PM मोदी ने की किसानों के साथ मन की बात, कहा हो रहा है सही विकास

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को नमो ऐप के जरिए किसानों को संबोधित किया। इस दौरान किसानों ने भी नरेंद्र मोदी एप के माध्यम से सवाल-जवाब किया। प्रधानमंत्री मोदी जी ने किसानों से कहा, हमारा प्रयास है कि, किसानों को खेती की पूरी प्रक्रिया में हर कदम पर मदद मिले, हम इस पर ध्यान दे रहे हैं।

सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं के लाभार्थियों से सीधे संवाद करने की पहल को आगे बढ़ाते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 20 जून को वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए 600 से अधिक जिलों के किसानों से बातचीत की। किसानों से उनसे जुड़़े विषयों एवं कृषि क्षेत्र के मुद्दों के बारे में चर्चा करते हुए उन्होंने कहा, ” किसान अन्नदाता हैं, देश की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करते हैँ। आपको बता दें की, पीएम मोदी ने कुछ दिनों पहले ही मुद्रा योजना के लाभार्थियों से भी बातचीत की थी। इससे पहले पीएम मोदी ने देशभर के उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों से बातचीत की थी। तो इस बार किसानों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि, देश की स्वंतंत्रता के पहले से ही किसानों को उनके नसीब पर छोड़ दिया गया। इसी सोच को बदलने की जरूरत है। इसके लिए निरंतर प्रयास की जरुरत थी। हमने पिछले 4 साल में जमीन के रख रखाव से लेकर के बाजार उपलब्ध कराने तक व्यापक योजनाओं के तहत इस सोच को बदलने का खूब प्रयास किया है। जिसके चलते आज देश में न सिर्फ अनाज बल्कि फल, सब्जियों और दूध का भी रिकॉर्ड उत्पादन हो रहा है। एक रिपोर्ट के मुताबिक 2010 से 2014 के बीच औसतन 25 करोड़ टन खाद्यान्न उत्पादन की तुलना में 2017-18 में 28 करोड़ टन खाद्यान्न का उत्पादन हुआ है और दालों का उत्पादन भी 10.5 प्रतिशत बढ़ा है।’’

गौरतलब है कि, केंद्र सरकार ने किसानों की आय को दोगुना करने के संकल्प को 2022 तक पूरा करने के लिए केंद्रीय बजट में खेती को दिए जाने वाले धन को भी दोगुना कर दिया है। कांग्रेस की यूपीए सरकार ने जहां 2009 से 2014 के दौरान मात्र 1 लाख 21 हजार 82 करोड़ रुपये दिए थे, वहीं पीएम मोदी ने 2014-18 के बीच, 2 लाख 11 हजार 694 करोड़ रुपये दे दिए। साथ ही इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए चार बिंदुओं पर बल दिया जायेगा: पहला है, किसान की लागत कच्चे माल की लागत वह कम से कम कैसे हो। दूसरा उसकी उपज का उचित मूल्य मिले। तीसरा उसकी बरबादी रुक जाए। चौथा उसकी आमदनी के लिए वैकल्पिक स्रोत तैयार हो।

पीएम ने कहा, यह अच्छी बात है कि, आज हमारा किसान अपनी मेहनत में आधुनिक मशीनों और उपकरणों को भी जोड़ रहा है। मोदी ने कड़कनाथ मुर्गे पालने वाली चंपा से बात करने के बाद कहा, “मुझे यह देखकर खुशी हो रही है कि श्रीमति चम्पा निनामा जी कड़कनाथ की फ़ार्मिंग कर अपनी आय बढ़ाने में सक्षम हुई हैं। किसानों को खेत की सिंचाई में परेशानी न हो, हर खेत को पानी मिले, इसके लिए मैं हमेशा से किसानों को टपक सिंचाई को अपनाने के लिए प्रोत्साहित करता रहा हूँ। उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत आज देश भर में 99 सिंचाई परियोजनाएं पूरी की जा रही हैं। किसानों को फसल को लेकर किसी भी तरह का जोखिम न हो, इसके लिए आज फसल बीमा योजना है। कृषि के लिए जमीन की रक्षा हो, जमीन समृद्ध रहे, स्वस्थ रहे, इसके लिए सॉयल हेल्थ कार्ड शुरू किया गया। सॉयल हेल्थ कार्ड से मिल रही जानकारी के आधार पर, जो किसान खेती कर रहे हैं, उनकी पैदावार भी बढ़ रही है, और खाद पर खर्च भी कम हो रहा है। आज देश के किसानों को 100% नीम कोटिंग वाला यूरिया मिल रहा है। कच्चे माल की लागत कम हो, किसानों को पैदावार का उचित मूल्य मिले और फसल पैदावार में नुकसान कम हो। इसके लिए सरकार ने तय किया है की, अधिसूचित फसलों के लिए MSP उनकी लागत का कम से कम डेढ़ गुना घोषित किया जाएगा। मोदी ने आगे कहा, “मौसम की मार से हमारा किसान हमेशा के लिए चिंता मुक्त हो, उसका विश्वास कायम बना रहे, इसके लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत न सिर्फ प्रीमियम कम किया बल्कि इंश्योरेंस का दायरा भी बढ़ा दिया गया।”

देश में ऑर्गेनिक खेती करने वाले पहले राज्य सिक्किम से आए किसान से बात करने के बाद मोदी बोले, “सरकार परंपरागत कृषि विकास योजना के अंतर्गत ऑर्गेनिक खेती को पूरे देश भर में प्रोत्साहित करने में जुटी है। आज देश भर में 22 लाख हेक्टेयर से ज्यादा जमीन पर ऑर्गेनिक खेती होती है।” मछली पालन के विकास के लिए नीली क्रांति की जानकारी देते हुए प्रधानमंत्री ने किसानों को बताया, “यह समुद्री मछली पालन के विकास एवं मछुआरों के कल्याण की एक राष्ट्रीय योजना है। मछली उत्पादन को बढ़ावा देना, मछली पालन का आधुनिकीकरण, भोजन और पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करना और मछुआरों और जलीय कृषि किसानों को सशक्त बनाने पर बल दिया गया है।” साथ ही उन्होंने कहा की, मधुमक्खी पालन भी किसानों के लिए एक तरह की आय का एक जरिया है। मधुमक्खी पालन ना सिर्फ किसान की उपज बढ़ाने में मदद करता है बल्कि शहद के रूप में अतिरिक्त कमाई का साधन भी बनता है।” यह बातचीत नमो ऐप, दूरदर्शन किसान चैनल, आकाशवाणी, दूरदर्शन चैनल, कृषि विज्ञान केंद्र व कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से पूरे देश में देखी और सुनी जा रही थी।

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