सेना और देश ने मिलकर किये हुए सबसे बड़े सर्जिकल स्ट्राइक का वीडियो हुआ जारी

केंद्र सरकार ने बुधवार देर शाम पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (POK) में 29 सितंबर 2016 को घुसकर की गई भारतीय सेना की सर्जिकल स्ट्राइक का करीब 8 मिनट का वीडियो 21 महीने बाद पहली बार जारी किया। उरी में सेना के कैंप पर हुए हमले के बाद जो नजारा बदला और भारतीय सेना ने इसका जिस तर्ज पर बदला लिया वह वास्‍तव में काबिले तारीफ था। पाकिस्‍तान और वहां बैठे आ‍तंकियों ने ऐसा कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि, कुछ गिने चुने भारतीय जवानों का दल उनके लिए मौत बन सकता है। आपको याद दिला दें कि, उरी हमले के वक्‍त सेना प्रमुख ने साफ कहा था कि, जवानों की मौत का बदला जरूर लिया जाएगा, लेकिन इसके लिए समय और जगह भारत ही तय करेगा। सर्जिकल स्‍ट्राइक में यह सभी कुछ दिखाई दिया।

सेना की तरफ से सर्जिकल स्ट्राइक करने की प्लानिंग 24 सितंबर से शुरू कर दी गई थी। नाइट विज़न डिवाइस के साथ विशेष दस्ताबल, टेवोर 21, एक-47 असॉल्ट रायफल्स, रॉकेट ग्रेनेड्स, शॉल्डर फायर्ड मिसाइल्स और अन्य विस्फोटकों को पैदल की नियंत्रण रेखा के पार कराया गया था। हर टीम में 30 जवान थे और उनका अपना विशेष लक्ष्य तय किया गया था। एक टीम दुश्मन के रडारों की पकड़ से दूर आसमान में तैयार 30 जाबांज भारतीय कमांडो की थी। कलाश्निकोव, टेवर्स, रॉकेट प्रोपेल्ड गन्स, हथियारों से लैस 35,000 फीट की ऊंचाई से तेजी से नीचे उतरते हुए सब कुछ इतने पिन ड्रॉप साइलेंस के साथ हुआ कि जमीन पर किसी को हल्की सी भी भनक नहीं लगे। ठीक उसी वक्त जमीन पर भारतीय सेना के बहादुर स्पेशल फोर्सेज के 7 दस्ते एलओसी के पार पाकिस्तानी बैरीकेड्स से रेंग-रेंग कर आगे बढ़ते हुए। इस ऑपरेशन में कुल 150 जवान शामिल थे।

यह ऑपरेशन 12:30 बजे रात में शुरु हुआ और सुबह 4:30 बजे तक चला था। इस दौरान अभियान में शामिल जवान नियंत्रण रेखा के उस पार करीब 2 किमी तक रेंगेते हुए आतंकी ठिकानों तक पहुंचे थे और ये पूरा ऑपरेशन 2-3 किलोमीटर के इलाके में चलाया गया था। इस सफल ऑपरेशन में जवानों ने आतंकियों के 7 शिविरों को ध्वस्त कर दिया था। साथ ही 38 आतंकियों को भी मार गिराया था। ऑपरेशन के बाद मीडिया के सामने आए डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशंस लेफ्टिनेंट जनरल रणवीर सिंह ने प्रेस कॉंफ्रेस में इसकी जानकारी दी थी। उन्होंने कहा था कि, सीमा पार मौजूद ये सभी आतंकी भारत पर बड़े हमले का प्लान बना चुके थे। भारत ने पहले आतंकियों के ठिकानों की जानकारी इकट्ठा की और फिर इसको अंजाम दिया।

सांबा से केरन के बीच करीब 250 किलोमीटर के फैलाव वाले क्षेत्र में एकसाथ की गई ये सर्जिकल स्ट्राइक अपनेआप में बेहद खास थी। दुश्मन के इलाके में घुस कर की जाने वाली सैन्य कार्रवाई के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा दायरा और तरीका इस स्ट्राइक में इस्तेमाल किया गया। इसके खतरे और जोखिम का स्तर भी सबसे ज्यादा रहा।

आपको बता दें की, देश का अभिमान और नाम बढ़ाने वाली सर्जिकल स्ट्राइक में शामिल सेना के स्पेशल फोर्सेस यूनिट के 4 पैरा और 9 पैरा के कमांडिंग अधिकारियों को युद्ध सेवा पदक नवाजा गया था। इसके अलावा इस यूनिट में शामिल जवानों को कीर्ति चक्र, युद्ध सेवा मेडल भी दिया गया था। साथ ही पिछले दिनों इसी सर्जिकल स्ट्रा्इक पर बनाई गई एक डॉक्युमेंट्री को हिस्ट्री चैनल ने टीवी पर प्रसारित किया था। चैनल ने इसका नाम स्पेशल ऑपरेशन इंडिया: सर्जिकल स्ट्राइक दिया था।

आपको बता दें की, जारी किये गये इस वीडियो में ड्रोन से किये गये हमले का भी शूटिंग हैं। इस वीडियो में यह साफ दिखाई दे रहा हैं की, किस तरह सेना ने आतंकियों के बंकरों को तबाह कर दिया। साथ ही आतंकियों को मौत के घाट उतार दिया गया। इस वीडियो को मानव रहित विमान (यूएवी) पर कैमरा लगाकर और ऑपरेशन पर निगरानी रखने के लिए इस्तेमाल किए जानेवाले कैमरे की थर्मल इमेजिंग से लिया गया है। यह वीडियो सामने आने के बाद हर भारतीय के हौसले बुलंद है।

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