हुर्रियत कांफ्रेंस से बात करने को तैयार केंद्र सरकार – महबूबा मुफ्ती ने राजनाथ सिंह के बयान का किया स्वागत

जम्मू एवं कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने गृहमंत्री राजनाथ सिंह के बयान का स्वागत किया। गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने बयान दिया था कि केंद्र सरकार हुर्रियत कांफ्रेंस सहित सभी हितधारकों से बात करने के लिए तैयार है।

गृहमंत्री ने दिया था बयान –

केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने एक टेलीविजन चैनल से बातचीत के दौरान कहा था कि केंद्र सरकार हुर्रियत कांफ्रेंस सहित सभी हितधारकों से बात करने को तैयार है। वही केंद्र सरकार भी चाहती है कि जम्मू एवं कश्मीर में शांति और अमन कायम रह सके। इसी सिलसिले में सरकार की ओर से लगातार प्रयास जारी है, और इसी संदर्भ में राजनाथ सिंह का यह बयान उस वक्त सामने है जब घाटी में हालात पिछले कुछ दिनों से सामान्य हैं।

महबूबा मुफ्ती ने बयान का किया स्वागत –

जम्मू एवं कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने राजनाथ सिंह के इस बयान का स्वागत करते हुए एक टीवी चैनल से बातचीत करने के दौरान कहा कि “राज्य में बातचीत और सुलह की दिशा में यह एक स्वागत योग्य कदम है।” महबूबा मुफ्ती ने कहा कि रमजान के महीने में संघर्षविराम के सकारात्मक नतीजे एवं देश में अमन एवं शांति लाने के लिए राज्य को, सभी हितधारकों के साथ, शांतिपूर्ण बातचीत करने की प्रक्रिया के, शुरू होने को लेकर, उत्साहित होना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने जताया भरोसा –

एक तरफ महबूबा मुफ्ती ने केंद्र सरकार के इस बयान का स्वागत किया तो दूसरी ओर उन्होंने इस बयान को लेकर के हुर्रियत कांफ्रेंस और अन्य दलों से उम्मीद भी जताई है। महबूबा मुफ्ती ने कहा है कि “उन्हें उम्मीद है कि दल और हुर्रियत कांफ्रेंस जैसे समूह इस अवसर को बड़ी उपलब्धि मानते हुए इस अवसर का पूरा फायदा उठाने की कोशिश करेंगे, और इसमें सकारात्मकता दिखाते हुए राज्य के लोगों के प्रति अपनी जिम्मेदारी प्रदर्शित करेंगे ताकि यह अवसर बेकार न जाए।

बात करने की कोशिश में हैं राजनाथ सिंह –

जम्मू कश्मीर की हालात पर बात करते हुए राजनाथ सिंह ने संवाददाताओं से कहा कि जम्मू-कश्मीर में शांति का पेड़ अभी सूखा नहीं है और कश्मीर मुद्दे का स्थाई समाधान अंग्रेजी के 5’सी’ से जोड़ते हुए बताया कि करुणा, संवाद, सह-अस्तित्व, विश्वास बहाली और निरंतरता इन पांचों को अपनाकर के इस मुद्दे को हल किया जा सकता है। वहीं दिनेश्वर शर्मा जम्मू कश्मीर के विभिन्न तबकों में लोगों से बात करने की कोशिश में लगातार लगे हुए हैं, और दूसरी और अलगाववादियों से बात करने की इच्छा पर अभी तक कोई भी प्रतिक्रिया नहीं आई है।

महबूबा मुफ्ती ने कहा है कि जम्मू एवं कश्मीर में पिछले साल से हालात पहले से सामान्य हैं और शांति के कुछ संकेत भी दिखे हैं जो कि एक सकारात्मक परिणाम है कि हमें बात करने की कोशिश करनी चाहिए। वहीं दूसरी ओर महबूबा मुफ्ती ने प्रधानमंत्री के विकास पैकेज को एक लाख करोड़ तक बढ़ाने के फैसले की, राजनाथ सिंह की घोषणा पर आभार प्रकट किया और उन्होंने कृतज्ञता भी जाहिर की कि इससे जम्मू एवं कश्मीर में विकास की रफ्तार को बढ़ावा मिलेगा। अब देखा यह जाएगा कि केंद्र सरकार की ओर से बढ़ाए गए इस कदम का हुर्रियत कांफ्रेंस और अन्य दलों पर क्या असर पड़ता है, और उनके द्वारा क्या प्रतिक्रिया आती है।

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