कर्नाटक के राजनीति को लेकर हर तरफ से हुई BJP की आलोचना, राजनीति के मैदान में शुरू इस जंग का क्या निकलेगा नतीजा?

कर्नाटक में चल रहे सियासी घमासान ने कर्नाटक राज्य के बाहर भी अपने पर फैलाने शुरू किये है। इस राजनीति जंग में शामिल पार्टियों के नेताओं ने भाजपा के इस प्रकार की राजनीति पर और कर्नाटक के राज्यपाल के फैसले पर अपने-अपने तरीके से विरोध दर्शाते हुए कहा कि, ये संविधान की हत्या है और संविधान को नष्ट करने का प्रयास भाजपा के तरफ से किया जा रहा है। साथ ही जिस तरह कर्नाटक में सिंगल लार्जेस्ट पार्टी को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया गया, बिल्कुल वैसेही गोवा, बिहार और मेघालय में भी सबसे बड़ी पार्टी को सरकार बनाने के लिए बुलाना चाहिए इस प्रकार की चर्चा अब इन राज्यों में की जा रही है।

देखते हैं किसने क्या क्या कहा-

मायावती ने कहा

बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती ने राज्यपाल के फैसले को संविधान के खिलाफ बताया है। उन्होंने कहा कि, भाजपा बाबा साहब आंबेडकर द्वारा बनाए गए संविधान की हत्या करने का षडयंत्र कर रही है और सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग कर सत्ता हासिल कर रही हैं।

शिवसेना ने कहा-

शिवसेना के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सदस्य संजय राउत ने गुरुवार को कहा कि, बीएस येदियुरप्पा ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद की शपथ तो ले ली है, लेकिन उनके लिए बहुमत साबित करना ये मुश्किल चुनौती होगी। उन्होंने कहा कि, राज्यपाल को उन लोगों को बुलाया जाना चाहिए जिनके पास बहुमत हैं। लेकिन जब ऐसा कुछ हो जाता है, तो लोग कहते हैं लोकतंत्र की हत्‍या हो गई, लेकिन जब देश में लोकतंत्र कहीं बचा ही नहीं तो हत्‍या किसकी होगी।

राम जेठमलानी ने कहा-

राज्यपाल के इस फैसले को लेकर वरिष्‍ठ वकील राम जेठमलानी ने गुुुुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की। याचिका में जेठमलानी ने कर्नाटक के राज्यपाल वजूभाई वाला के भाजपा नेता बीएस येदियुरप्पा को पहले सरकार बनाने का न्यौता देने के फैसले का विरोध किया है। मीडिया से बात करते हुए जेठमलानी ने कहा, ये फैसला सिर्फ भ्रष्टाचार को न्यौता देना है। ”मेरी जिन्दगी का एक ही मकसद है, नरेंद्र मोदी से छुटकारा पाना। मुझे अभी भी सुप्रीम कोर्ट पर पूरा भरोसा है।”  ये लोग सिर्फ लोकतंत्र को तबाह करके ही वोट हासिल कर सकते हैं।

कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा-

कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा है कि, बीएस येदियुरप्पा एक दिन के मुख्यमंत्री हैं और उनके पास बहुमत साबित करने के लिए उपयुक्त संख्याबल नहीं है। उन्होंने राज्यपाल के फैसले पर कहा कि, राज्यपाल ने बीजेपी को सरकार को आमंत्रित कर और येदियुरप्पा को शपथ लेने की मंजूरी देकर संविधान की हत्या की। पहले नरेंद्र मोदी के लिए उन्होंने विधानसभा की सीट का त्याग किया था और कल संविधान और लोकतंत्र का त्याग कर दिया।” साथ ही हम कल पूरे देश में इस फैसले का विरोध करने के लिए ‘प्रजातंत्र बचाओ दिवस’ मनाएंगे।  कांग्रेस ने फैसला किया है कि कल पार्टी ‘प्रजातंत्र बचाओ दिवस’ मनाएगी। सभी जिला मुख्यालयों और राज्य मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। जनता को बताया जाएगा कि कर्नाटक में किस तरह से सत्ता के लालच में ‘लोकतंत्र की हत्या’ की गई है।

सुरजेवाला ने कहा कि, इस देश में एक संविधान और एक ही कानून होगा। अगर सबसे बड़ी पार्टी को पहले बुलाना है तो गोवा, बिहार और मेघालय में भी सबसे बड़ी पार्टी को सरकार बनाने के लिए बुलाना चाहिए था। इन राज्यों में भी अन्य पार्टियों को सरकार बनाने का न्योता दिया जाना चाहिए था। इनको बहुमत साबित करने के लिए कहना चाहिए था। इसलिए सबसे पहले बिहार, गोवा और मणिपुर की भाजपा सरकारों को इस्तीफा दे देना चाहिए।

