केंद्र सरकारं ने किया 7 लाख करोड़ की योजना का खुलासा, 83000 किलोमीटर सड़को का विकास

आज कैबिनेट बैठक के बाद वित्त मंत्री अरुण जेटली द्वारा आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस जिसमे वित्त मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल थे, जहाँ उन्होंने देश की अर्थव्यवस्था की तारीफ के साथ-साथ ये भी बताया कि सरकार चुनौतियों से निबटने के लिए तैयार है। उन्होंने ये भी बताया कि भारतीय अर्थव्यवस्था सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। उन्होंने इस दौरान विभिन्न मुद्दों जैसे कि रेलवे के निजीकरण, वर्तमान बैंकिंग व्यवस्था, जीएसटी, बुनियादी सुविधाओं आदि के बारे में भी सरकार का रुख स्पष्ट किया और संकेत दिया कि आने वाले वक्त में काफी महत्वपूर्ण सुधार होने वाले है। उन्होंने  कहा कि सरकारी व्यय के जरिये आम आदमी के जीवन स्तर में सुधार लाने की कोशिश की गई है।

उन्होंने इस दौरान एक बड़ा एलान करते हुए कहा कि आने वाले अगले पांच वर्षों में लगभग 7 लाख करोड़ रुपयों से 83,000 किलोमीटर की सड़कों के विकास के लिए , सड़क निर्माण योजना कार्यान्वित की जाएगी। ‘भारत माला’ कार्यक्रम भी इसी योजना में शामिल है, जिसका उद्देश्य सीमाओं, तटीय इलाकों और बंदरगाहों से संपर्क में सुधार करना है। इन योजनाओ से रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।

केंद्र सरकार ने सरकारी बैंकों के लिए 2.11 लाख करोड़ की पुनः पंजीकरण योजना को मंजूरी दी है। और साथ ही आने वाले समय में बैंकिंग में काफी सुधार होने के संकेत दिए। ये भी बताया कि नोटबंदी के बाद सरकारी बैंकों के पास अब पर्याप्त मात्रा में कर्ज देने की क्षमता है।

रेलवे के बजट में आवंटित 1.31 लाख करोड़ जिसमे की 50,762 करोड़ रुपये रेलवे की सुरक्षा और आधुनिकीकरण के लिए खर्च किये जा चुके है। उन्होंने ये भी कहा कि रेलवे में अभी और भी सुधार लाये जाने की कोशिश जारी रहेगी। उन्होंने रेलवे के निजीकरण के बारे में कहा कि वो कब और कैसे होगा ये रेल-मंत्रालय का काम है।

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