सूचना देने के बदले निगम ने मांगी इतनी बड़ी रकम

देश में सूचना के अधिकार के तहत आज देश का प्रत्येक नागरिक कोई भी जानकारी, जो कि सरकारी सेवाओं से संबंधित है, आसानी से प्राप्त कर सकता है। लेकिन जब आपको यह सुनने में आएगा कि सूचना देने के बदले आपसे रकम मांगी जा रही है, तो आपको यह थोड़ा अजीब लगेगा लेकिन कुछ ऐसा ही एक वाक्या सामने आया है। जहां पर आरटीआई से जब सूचना मांगी गई तो नगर निगम ने डेढ़ लाख रूपए देने के बाद जानकारी देने की बात कही है।

मांगा गया 1.49 लाख रूपए – 

दरअसल एक आरटीआई कार्यकर्ता नहीं जब नगर निगम से जानकारी मांगी गई तो नगर निगम की ओर से उसे जवाब गया कि आप पहले 1.4 लाख रुपए दीजिए उसके बाद आपको सारी जानकारी उपलब्ध करा दी जाएगी। हेमंत गोनिया नाम के शख्स ने नगर निगम से नगरपालिका के टैक्स डिफॉल्टर्स और उनके खिलाफ हुई कार्रवाई पर जानकारी मांगी थी, जिसके प्रिंट आउट की लागत के रूप में नगर निगम ने उनसे 1.49 लाख रुपये के भुगतान की मांग की। दरअसल यह कीमत किसी जानकारी देने के बदले नहीं बल्कि जानकारी के प्रिंटआउट की है। ने 7 सितंबर को गोनिया से कहा कि 1.49 लाख रुपये का भुगतान करें जिससे 73,969 पेजों का प्रिंट आउट निकालकर उन्हें दिया जाए। बताया गया है कि एक पेज के प्रिंट आउट में दो रुपये की लागत आएगी। निगम के अधिकारियों का कहना है कि कुल लागत 149,288 रुपये है। जिसमें 135 पूर्ण आकार के कागजात शामिल हैं जिसकी प्रिंटिंग लागत ज्यादा है।

इसके बाद हेमंत गोनिया ने मुख्यमंत्री के पोर्टल पर जाकर शिकायत दर्ज करवाई है, कि क्या डिजिटलीकरण का इतना ही विकास हुआ है कि इस तरीके की जानकारी को पेन ड्राइव या CD में नहीं दिया जा सकता है ?  हेमंत गोनिया ने यह भी कहा है कि वह इतनी बड़ी राशि भुगतान करने में असमर्थ हैं और उनके साथ ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि भविष्य में वह कोई भी जानकारी दोबारा ना मांगे।

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