आधार कार्ड पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, 3 महत्वपूर्ण निर्णय

आधार कार्ड भारत सरकार के द्वारा भारत के नागरिको का पहचान पत्र है इसमें 12 अंको की एक विशिष्ट संख्या होती है जो आको भारत के किसी कोने में भी उस व्यक्ति की पहचान बतानी है आधार कार्ड भारत सरकार ने 12 जुलाई 2016 को लाया था धीरे धीरे इसकी फैसलिटी बदती गई पहले इसको अपने बैक खाते से लिंक कर्मा पड़ा फिर अपने मोबाईल नंबर से बल्कि अब तो आधार कार्ड के बिना कोई काम नही होता जाहे वो काम सरकारी हो या प्राइवेट लिमिटेड हर जगह आधार की मांग है बिना आधार की आपकी कोई पहचान नही और अब आधार कार्ड को लेकर आज सुप्रीम कोर्ट का अहम फैसला आया है सुप्रीम कोर्ट का कहना है

1.राष्ट्रहित में भी आधार डाटा की शेयरिंग की हो सकती है आधार एक्ट सेक्सन 33(2) ख़त्म

2. हर किसी को खुद के साथ हुए किसी डाटा फ्रॉड या किसी भी तरह की परेशानी की शिकायत करने का अधिकर होगा आधार एक्ट का सेक्सन 47 ख़त्म .

3. कोई भी प्राइवेट कम्पनी ( पेटीएम एरटेल जैसी कम्पनिया ) आपसे आपका आधार डाटा नही मांग सकती आधार एक्ट का सेक्शन 57 खत्म .

आधार कार्ड से क्या है फायदे

  • आधार संख्या हर व्यक्ति की जीवनभर की पहचान है.
  • आधार संख्या से आप बैंकिंग मोबाईल फोन कनेक्शन और सरकारी या गैर सरकारी सेवाओं की सुविधाए प्राप्त होती है.
  • किफायती तरीके व सरलता ऑनलाइन विधि से सत्यापन योग्य.
  • सरकारी एव निजी डाटाबेस में से नकली पहचान को बड़ी संख्या में समाप्त करने का अनूठा प्रयास
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