सुप्रीम कोर्ट ने दूरदर्शन सहित अन्य निजी चैनलों को जानलेवा गेम ब्लू व्हेल पर लघु फ़िल्म बनाने का दिया निर्देश

न्यूज़ पेपर्स की सुर्खियां बटोर चुके गेम ‘ब्लू व्हेल’ से अब कौन परिचित नही होगा, एक आंकड़े के अनुसार लगभग 100 लोगो की मौत भारत मे इस खेल के कारण हो चुकी है, सहज ही लोगो का ध्यान आकृष्ट होना लाजमी ही है। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट में इसपे पूर्ण प्रतिबंध लगाने के लिए एक याचिका पर सुनवाई के बाद भारत के चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली तीन न्यायाधीशों की पीठ ने कहा कि ब्लू व्हेल गेम वास्तव में एक राष्ट्रीय समस्या है। याचिका खेल पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगाने को लेकर अधिवक्ता एन एस पुनिया और स्नेह कलित द्वारा दाखिल किया गया था।

बताते चले, की ब्लू व्हेल एक ऑनलाइन गेम है जिसमे 50 लेवल है जो कि 50 दिनों तक चलता है इसका मतलब हर दिन एक लेवल या टास्क दिया जाता है जिसे खिलाड़ियों को पूरा करना होता है। यह टास्क गेम के एडमिनिस्ट्रेटर द्वारा दिया जाता है। टास्क पूरा नहीं करने की स्थिति में खिलाड़ी को धमकी दी जाती है कि उनके स्मार्टफोन जो कि गेम के एडमिनिस्ट्रेटर के कंट्रोलमें है, से सभी को संदेश भेजे जाएंगे, या उनके प्रियजनों की जान को खतरा ही सकता है। खिलाड़ी की मानसिक स्थिति ऐसी नही होती कि वो इसके पर सोच सके और वो वही करता है जो गेम में उस से करवाया जाता है। इस जानलेवा गेम से ज्यादातर मौते स्कूल जाने वाले छात्रों की ही हुई है। इस गेम के चंगुल से जीवित बचे कुछ लोगों ने दावा किया कि खिलाड़ियों को अजीब- अजीब टास्क दिए जाते है, जैसे देर रात में हॉरर फिल्में देखना, अपने शरीर पर एक व्हेल को नक्काशी करना आदि।

सुप्रीम कोर्ट ने दूरदर्शन सहित अन्य सभी निजी टीवी चैनलों को निर्देश दिया कि जानलेवा ब्लू व्हेल गेम पर जागरूकता फैलाने हेतु 10 मिनट का लघु फ़िल्म बनाये ओर उसे प्राइम टाइम के दौरान प्रसारित करे। इस से ज्यादा से ज्यादा लोग तक इस जानलेवा खेल से बच सके।

भारत ऐसा एदेश में 100 लोगो की मौत के जिम्मेदार इस खेल पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के लिए एक याचिका के सिलसिले में सर्वोच्च न्यायालय ने 15 सितंबर को एक नोटिस जारी किया था। इसके बाद, केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि उसने इस मामले की जांच के लिए एक विशेषज्ञ समिति की स्थापना की थी। कथित तौर पर एक रिपोर्ट तीन हफ्तों के भीतर दायर की जाएगी।

ऐसे जानलेवा गेम खुद तो बचे ही और अन्य लोगो को भी इसके जानलेवा दूसरे दुष्प्रभावों से अवगत कराएं। परिवार के किसी भी सदस्य जिसके स्वभाव में थोड़ा सा भी बदलाव दिखे उस से बात करे, उसे ब्लू व्हेल के नकारात्मक प्रभाव के बारे में बताए।

खुद तो बचे ही और दुसरो को भी बचने के लिए प्रोत्साहित करें।

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