अविश्वास प्रस्ताव : राहुल गाँधी -पीएम मोदी “झप्पी काण्ड” के पीछे की 3 सीधी वजहें

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20 जुलाई 2018  यानी आज की तारिख और देश की संसद के निचले सदन लोकसभा में मोदी सरकार के चौथे साल में विपक्ष द्वारा अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा आरम्भ हो चुकी और दोपहर 2 बजे होते है तभी मुख्या विपक्षी दल कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष राहुल गाँधी सरकार पर हमलावर भाषण के दौरान अपने स्थान से उठकर आते है और सीधे प्रधानमंत्री मोदी के पास जाकर उन्हें अचानक से झप्पी दे डालते है जिससे पीएम मोदी खुद भौचक्के रह जाते है| मोदी भी तुरंत वापस उन्हें वापस इशारा करते हुए उनसे हाथ मिलते हुए उनका अभिवादन व्यक्त करते है और इस तरह सख्त राजनैतिक तल्खी के बीच शिष्टाचार का सादा दिखावापन किया जाता है मानो जैसे देश की जनता आज भी आज़ादी के समय की तरह भोली-भाली है!

किसी ने इस पर ठहाके मारे , किसी का मुँह खुला का खुला रह गया तो किसी ने ज़ोर से शोर मचा डाला और हर पक्ष के लोग से लेकर राजनैतिक पंडितो से लेकर पत्रकारों और यहाँ तक की सड़क पर चलने वाले एक आम आदमी ने अपने -अपने विवेक व दृषिटकोण के ऐनक से इस “झप्पी -काण्ड” की विवेचना कर डाली है लेकिन वजह शायद ही किसी ने सीधे तौर से निकला हो तो यदि आप भी सोच रहे है कि अचानक से नमो को रागा ने ऐसे झप्पी दी ही क्यों डाली तो हम आपको इस झप्पी -कांड के पीछे की तीन सीधे वजहें बताते हैं जिसके बाद आपके मैं की जिज्ञासा को विराम मिलेगा|

पहली वजह 

सबसे पहले राहुल गाँधी खुद को पीड़ित और सत्ताधारी पार्टी के नेताओं को शोषक के रूप में पेश करने का प्रयास करते हुए प्रतीत होते है। मोदी अपने भाषणों में विशेष रूप से संसद में नेहरू-गांधी परिवार को लक्षित करने के लिए जाने जाते हैं। गांधी ने अपने राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों द्वारा “पप्पू” के रूप में उनके वर्णन का संदर्भ पीएम मोदी व भाजपा के अहंकार को कटाक्ष कर कम करने के लिए किया था।

दूसरी वजह 

दूसरा वजह यह है कि वह एनडीए शासन के दौरान जांच एजेंसियों द्वारा कमीशन के कथित कृत्यों के आरोप में फँसे कांग्रेस नेताओं की एक छिपी रक्षा  सकती है। यह हुआ उस एक दिन बाद जब सीबीआई ने पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम को एयरसेल-मैक्सिस मामले में आरोपपत्र में आरोपी के रूप में नामित किया था। राहुल गांधी और उनकी मां सोनिया गांधी भी नेशनल हेराल्ड मामले में जमानत पर हैं जिसको लेकर प्रधानमंत्री को कांग्रेस पार्टी को “बेल-गाड़ी” के रूप में उपहास उड़ाया था|

तीसरी वजह 

यह वजह तो सबसे सटीक और अंतिम मालूम पड़ती है क्योंकि राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री मोदी के गले लगकर झुकाव करना इशारा करता है पीएम मोदी के उस कला की जिसमे वह स्वयं दुनिया के दिग्गज नेताओं से जोर-शोर से गले मिलते हुए दिखाई पड़ते है और इस एक वजह से भी उन्हें दुनिया में ट्रेंडिंग और इन देशों से निकटता स्थापित करते हुए बताया जाता है लेकिन राहुल गाँधी ने उनकी इस कला पर उनसे छेड़छाड़ करने के मकसद से उनको ही अचानक से भाषण छोड़कर गले मढ़ते हुए “झप्पी -कांड ” कर डाला|

वास्तव में नेहरू-श्यामा प्रसाद से लेकर राजीव गाँधी -अटल विहारी वाजपेयी के दौर तक में ही ऐसा झप्पी कांड देखने को सदन से नहीं मिला लेकिन 2019 में यह मोमेंट किसको मोमेंटम दिला पाटा है यह तो जनता के वोट डालने के बाद ही गिनते वाले दिन पता चलेगा फिलहाल तो सभी विस्मय में है तो ज़रूर|

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