स्वच्छ भारत सर्वेक्षण 2018 में दोबारा इंदौर बना पहला स्थान का स्वच्छ शहर

केंद्रीय शहरी विकास राज्यमंत्री हरदीप पुरी ने स्वच्छता सर्वेक्षण-2018 में उल्लेखनीय प्रदर्शन करने वाले प्रमुख शहरों की सूची जारी की है, जिसमे इंदौर ने एक बार फिर बाजी मारते हुए स्वच्छता सर्वेक्षण 2018 में पहला स्थान हासिल किया है। जबकि मध्य प्रदेश के ही भोपाल को दूसरा स्थान और चंडीगढ़ को तीसरा स्थान मिला। 4203 शहरों की स्वच्छता के सर्वेक्षण के बाद इन तीनों शहरों को सबसे स्वच्छ पाया गया। इस स्वच्छता सर्वेक्षण में राष्ट्रीय स्तर के कुल 23 और जोनल स्तर के 20 अवार्ड घोषित किये गये।

नार्थ जोन में छोटे शहरों (एक लाख की आबादी)में पंजाब के भाडसोन को सबसे स्वच्छ शहर पाया गया। जबकि पंजाब के ही मूनक को बेस्ट सिटीजन फीडबैक का पुरस्कार मिला है। हरियाणा के घरौंडा को इनोवेशन एंड बेस्ट प्रैक्टिसेस के लिए चुना गया है।

कैंटोनमेंट बोर्ड वर्ग में सबसे स्वच्छ दिल्ली कैंटोनमेंट रहा तो दूसरा स्थान उत्तराखंड के अल्मोड़ा कैंट को मिला और तीसरा रानीखेत कैंट को मिला है। सिटिजन फीडबैक के मामले में अव्वल रहा नैनीताल कैंट और इनोवेशन व बेस्ट प्रैक्टिसेस में तमिलनाडु का सेंट थामस का नाम पहले स्थान पर है। जबकि सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट में पहला स्थान पाने वालों में हिमाचल प्रदेश का जुटोघ कैंट शिमला रहा।

देश भर के राज्यों की राजधानी की स्वच्छता रैंकिंग में सिटीजन फीडबैक के मामले में झारखंड की राजधानी रांची ने पहला स्थान प्राप्त किया है तो एक लाख से तीन लाख आबादी वाले शहरों में सिटीजन फीडबैक के मामले में झारखंड के गिरीडीह ने अव्वल स्थान प्राप्त किया है। स्वच्छ सर्वेक्षण 2018 में राजस्थान की राजधानी जयपुर को फास्टेस्ट मूवर कैपिटल का खिताब दिया गया। वहीं सभी राज्यों की राजधानियों में ग्रेटर मुंबई सबसे साफ शहर साबित हुआ है।

सर्वे रिपोर्ट में बताया गया है कि 10 लाख से ज्यादा आबादी वाले शहरों में विजयवाड़ा सबसे साफ शहर रहा। आवास एवं शहरी विकास मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बुधवार को स्वच्छता सर्वेक्षण के नतीजे जारी करते हुए बताया कि म्युनिसिपल बॉडीज में नई दिल्ली म्युनिसिपल काउंसिल (एनडीएमसी) तीन लाख से कम आबादी वाला सबसे साफ शहर साबित हुआ है। जबकि 3 लाख से 10 लाख की आबादी वाले शहरों में मैसूर ने पहला स्थान हासिल किया है।

दूसरी तरफ ईस्ट जोन में ही चाईबासा को सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है. वहीं इनोवेशन और बेस्ट प्रैक्टिस के मामले में इसी श्रेणी में झारखंड के पाकुड़ को भी प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है।

    स्वच्छ सर्वेक्षण 2018 की रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तर प्रदेश का गाजियाबाद को तेजी बदलता बड़ा शहर माना है। वहीं, स्वच्छता के मामले में झारखंड को सबसे बेस्ट परफॉर्मेंस शहर बताया गया है। सर्वेक्षण में झारखंड को सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाला राज्य चुना गया। उसके बाद महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ का स्थान रहा। पिछले साल 2000 शहरों का सर्वेक्षण किया गया था, लेकिन इस बार 4000 से ज्याद शहरों का सर्वेक्षण किया गया है।

