इंडोनेशिया, मलेशिया-सिंगापुर दौरे पर जाएंगे मोदी, देश की एक्ट ईस्ट नीति को‌ बढ़ावा मिलेगा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज से दो जून तक इंडोनेशिया, मलेशिया और सिंगापुर के 5 दिन के दौरे पर रवाना हुए। विदेश मंत्रालय ने सोमवार को एक बयान में कहा कि, जकार्ता और सिंगापुर में प्रधानंमत्री के आधिकारिक कार्यक्रमों में शीर्ष नेतृत्व के साथ द्विपक्षीय बैठकें, प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता, व्यापार और भारतीय समुदायों के साथ बैठकें शामिल हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि,‌ इन तीनों देशों के साथ भारत के मजबूत संबंध हैं और उनके दौरे से देश की एक्ट ईस्ट नीति को और बढ़ावा मिलेगा।

पीएम मोदी आज इंडोनेशिया पहुंचेंगे और देश के राष्ट्रपति जोको विडोडो के साथ अगले दिन जकार्ता में शिखर सम्मेलन करेंग। दक्षिणपूर्व एशियाई राष्ट्र का यह उनका पहला आधिकारिक दौरा है। दोनों नेता म्यूजियम लायांग लायांग ऑफ जकार्ता और काइट म्यूजियम ऑफ अहमदाबाद की तरफ से आयोजित काइट महोत्सव का संयुक्त रूप से उद्घाटन करेंगे। पीएम मोदी दक्षिणपूर्व एशिया के सबसे बड़े राष्ट्र में भारतीय समुदाय और एक सीईओ फोरम को भी संबोधित करेंगे। यहां करीब भारतीय मूल के एक लाख लोग रहते हैं और इंडोनेशिया में करीब सात हजार एनआरआई रहते हैं। एशियापैसेफिक में इंडोनेशिया अकेला देशा है, जहां मुस्लिमों की संख्या सबसे ज्यादा है लेकिन इसके बावजूद पाकिस्तान से रिश्ते बेहतर नहीं है।‌ भारत इसलिए भी इंडोनेशिया से रिश्ता सुधारना चाहता था, ताकि इंडोनेशिया के साथ जुड़कर पाकिस्तान को अलग थलग किया जा सके। इसलिए रमजान के पाक मौके पर ये दौरा और भी खास हो जाता है। इंडोनेशिया मुस्लिम बहुल देश होने के साथ साथ दक्षिण-पूर्वी एशिया में उभरती बड़ी आर्थिक शक्ति भी है। आपको बताते हैं कि आखिर रमजान के महीने में पीएम मोदी का इंडोनेशिया का ये दौरा क्यों खास है। भारत इंडोनेशिया के साथ ट्रेड-डिफेंस गलियारा बनाना चाहता है। इस रूट का मुकाबला चीन के न्यू मैरीटाइम सिल्क रूट से होगा। इससे भारत के लिए अरब सागर में निगरानी और व्यापार आसान हो जाएगा।

पीएम मोदी इंडोनेशिया से सिंगापुर जाने के लिए 31 मई को मलेशिया में थोड़ी देर के लिए रुकेंगे। मोदी नव निर्वाचित मलेशियाई प्रधानमंत्री महाथिर मोहमद से मुलाकात करेंगे।

‎मलेशिया के बाद मोदी 31 मई को सिंगापुर पहुंचेंगे और भारत-सिंगापुर उद्यम और अभिनव प्रदर्शनी का दौरा कर अपने दौरे की शुरुआत करेंगे। उसके बाद वह सामुदायिक कार्यक्रम में भाग लेंगे, जहां वह आसियान के साथ भारत की आर्थिक भागीदारी के बारे में बातचीत करेंगे।‌‌ पीएम मोदी सिंगापुर के शीर्ष 20 सीईओ के साथ सीईओ गोलमेज में भाग लेंगे। मोदी 1 जून को सिंगापुर की राष्ट्रपति हलीमा याकूब से मिलेंगे और उसके बाद पीएम ली सियन लूंग के साथ शिखर सम्मेलन करेंगे। इसके बाद वह शंगरी-ला वार्ता में मुख्य संबोधन देंगे और जो ट्रैक 1 वार्षिक अंतर-सरकारी सुरक्षा मंच में संबोधन देने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बनेंगे।‌ पीएम मोदी 2 जून को महात्मा गांधी की एक पट्टिका का अनावरण करेंगे और भारत और सिंगापुर को जोड़ने वाली कुछ सांस्कृतिक स्थलों का दौरा करेंगे। भारत के लिए रवाना होने से पहले वह एक भारतीय नौसेना जहाज का दौरा करेंगे और भारतीय नौसेना और रॉयल सिंगापुर नौसेना के अधिकारियों और नाविकों से बातचीत करेंगे। सिंगापुर से अच्छे संबंधों से चीन से आयात की निर्भरता कम होगी। एशिया में चीन के बाद सिंगापुर एक बड़ी मैन्युफेक्चरिंग पावर है।

ये दौरा इसलिए भी खास है, क्योंकि इस दौरे पर जो समझौते होंगे उसमें चीन और पाकिस्तान दोनों की नजर होगी। पीएम मोदी का इंडोनेशिया का पहला और सिंगापुर का दूसरा दौरा है। मोदी सरकार ने भारत की एक्ट ईस्ट नीति को शुरू किया था, जिसका उद्देश्य एशिया प्रशांत क्षेत्र में ध्यान केंद्रित करना है। माना जा रहा है, कि पीएम के दौरे से भारत की एक्ट ईस्ट नीति को मजबूती मिलेगी।

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