अखिलेश यादव के बंगले में हुई तोड़फोड़ पर होगी कड़ी कार्यवाही, राज्यपाल ने सीएम योगी को लिखी चिट्ठी

हाल ही में अखिलेश यादव के द्वारा उनके सरकारी बंगले को खाली किया गया है, और इस बंगले में जमकर तोड़फोड़ की गई है। यहां तक की जमीन पर लगी टाइल्स को भी उखाड़ कर अलग कर दिया गया है। गौरतलब है कि इस बंगले को खाली करने के पहले जमकर नाटक हुआ था वहीं सपा पार्टी प्रमुख मुलायम सिंह यादव का कहना था कि उन्हें दूसरा बंगला मिल नहीं रहा है, इसलिए वह बंगला खाली नहीं कर पा रहे हैं लेकिन सुप्रीम कोर्ट के सख्त आदेश के बाद उन्हें बंगला खाली करने को मजबूर होना पड़ा था। बंगला खाली होने के बाद यह पाया गया कि बंगले में जमकर तोड़फोड़ हुई है जिसका मामला संज्ञान में आने के बाद राज्यपाल ने सीएम योगी को चिट्ठी लिखकर कड़ी कार्यवाही करने का निर्देश दिया है।

बंगले में हुई है जमकर तोड़फोड़- 

उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को सरकारी आवास 4 विक्रमादित्य मार्ग पर आवंटित हुआ था, जिसमें वह सालों से रह रहे थे। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सभी पूर्व मुख्यमंत्रियों को आवंटित आवास खाली कराया जाने लगा। लेकिन जब अखिलेश यादव ने अपना आवास खाली किया तो आवास खाली करने के पहले उनके आवास में जमकर तोड़फोड़ हुई। छत की टाइल्स उखाड़ ली गई, AC को भी उखाड़ कर निकाला गया, छत में लगी आर्किटेक्चर की डिजाइन और प्लाई को भी नहीं बख्शा गया, और उसे भी उखाड़ कर अलग कर दिया गया। मंगलवार को राज्य संपत्ति विभाग के अधिकारियों को बुलाकर जब राज्यपाल राम नाईक ने पूछताछ की तो अधिकारियों ने बताया कि सभी पूर्व मुख्यमंत्रियों के द्वारा खाली किए गए आवंटित आवास की वीडियोग्राफी कराई गई है जिसमें चार विक्रमादित्य मार्ग पर जमकर तोड़फोड़ हुई है।

राज्यपाल ने लिखी CM योगी को चिट्ठी – 

4, विक्रमादित्य मार्ग पर आवंटित सरकारी आवास की फोटो इन दिनों सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रही है, और यह जनमानस के बीच चर्चा का विषय भी बना हुआ है। राज्यपाल राम नाईक ने इस प्रकरण को संज्ञान में लेते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्रियों को आवंटित किए गए शासकीय आवास, राज्य संपत्ति के कोटे में आते हैं। जिनका निर्माण व रखरखाव सामान्य लोगों के द्वारा दिए गए विभिन्न प्रकार के टैक्स से होता है। राज्यपाल राम नाईक ने कहा कि राज्य संपत्ति को छति पहुंचाए जाने के विरुद्ध, राज्य सरकार द्वारा विधि अनुसार समुचित कार्यवाही की जाए। राम नाईक ने पत्र में लिखकर कहा की पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पर, बंगाली में तोड़फोड़ के मामले में कड़ी कार्यवाही की जाए।

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद पूर्व मुख्यमंत्रियों के द्वारा खाली किए गए आवास को जब मीडिया को दिखाया गया तो चार विक्रमादित्य पर स्थित पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को आवंटित हुए मकान की हालत खंडहर जैसे हो गई थी। जिसके बाद बंगले की फोटो सोशल मीडिया पर भी बहुत वायरल है। वहीं अखिलेश यादव ने इस मामले पर चुप्पी साधी हुई है और उन्होंने तोड़फोड़ कराए जाने के संदर्भ में अभी तक इनकार नहीं किया है। ऐसे में मामला राज्यपाल राम नाईक के संज्ञान में आने के बाद अखिलेश यादव के ऊपर कार्यवाही की नंगी तलवार लटक रही है। अब दिलचस्प बात यह होगी कि  भाजपा की सरकार, सपा पर इस मामले में कितनी तत्परता बरतेगी और उसके द्वारा कब तक कार्यवाही की जाएगी ।

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