37.33 लाख लोगों ने दिया फीडबैक
सरकार ने कहा कि स्वच्छता सर्वेक्षण के मुताबिक, 37.66 लाख लोगों ने सर्वेक्षण के लिए अपना फीडबैक दिया है, ये लोग देश की 4,203 नगरपालिकाओं से आते हैं। इससे जुड़े अधिकारियों ने बताया कि स्वच्छ सर्वेक्षण का फील्ड सर्वे एक स्वतंत्र एजेंसी से कराया गया है और शहरों को रैंकिंग देने के लिए डेटा तीन सूत्रों से इकठ्ठा किया गया है। इसमें, सर्विस लेवल प्रोग्रेस, औचक निरीक्षण और लोगों के फीडबैक को शामिल किया गया है। इसमें लोगों के फीडबैक को 35 प्रतिशत हिस्सा दिया गया है।

यह देखा गया सर्वे में

पहला लेवल- एजेंसी को वेरिफाई करना था कि अर्बन लोकल बॉडी की ओर से शहरों में स्वच्छता भारत मिशन को प्रॉपर वे से लागू किया है या नहीं।

डायरेक्ट आॅब्जर्वेशन शहर की विभिन्न पार्ट में रेंडम चेक करके सफाई, पब्लिक टॉयलेट और कम्युनिटी टॉयलेट की सफाई चेक करना।

सिटीजन फीडबैक – सिटीजंस से डायरेक्ट फीड बैक और स्वच्छ भारत एप में पब्लिक की ग्रिवांस मोबाइल से प्रॉपर हल हो रही हैं, इसे वाॅच किया गया।

बेस्ट स्टेट कैपिटल : मुंबई
बेस्ट सिटी इन इनोवेशन : नागपुर
बेस्ट सिटी इन सोलिड वेस्ट मैनेजमेंट : नवी मुंबई
बेस्ट क्लीनेस्ट सिटी साउथ जोन : सिद्दीपेट, तेलंगाना
बेस्ट क्लीनेस्ट सिटी नॉर्थ जोन : भलसाओ, पंजाब
बेस्ट क्लीनेस्ट सिटी ईस्ट जोन : बूंदु, झारखंड
बेस्ट क्लीनेस्ट सिटी नॉर्थ ईस्ट जोन : काकचिंग, मणिपुर
बेस्ट क्लीनेस्ट सिटी वेस्ट जोन : पंचगनि, महाराष्ट्र

ऐसे चला अभियान
-15 फरवरी को स्वच्छ सर्वेक्षण टीम आई थी शहर
– 01 टीम ने खंगाली थी निगम डाक्यूमेंटेशन की 65 फाइलें
– दूसरी टीम ने किया था फिजिकल वेरिफिकेशन
– शहर में जगह-जगह लिए गए थे सिटीजन फीडबैक
– 12 दिन तक शहर में चला था स्वच्छ सर्वेक्षण

ये थे निधाज़्रित अंक 
– 4000 अंकों के आधार पर हुआ स्वच्छ सर्वेक्षण
– 1400 अंक सिटीजन फीडबैक, स्वच्छता एप डाउनलोडिंग के थे
– 1200 अंक डायरेक्ट ऑब्जरवेशन के
– 1400 अंक निगम डाक्यूमेंटेशन के हुए थे तय

4041 – शहरों में हुआ स्वच्छ सर्वेक्षण
500 – शहर 1 लाख से ज्यादा आबादी वाले
3541 – शहर एक लाख से कम आबादी

केंद्र सरकार ने स्वच्छ भारत अभियान के लिए वित्तीय वर्ष 2014-15 से लेकर अब तक बजट में 33,875 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं. अभियान की जमीनी हकीकत जानने के लिए ही हर साल स्वच्छ सर्वेक्षण किया जाता है. यह सर्वेक्षण क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा किया जाता है।

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