बीच शांति स्थापना होने की संभावनाएं काफी नजदीक थी।

क्या था मुशर्रफ का बयान-

परवेज मुशर्रफ का कहना है कि उनके शासनकाल के दौरान भारत और पाकिस्तान दोनों सुलह के रास्तों की ओर बढ़ रहे थे, क्योंकि उनके द्वारा किए गए प्रयास जायज थे और भारत की ओर से भी उन्हें सकारात्मक परिणाम मिलता था । जब जब परवेज मुशर्रफ बात करना चाहते थे भारत की ओर से अगुवाई जरूर होती थी। ऑल पाकिस्तान मुस्लिम लीग के पूर्व प्रमुख मुशर्रफ ने एक इंटरव्यू में कहा कि – ” उनके शासनकाल में भारत और पाकिस्तान ले के रास्ते पर बढ़ रहे थे, उस समय मैंने भारत के दोनों प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई और डॉ• मनमोहन सिंह से बात की थी। दोनों नेता अलग-अलग दल से होने के बावजूद भी विवादों से आगे बढ़ना चाहते थे। उन्होंने दावा किया कि पूर्व राष्ट्रपति की तरफ से शांति के लिए 4 सूत्रीय पहल की गई थी। इस पहल को लागू करने के लिए दोनों देशों का नेतृत्व भी तैयार था। मुशर्रफ ने कहा कि विवाद के इन 4 सूत्रीय बिंदुओं में सियाचिन और कश्मीर मुद्दा भी शामिल था। लेकिन मौजूदा प्रधानमंत्री की तरफ से इस मुद्दे को हल करने के लिए कोई भी पहल नहीं की गई है ।

अमेरिका और पाकिस्तान के संबंध बिगड़े-

मुशर्रफ ने अमेरिका पर आरोप लगाया है कि, पाकिस्तान के खिलाफ जाकर अमेरिका, भारत से नजदीकियां बढ़ा रहा है। मुशर्रफ ने कहा कि अमेरिका अपने मर्जी और जरूरत के हिसाब से पाकिस्तान का इस्तेमाल करता है, जब इस्लामाबाद की जरूरत उसे नहीं होती है तो अमेरिका, पाकिस्तान को ‘दगा’ दे देता है। एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक मुशर्रफ ने “वॉयस ऑफ अमेरिका’ को दिए एक इंटरव्यू में कहा है कि अमेरिका पाकिस्तान संबंध को काफी झटके लगे हैं और अभी यह अपने सबसे निचले स्तर पर है।

भारत की ओर से नहीं गया कोई जवाब –

परवेज मुशर्रफ की इन बातों के संज्ञान में आने के बाद से अभी तक किसी भी भारतीय नेता ने टिप्पणी नहीं की है और ना ही इसके बारे में विचार किया है। केंद्र की सरकार भाजपा, के मंत्रियों में से भी, किसी ने अभी तक कोई जवाब नहीं दिया है। उम्मीद है कि जल्द ही इस मामले को संज्ञान में लेते हुए कोई ना कोई प्रतिक्रिया भारत की तरफ से अवश्य की जाएगी।

उल्लेखनीय है कि 74 साल के परवेज मुशर्रफ देशद्रोह के आरोपों का सामना सामना कर रहे हैं। वह करीब पिछले 1 साल से दुबई में रह रहे हैं इलाज कराने के सिलसिले को लेकर उन्हें पाकिस्तान छोड़ने की इजाजत दी गई थी।

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