विदेश तक में सुर्खियां बटोर चुका झारखंड के खूंटी गैंग रेप कांड में अब तक क्या हुआ?

झारखंड में मिशनरी स्कूल प्रमुख समेत तीन लोगों को पिग के कोचांग गांव में सड़क नाटक के माध्यम से जागरूकता फैलाने वाली पांच आदिवासी लड़कियों के अपहरण  के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया है। हालांकि, प्रारंभिक जांच के बाद, स्कूल के प्रमुख को व्यक्तिगत मुचलके पर छोड़ दिया गया था। यह जानकारी पुलिस द्वारा दी गई। डीआईजी आरके मलिक ने बताया कि लड़कियों को मिशनरी स्कूल से ही किडनैप किया गया था। स्कूल के प्रमुख फादर अल्फोन्स एलियन और दो अन्य को शुक्रवार की रात को गिरफ्तार किया गया था।

इन दोनों की पहचान अजुब सांदी पुत्री और आशीष लोंगो के रूप में हुई है। उन्होंने बताया कि अल्फांसो के खिलाफ अपराध में मदद करने और इसकी सूचना नहीं देने के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई। उन्होंने बताया कि दोनों अन्य आरोपियों को बयान न्यायिक मजिस्ट्रेट के सामने दर्ज कराकर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। मामले में चार अन्य लोगों की पहचान हो गई है और उन्हें भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

मलिक ने बताया कि फादर अल्फांसो ने पीड़ितों से अपराधियों के साथ जाने के लिए कहा था। उन्होंने यह भी कहा कि वह उन्हें कुछ समय बाद छोड़ देगा। हालांकि अल्फोन्सो ने स्कूल में काम करने वाली दो नन को अपराधियों से छोड़ने को कहा था। एलडीजी ने कहा कि अल्फोन्सो को पुलिस को जानकारी देने का कर्तव्य था, लेकिन उसने इसे दबाने की कोशिश की।

इतने घिनोने अपराध में शामिल होने वाले अल्फोंसो को नीची मुचलके पर छोड़े जाने की घोर निंदा हो रही है जिस पर पुलिस का कहना है कि ठोस सबूत होने पर उसे गिरफ्तार कर लिया जायेगा| इससे पहले पुलिस अधीक्षक अश्विनी कुमार सिन्हा ने मामले में फरार आरोपियों की सूचना देने वाले को 50 हज़ार इनाम देने की घोषणा की| इस कांड से देश ही नहीं विदेशों में भी स्त्री सुरक्षा को लेकर भारत की बदनामी हुई है जिसे बदलने का एक ही रास्ता है पीड़ित आदिवासी लड़कियों के लिए त्वरित न्याय|

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