रोहिंग्या मुसलमानों पर रोक लगाने के लिए, केंद्र सरकार ने जारी किए निर्देश

केंद्र सरकार ने रोहिंग्या मुसलमानों पर रोक लगाने के लिए कड़े कदम उठाने की बात कही है। जी हां केंद्र सरकार ने इसके मद्देनजर सभी राज्यों को दिशा निर्देश जारी कर दिए हैं और म्यांमर से, अवैध तरीके से, आ रहे रोहिंग्याओं के खिलाफ सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव ने लिखित पत्र के माध्यम से जम्मू कश्मीर के साथ साथ सभी राज्यों को निर्देशित किया है कि इस मामले की समीक्षा करें और इन्हें रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाएं।

रोहिंग्याओं को लेकर केंद्र सरकार है चिंतित-

 

केंद्र की सरकार भारत देश में रह रहे रोहिंग्याओं को लेकर काफी चिंतित है, वहीं उसे उन रोहिंग्या मुसलमानों से भी खतरा है जो अवैध रूप से या गैर कानूनी तरीके से भारत में रह रहे हैं। जम्मू कश्मीर जैसे संवेदनशील इलाके में बहुत बड़ी तादाद में रोहिंग्याओं का जमावड़ा इस समय बसा हुआ है जिसको लेकर केंद्र सरकार परेशान है। लिखित पत्र में गृह मंत्रालय ने कहा है कि “देश में रह रहे रोहिंग्या मुसलमान लोगों की सुरक्षा के लिए बहुत बड़ी चुनौती हैं।”

रोहिंग्याओं के बीच उग्रवादियों के छिपे होने की आशंका- 

केंद्र सरकार की ओर से जारी पत्र और दिशा निर्देश से यह पता चलता है कि केंद्र सरकार को कहीं ना कहीं रोहिंग्याओं के बीच उग्रवादियों के छिपे होने की आशंका है। वहीं केंद्र सरकार को इस बात का भी अंदेशा है कि रोहिंग्या  कहीं ना कहीं अपराध में भी संलिप्त हैं। इस बाबत से निपटने के लिए गृह मंत्रालय ने  कड़े दिशा निर्देश जारी किए हैं। इससे पहले म्यांमार में रोहिंग्याओं के बीच उग्रवादी रह रहे थे जिसके बाद उन्होंने बहुत बड़ी संख्या में नरसंघार और बलात्कार जैसे घिनौने कृत्य को अंजाम दिया था।

रोहिंग्या हो सकते हैं देश की सुरक्षा के लिए खतरा – 

टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी खबर के मुताबिक गृह मंत्रालय की ओर से लिखे गए पत्र की बातों का खुलासा किया गया है। जिसमें कहा गया है कि गृह मंत्रालय ने अपने पत्र में कहा है कि रोहिंग्या मुसलमान देश की सुरक्षा के लिए खतरा हो सकते हैं। जम्मू कश्मीर के गृह सचिव को गृह मंत्रालय के द्वारा भेजे गए पत्र में कहा गया है कि भारत में गैरकानूनी रूप से रह रहे रोहिंग्या शरणार्थी नकली; वोटर कार्ड, पैन कार्ड, ID कार्ड, और मनी लॉन्ड्रिंग जैसी देश विरोधी गतिविधियों में शामिल हैं।  इससे पहले भी रोहिंग्या मुसलमानों के अवैध गतिविधियों में शामिल होने के कई कारनामे सामने आ चुके हैं।

म्यांमर से खदेड़ा गया है रोहिंग्याओं को- 

इससे पहले सुरक्षा के मद्देनजर और म्यांमार में हुए नरसंघार को देखते हुए लाखों की संख्या में रोहिंग्याओं को म्यांमार से खदेड़ा जा चुका है। जिसके बाद रोहिंग्याओं ने भारत-बांग्लादेश और अन्य देशों में शरण ली है। गौरतलब है कि “एमनेस्टी इंटरनेशनल” की रिपोर्ट में खुलासा हुआ था कि रोहिंग्या मुसलमानों ने हिंदू पुरुषों का नरसंघार किया था, एवं हिंदू महिलाओं के साथ उन्होंने बलात्कार भी किया था। एमनेस्टी की रिपोर्ट में यह भी खुलासा हुआ था कि उस समय 53 लोगों की हत्या कर दी गई थी जबकि 16 लोगों को इसलिए बख्श दिया गया क्योंकि वह इस्लाम कुबूलने को तैयार हो गए थे। जब रोहिंग्याओं को म्यांमार से खदेड़ा गया तब आंग सान सू की ने कहा था कि रोहिंग्याओं ने देश पर हमले किए इसलिए उन्हें खदेड़ा गया और वह आलोचनाओं से नहीं डरती क्योंकि उनके लिए देश की सुरक्षा से बढ़कर और कोई चीज प्यारी नहीं है।

केंद्र सरकार ने समय रहते इस पर तत्परता दिखाते हुए दिशा निर्देश जारी करके सभी राज्यों को चेताया है ताकि म्यांमार जैसे हालात भारत में ना बन सकें। वहीं जम्मू कश्मीर में बड़ी संख्या में रह रहे रोहिंग्या देश के लिए चिंता का विषय बन गए हैं, और सरकार को भी डर है कि कहीं उनके बीच उग्रवादियों की फौज रहने लग गई तो देश की सुरक्षा में सेंध लग जाएगी।

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