कर्नाटक में येदियुरप्पा का शपथग्रहण, तीसरी बार बने मुख्यमंत्री, राज्यपाल के फैसले के बाद अब तक क्या रहा है हाल कर्नाटक का जानिये

कर्नाटक में BJP विधायक दल के नेता B.S. येदियुरप्पा ने गुरुवार को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। देर रात 2: 11  से सुबह 5: 58 तक चली सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस A.K. सीकरी, जस्टिस S.K. बोबडे और जस्टिस अशोक भूषण की एक विशेष बेंच ने कहा की, ‘‘कोर्ट B.S. येदियुरप्पा के शपथ ग्रहण समारोह पर रोक लगाने के संबंध में कोई आदेश नहीं दे रहा है।’’ येदियुरप्पा के पास विधानसभा में बहुमत साबित करने के लिए 15 दिन का समय है। इसके साथ ही येदियुरप्पा तीसरी बार राज्य के मुख्यमंत्री बने और कर्नाटक के 25वें मुख्यमंत्री बन गए हैं। लिंगायत समुदाय से आनेवाले 75 वर्षीय येदियुरप्पा को राज्यपाल वजुभाई वाला ने राजभवन में हुए एक समारोह में मुख्यमंत्री पद की एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई।

17 मई को शपथ ग्रहण के बाद येदियुरप्पा को सदन के भीतर बहुमत साबित करने के लिए 15 दिन का वक्त दिया गया है। B.S. येदियुरप्पा को कर्नाटक राज्य में सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करने पर राज्यपाल वजुभाई वाला की आलोचना करते हुए और नाराजगी जताते हुए कांग्रेस और JDS के नेताओं ने कहा की, नरेंद्र मोदी सरकार संवैधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग कर रही है।इस फैसले को लेकर कोंग्रेस पार्टी ने आधी रात को सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। लेकिन, रात 2 बजे हुई इस सुनवाई में कोर्ट ने याचिका को खारिज करते हुए कहा कि, राज्यपाल के फैसले पर रोक नहीं लगाई जा सकती है और कोर्ट ने भाजपा से विधायकों की सूची मांगी, साथ ही राज्यपाल को सौंपा गया समर्थन पत्र भी मांगा है। इस मामले की अगली सुनवाई शुक्रवार सुबह 10.30 बजे होगी।हालांकि,  कोंग्रेस और JDS के ओर से दर्ज किए गए मामले को लेकर देर रात हुई सुनवाई में कोंग्रेस और JDS की ओर से सिंघवी ने कोर्ट से कहा कि, वह राज्यपाल का मौजूदा फैसला असंवैधानिक मानकर उसे रद्द करे या फिर कांग्रेस-JDS को सरकार बनाने का न्योता देने का आदेश दे। उन्होंने गोवा मामले का हवाला देते हुए कहा, “गोवा में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी थी फिर भी हमें सरकार बनाने से रोक दिया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने भी BJP के सरकार बनाने को सही ठहराया था।” इसके बाद कोर्ट ने सिंघवी से पूछा कि, क्या ये प्रथा नहीं रही है कि, राज्यपाल सबसे बड़ी पार्टी को ही बहुमत साबित करने के लिए न्योता देता हो? क्या सुप्रीम कोर्ट गवर्नर को किसी पार्टी को सरकार बनाने का न्योता देने से रोक सकता है? इस पर सिंघवी ने कहा कि, सुप्रीम कोर्ट ने ये पहले भी किया है। BJP के तरफ से भी रोहतगी ने कहा- कोई शपथ ले लेता है तो कोई आसमान नहीं टूट पड़ेगा। रोहतगी ने कांग्रेस-JDS की अर्जी को खारिज करने की मांग की। साथ ही उन्होंने कहा कि, शपथ के लिए न्योता देना राज्यपाल का काम है। राष्ट्रपति और राज्यपाल किसी कोर्ट के लिए जवाबदेह नहीं हैं। कोर्ट को किसी संवैधानिक पदाधिकारी को उसके आधिकारिक कर्तव्य निभाने से नहीं रोका जाना चाहिए। केंद्र के वकील अटॉर्नी जनरल K.K वेणुगोपाल ने कोर्ट में कहा, “इस याचिका को लगाया ही नहीं जाना चाहिए था। कांग्रेस और JDS को बहुमत साबित होने तक इंतजार करना चाहिए था।”

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इस मामले को विरोध करने के लिए और कर्नाटक के मुख्यमंत्री B.S. येदियुरप्पा की ताजपोशी के खिलाफ कांग्रेस और JDS के विधायक विधानसभा परिसर में स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष धरने पर बैठे हुए हैं। कड़ी धूप में अपने सिर पर कपड़ा रखकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद, अशोक गहलोत, पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया समेत तमाम नेता इस आंदोलन में शामिल हैं। इनका साथ देने के लिए पूर्व प्रधानमंत्री H.D. देवेगौड़ा भी पहुंचे हैं। धरने पर बैठे विधायकों में कांग्रेस और JDS के अलावा BSP का एक विधायक और दो निर्दलीय विधायक भी मौजूद हैं। येदियुरप्पा के मुख्यमंत्री बनने के बाद कांग्रेस के विधायक होटल से निकलकर फ्रीडम पार्क में विरोध कर रहे हैं। कांग्रेस ने अपने ज्‍यादातर विधायकों को BJP की पकड़ से बाहर रखने के लिए बेंगलुरु के ईगलटन रिजॉर्ट में ठहराया हुआ है।

वहीं शपथ ग्रहण करने के बाद येदियुरप्पा के स्वागत के लिए सुबह राजभवन के बाहर भव्य तैयारियां की गई थी। ढोल-नगाड़ों से पूरा माहौल संगीतमय हो गया था।BJP कार्यकर्ताओं ने राजभवन के बाहर वंदे मातरम और मोदी-मोदी के नारे लगाए। येदियुरप्पा ने BJP के केंद्रीय और राज्य के नेताओं और नवनिर्वाचित विधायकों के बीच कन्नड़ भाषा में शपथ ली। येदियुरप्पा आठवीं बार शिकारीपुरा से चुनाव जीते हैं। बीते 10 साल में ऐसा दूसरी बार हुआ है जब येदियुरप्पा ने बिना बहुमत के शपथ ली है। सबसे बड़ी पार्टी BJP को रोकने के लिए कांग्रेस ने जेडीएस को समर्थन दिया था। H.D. कुमारस्वामी दो दिन में दो बार राज्यपाल से भी मिले थे। लेकिन गुजरात सरकार में वित्त मंत्री रह चुके और अब कर्नाटक के राज्यपाल वजुभाई वाला ने बुधवार रात 11 बजे B.S. येदियुरप्पा को सरकार बनाने का न्योता दिया। इससे पहले 12 नवंबर 2007 से 19 नवंबर 2007 (7 दिन) के लिए पहली बार, 30 मई 2008 से 31 जुलाई 2011 (3 साल 62 दिन) दूसरी बार और आज तीसरी बार फिरसे येदियुरप्पा कर्नाटक के मुख्यमंत्री बने।

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