अमित शाह के ध्वजारोहण में हुआ ऐसा हादसा कि ट्विटर पर करने लगे लोग ट्रोल

आज देश को आज़ाद हुए 72 वर्ष पूरे चुके है| हर नागरिक की तरह राजनैतिक दल भी अपने मुख्यलाओं में आज़ादी के राष्ट्रीय पर्व को बनाते है जिनमे सबसे चर्चित होते है सत्तारूढ़ पार्टी के लोग| आज के दिन सभी संगठन अपने कार्यालय में तिरंगे को फेहरानी की परंपरा को निभाते है और अपने देश की मातृभूमि को नमन करते हुए आज़ादी के वीरों को नमन करते देश के प्रति गौरव व खुसी का अनुभव करते है और साथ देश को आगे ले जाने की चर्चा व संकल्प लिए जातें है|

फिलहाल देश में भाजपा की अगुवाई वाली एनडीए सरकार है तो ऐसे में स्वंतंत्र दिवस के ध्वजारोहण कार्यक्रम की मुख्य चर्चा बिंदु नया भाजपा कार्यालय ही होगा तो आज भाजपा के अध्यक्ष अमित शाह ने पार्टी मुख्यालय में ध्वजारोहण की परंपरा पूरी की लेकिन कुछ ऐसा हुआ जिससे वह सोशल मीडिया प्लेटफार्म ट्विटर पर लोगों व विपक्षियों द्वारा ट्रोल होने लगे|

असल में जैसे ही अमित शाह तिरंगा फहराने खींच रहे थे तभी तिरंगा दुर्भाग्य से नीचे आ गया| अमित शाह ने मौके को भांपते हुए तुरंत डोरी को दोबारा खींचा और तिरंगा वापस अपनी जगह पर पहुंच गया| बस इतना सा ही हुआ था लेकिन विरोधियों ने भाजपा अध्यक्ष को निशाना बनाते हुए ट्रॉल्लिंग शुरू कर डाली\|

क्योंकि फंक्शन की रिकॉर्डिंग हो रही तो वीडियो मिलते ही सबसे पहले कांग्रेस ने वीडियो साझा करते हुए ट्वीट किया – “जो देश का झंडा नहीं संभाल सकते, वो देश क्या संभालेंगे?

 

50 साल से ज्यादा देश के तिरंगे का तिरस्कार करने वालों ने अगर ये नहीं किया होता तो शायद आज तिरंगे का ऐसा अपमान न होता। दूसरों को देशभक्ति का सर्टिफिकेट देने वालों को राष्ट्रगान का तौर-तरीका तक पता नहीं।”

दिल्ली के सीएम केजरीवाल भी पीछे नहीं रहे और ट्विटर पर ट्वीट करते हुए पूरी भाजपा को जमकर घेरा उन्होंने ट्वीट किया – “प्रकृति का खेल भी अजब है। कोई कितना भी शक्तिशाली क्यों ना हो जाए, प्रकृति के सामने सब छोटे हैं। बताइए, तिरंगे ने अमित शाह के हाथों लहराने से मना कर दिया। इस तिरंगे के ज़रिए भारत माता कुछ कह रही है – कि वो दुःखी है।”

 

यह एक आकस्मिक घटना थी जो की अधिक दुखद तब होती जब अमित शाह दूरी को दोबारा खींच कर परम सम्मानित तिरंगे को वापस अपने स्थान पर न करते लेकिन ऑनलाइन ट्रॉल्लिंग की घटिया राजनैतिक संस्कृति लाने वाली भाजपा को आज उसके द्वारा प्रताड़ित विपक्ष से ऐसी घटना वाली बात पर भी उसी के स्तर में जवाब मिल रहा है| न कोई नैतिकता न कोई शिष्टाचार न ही कोई राष्ट्र के प्रति सम्मान बस एक दुसरे को नीचे दिखाने की ोझी खींचतान….दुखद बेहद ही दुखद ….फिर भी आज़ादी मुबारक हो|

Connect with Us! अपनी राय कमेंट्स में दें. ताजा ख़बरों के लिए हमें फॉलो करें. अगर आपको ये पोस्ट पसंद आई, तो इसे लाइक और शेयर करना न भूलें. Subscribe our Youtube Channel: AajKaReporter Follow us on: Facebook, Twitter, Instagram