शहीद औरंगजेब के भाई ने कहा – बदले में सौ आतंकी मारो वरना हम खुद मारेंगे

हाल ही में जम्मू कश्मीर में जवान औरंगजेब को आतंकवादियों के द्वारा मार दिया गया था जब वह ईद की छुट्टी मनाने के लिए अपने घर जा रहे थे तब घर पहुंचने से पहले ही औरंगजेब को रास्ते से अगवा किया गया और उन्हें आतंकवादियों ने जान से मार दिया था। औरंगजेब का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव में शनिवार को कर दिया गया है। अंतिम संस्कार के बाद शहीद औरंगजेब के भाई ने कहा है कि हम PM मोदी से यही कहना चाहेंगे कि “हमें बदले में 100 चाहिए, मेरा भाई टाइगर था।” शहीद औरंगजेब के भाई ने यह भी कहा कि “मेरे भाई के बदले 100 आतंकवादियों को मारो, अगर नहीं मार सकते तो बता दो हम खुद ही देख लेंगे।

क्या कहा औरंगजेब के भाई ने – 

शहीद जवान औरंगजेब के अंतिम संस्कार में बहुत बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे अंतिम संस्कार के बाद शहीद के भाई ने कहा कि “हमें पता है कि बदला कैसे लिया जाता है ?  हम पहले सरकार के पास हैं तो पहले सरकार को ही फैसला लेना चाहिए। उसके बाद औरंगजेब के भाई ने कहा कि “अगर सरकार कुछ नहीं करती है तब हम खुद ही देख लेंगे ।” शहीद के भाई ने कहा कि मेरी 44 सीओ साहब से एक दरख्वास्त है कि मुझे ड्राइवर की फोटो, उसका नंबर, और ड्राइवर हमें चाहिए। शहीद के भाई ने कहा कि मेरा भाई 44 RR से आया है। मैं सबसे पहले 44 RR जाकर वहां अपने भाई के बारे में जानकारी इकट्ठा करूंगा उसके बाद सरकार के पास जाकर बात करूंगा कि इस मामले में करना क्या है ?”

शहाद जवान के पिता ने भी दी है चेतावनी – 

गौरतलब है कि बेटे की मौत के बाद कोई भी इंसान बुरी तरीके से टूट जाता है लेकिन देश के लिए अपनी जान को न्योछावर करने वाले “शहीद औरंगजेब” के पिता बहुत ही मजबूत इंसान है। उन्होंने अपने बेटे की शहादत को गर्व का विषय बताया था। उनके पिता ने सरकार से कहा था कि वह भी एक सिपाही हैं और सरकार को 72 घंटे की मोहलत देते हैं, नहीं उसके बाद वह खुद ही बदला लेंगे। औरंगजेब के पिता ने राज्य के नेताओं पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा था कि यहां बैठे नेता लोगों को मरवा रहे हैं ऐसे नेताओं को राज्य से निकाल देना चाहिए। शहीद जवान औरंगजेब के पिता ने यह भी कहा था कि मेरे बेटे का शहीद होना मेरा ही नुकसान नहीं बल्कि पूरे कश्मीर का नुकसान है।

गौरतलब है कि आतंकवादियों ने जवान औरंगजेब को पुलवामा जिले के पास से अगवा करके गोलियों से भून दिया था। औरंगजेब ईद मनाने अपने घर राजौरी जा रहे थे लेकिन उन्हें क्या पता था कि ईद के चांद का दीदार करने से पहले ही वह इस दुनिया से रुखसत हो जाएंगे। अब देखना यह है कि सरकार भारतीय जवानों पर हो रहे हमले पर कितना सक्रिय कदम उठाती है और वह आतंकवादियों पर लगाम कसने के लिए कितनी तत्पर और तैयार है।

Connect with Us! अपनी राय कमेंट्स में दें. ताजा ख़बरों के लिए हमें फॉलो करें. अगर आपको ये पोस्ट पसंद आई, तो इसे लाइक और शेयर करना न भूलें. Subscribe our Youtube Channel: AajKaReporter Follow us on: Facebook, Twitter, Instagram