‘ATM/DEBIT/CREDIT कार्ड्स जल्द ही व्यर्थ हो जाएंगी’- अमिताभ कांत, CEO, नीति आयोग

‘सूचना एवं तकनीक’ क्रांति के बाद से तकनीक में हुए विकास ने इंसानी जीवन के हर पहलुओं को प्रभावित किया है चाहे वो मोबाइल फ़ोन हो या कंप्यूटर, ATM हो या CREDIT कार्ड। नियमित शोध से तकनीक का विकास और बेहतर होना जारी रहा है जैसे कि कंप्यूटर से लैपटॉप, बेसिक फ़ोन से मोबाइल फ़ोन, वितीय लेनदेन के लिए ‘निकासी पर्ची’ से चेक बुक और फिर ATM कार्ड तक का सफर। ज्यादा सम्भावना है कि निकट भविष्य में आपको अपने साथ ATM/DEBIT/CREDIT कार्ड्स लेकर चलना न पड़े, बल्कि आप अपने पेमेंट्स अपने मोबाइल फ़ोन से ही करे। तकनीक में विकास ने इंसान को हमेशा संबल ही बनाया है। नियमित समयांतराल पर इसमें बदलाव से इंसानी जीवन को और सुचारू बनाती है।

‘आने वाले निकट भविष्य में सूचना और तकनीक में विकास होने से ATM, डेबिट और क्रेडिट कार्ड आदि चलन से बाहर हो जाएंगे।’ नीति आयोग के CEO अमिताभ कांत ने ऐसा कहा। उनका ऐसा मानना है कि अगले 4 सालों में वितीय लेन-देन के लिए Debit card, ATM card और Credit card आदि तकनीकी रूप से बेमानी हो जाएगी। लोग अपने मोबाइल फ़ोन का उपयोग वितीय लेन-देन के लिए करेंगे, भारत मे बहुत सारे नए innovations होंगे।

पूरे विश्व मे भारत एकमात्र ऐसा देश है जहाँ 1 अरब बॉयोमीट्रिक्स और कितने सारे मोबाइल फोन तथा बैंक खातें है। भारत को उन्होंने खोजों का ‘Oasis’ कहा।

 

सरकार जिस प्रकार digitalization का समर्थन कर रही है उस प्रकार से तो यह सही ही लगता है। केंद्रीय सरकार समर्थित ‘भीम’ एप्प का चलन दूर-दराज के गांवों में भी होना शुरू हो चुका है। पेमेंट्स बैंक भी जिस प्रकार अपने अपनी शाखाएं खोल रही है उस से तो यही लगता है आने वाले वक्त में बैंकिंग में वयापक बदलाव देखने को मिलेगा।

‎तो फिलहाल आने वाले बदलावों के लिए तैयार रहे,

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