ममता बनर्जी ने कहा-

कर्नाटक में बीजेपी द्वारा सरकार बनाए जाने के खिलाफ बीएसपी प्रमुख मायावती के बयान का पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार को समर्थन किया। ममता ने शुक्रवार सुबह ट्वीट किया, ‘मैं मायावती जी के विचारों का समर्थन करती हूं। हमें अपने संविधान निर्माता डॉ.बाबा साहब अंबेडकर को पूर्ण सम्मान देना चाहिए।’

राजस्थान में आज सचिन पायलट ने इस मामले में प्रदर्शन किया।

मणिपुर विधानसभा में विपक्ष के नेता इबोबी सिंह ने कहा कि, राज्य में 2017 में हुये विधानसभा चुनाव के दौरान कोंग्रेस को 60 सीटों में से 28 पर जीत दर्ज की थी और इस तरह वह सबसे बड़ी पार्टी है और ऐसे में वह राज्य में सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे। उन्होंने कहा कि, राज्यपाल ने मणिपुर विधानसभा की 60 में से 21 सीट जीतने वाली बीजेपी को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया था। साथ ही मेघालय विधानसभा में भी विपक्ष के नेता मेघालय के राज्यपाल के पास जाकर राज्य में सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे।

गोवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गिरीश चोडणकर ने राज्यपाल मृदुला सिन्हा से मिलने का समय मांगा। शुक्रवार को सभी 16 विधायकों के हस्ताक्षर वाला एक औपचारिक पत्र राज्यपाल मृदुला सिन्हा को देकर सरकार बनाने का दावा पेश करेगी हम करेंगे ऐसा उन्होंने कहा। गोवा में पिछले साल मार्च में 40 सदस्यीय विधानसभा के लिए हुए चुनाव में कांग्रेस 17 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी। उसके पास बहुमत से चार सीटें कम थीं। राज्य में भाजपा को 14 सीट मिली थीं और उसने एमजीपी के साथ मिलकर सरकार बना ली थी। इन दोनों दलों को तीन – तीन सीट मिली थीं। तीन निर्दलीय भी भाजपा के पाले में चले गए थे। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि, पार्टी किस तरह बहुमत जुटाएगी। गोवा में भाजपा प्रनीत सरकार के मुखिया मनोहर पर्रिकर हैं।

 

बिहार में भी राजद के तेजस्वी यादव ने, राज्यपाल से शुक्रवार को मिलने का समय मांगा। तेजस्वी यादव ने कहा, “कर्नाटक में लोकतंत्र की हत्या के विरोध में शुक्रवार को पटना में आरजेडी का एक दिवसीय धरना होगा।” “तेजस्वी यादव ने कहा, ‘मैं पार्टी विधायकों से साथ माननीय राज्यपाल से मुलाकात करूंगा क्योंकि हम राज्य की सबसे बड़ी पार्टी हैं।’ साथ ही तेजस्वी ने अपने ट्विटर हैंडल पर भी लिखा,

‘अगर कर्नाटक के राज्यपाल कांग्रेस और जेडी(एस) गठबंधन के पास जरूरत के मुताबिक नंबर होने के बावजूद अगर सिंगल लार्जेस्ट पार्टी को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करते हैं तो हम राष्ट्रपति से मांग करते हैं कि बिहार में बनी सरकार को बर्खास्त करें और राज्यपाल बिहार की सबसे बड़ी पार्टी को सरकार बनाने के लिए बुलाएं।’ साल 2015 में बिहार में विधानसभा चुनाव हुए थे। लालू प्रसाद यादव की पार्टी आरजेडी सबसे ज्यादा 80 सीटें जीतकर सबसे बड़े दल के रुप में उभरी थी। लेकिन आज बिहार में बीजेपी-जेडीयू की गठबंधन सरकार है।

हाल ही में भाजपा छोड़ने वाले पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा कर्नाटक में बीएस येद्दियुरप्पा को मुख्यमंत्री बनाए जाने के खिलाफ गुरुवार को नई दिल्ली में राष्ट्रपति भवन के सामने धरने पर बैठ गए। गौरतलब है कि, सिन्हा के बेटे जयंत सिन्हा मोदी सरकार में मंत्री हैं। धरने पर बैठने के बाद उन्हों ट्वीट कर कहा कि,

भाजपा द्वारा कर्नाटक में असंवैधानिक तरीके से जो सरकार बनाई गई है उसके खिलाफ मैं राष्ट्रपति भवन के सामने धरने पर बैठा हूं, आप सभी से अनुरोध है कि, लोकतंत्र बचाने के लिए मेरे साथ आइए।

इस सियासी घटनाक्रम में आगे चलकर और क्या क्या होने वाला है और इसका नतीजा क्या निकलेगा ये डंके की चोट पर बताना बिल्कुल मुश्किल है।

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